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बेरहमी की सारी हदें पार: बाल पकड़कर पीटता, कान खींचता... पेन और चाबी चुभोता था शिक्षक, आरोपी को सजा

Sat, 16 Nov 2024 01:18 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 16 Nov 2024 01:18 PM IST
सार

15 और 16 नवंबर 2018 को ट्यूशन पढ़ाते समय शिक्षक बालक के बाल खींचता, पैन और बाइक की चाबी चुभोता नजर आया। उसकी अंगुलियों को दांतों से दबा रहा था, उसके पैर अपनी चप्पल से कुचल रहा था।

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cruelty of cruel teacher
शिक्षक को सजा - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

कक्षा दो के छात्र को पीटने के मामले में दोषी ठहराए गए शिक्षक ने बेरहमी की सारी हदें पा कर दी थीं। बालक के बाल पकड़कर पीटना, कान खींचना, यहां तक की अंगुलियां अपने दांतों के बीच रखकर दबा देता था। शुरू में पुलिस भी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तैयार नहीं थी और थाने से टरका दिया था। शिक्षक के भाई बालक के परिवार पर समझौते का दबाव बना रहे थे। 

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मामला साल 2018 का है। बालक हर समय डरा सहमा हुआ रहता था। परिजनों को चिंता हुई तो उन्होंने मनोचिकित्सक से परामर्श लिया, तब मनोचिकित्सक ने बताया कि बालक किसी बात से डर गया है। परिजनों बच्चे से पूछा भी लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया तो परिजनों ने उसकी गतिविधि जानने के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे। 
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15 और 16 नवंबर 2018 को ट्यूशन पढ़ाते समय शिक्षक बालक के बाल खींचता, पैन और बाइक की चाबी चुभोता नजर आया। उसकी अंगुलियों को दांतों से दबा रहा था, उसके पैर अपनी चप्पल से कुचल रहा था। इसके बाद घरवालों ने बालक से पूछा, वह इतना डरा सहमा था कि इसके बाद भी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं था। 
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बाद में उसे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाई गई और कहा गया कि अब यह शिक्षक उसे पढ़ाने नहीं आएगा, तब जाकर उसने शिक्षक द्वारा पीटे जाने की जानकारी दी। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने एसओ के थाने में नहीं होने की बात कहकर वापस भेज दिया। इसी बीच घटना का वीडियो भी वायरल हुआ। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी और अगले दिन आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया था।

मशीनों के शोर में दबकर रह जाती थीं बच्चे की चीखें

बच्चे को पढ़ाने के समय पिता ने शिक्षक से कहा था कि यदि यह नहीं पढ़े तो पीटना। ऐसा अक्सर हर अभिभावक करता है, लेकिन इस बात से बालक और भी डर गया। उसे लगा शिक्षक की शिकायत की तो उसकी और पिटाई होगी। बालक के पिता अमित कुमार के मकान के ग्राउंड फ्लोर पर कारखाना चलता था और  वहीं दफ्तर में शिक्षक बालक को ट्यूशन पढ़ाता था। मशीनों के शोर में बालक की चीखें और रोने की आवाज किसी को सुनाई नहीं देती थी।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर
पहले भी बच्चों के साथ हो चुकी हैं घटनाएं

  • सितंबर 2024 में एक निजी विद्यालय के यूकेजी के छात्र के कपड़े उतारकर करंट लगाया गया था। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच की, इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने इस मामले में जांच बिठा दी।
  • जुलाई 2024 में धनीपुर विकास खंड के एक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका ने एक छात्रा का बल्ले  से दांत तोड़ दिया। खंड शिक्षाधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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