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मीडियाकर्मियों पर हमला, ट्रक चढ़ाने की कोशिश

Fri, 06 May 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Fri, 06 May 2016 02:05 AM IST
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Transporter attack on media
ट्रांसपााटऱ्र्टर - फोटो : amar ujala
अलीगढ़। शाहकमाल रोड पर ट्रांसपोर्टर दीनानाथ यादव ने बृहस्पतिवार को पहले कैमरामैन और बाद में उसकी मदद को पहुंचे मीडियाकर्मियों पर हमला बोल दिया। शाहकमाल रोड पर कर चोरी संबंधी स्टोरी पर काम कर रहे फोटोग्राफर द्वारा फोटो खींचे जाने पर वह इस कदर गुंडई पर उतर आया कि उसने फोटोग्राफर को जमकर पीटा और बेटे आदि की मदद से उसका मोबाइल, बाइक छीन लिया। फिर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की। बीचबचाव में आए एक अन्य मीडियाकर्मी की भी पिटाई की गई। पुलिस को आते देख हमला करने वाले वहां से खिसक गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
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फोटोग्राफर महीपाल सिंह कर चोरी के माल की लोडिंग-अनलोडिंग संबंधी फोटो खींचने शाहकमाल रोड गए थे। जहां उन्हाेंने दीनानाथ यादव की अवैध ट्रांसपोर्ट के बाहर खड़े ट्रक से माल उतरते फोटो खींचा तो यह देख दीनानाथ और उसका बेटा शैलेंद्र उर्फ शीलू भड़क गए। उसके बाद उन्हाेंने महीपाल से मारपीट शुरू कर दी। जब महीपाल ने मदद के लिए फोन करना चाहा तो फोन व बाइक तक छीन ली गई। फिर उन्हें जमीन पर बैठाकर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की गई। इसी बीच महीपाल के साथ गए फोटोग्राफर नितिन ने इसकी सूचना अपने साथियों व पुलिस को दे दी। दीनानाथ और उसके लोग हाथों डंडे, सरिया लेकर उपद्रव की स्थिति में आ गए।
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सूचना मिलने पर पहले लैपर्ड और फिर एसओ गांधीपार्क संजय पांडेय मौके पर पहुंच गए। उन्हें आता देख दीनानाथ व उसके लोग वहां से भाग खड़े हुए। इस दौरान पुलिस ने दो नौकरों को हिरासत में ले लिया। तलाशी में एक नौकर के पास से महीपाल की बाइक की चाभी भी मिल गई। बाइक कैंपस में खड़ी थी। मगर मोबाइल नहीं मिला। नौकर के अनुसार, मोबाइल दीनानाथ अपने साथ ले गए। इस संबंध में महीपाल सिंह की तहरीर पर जानलेवा हमला, लूट आदि धाराओं में गांधीपार्क में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। एसओ के अनुसार, आरोपी की तलाश की जा रही है।
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मददगार दो सिपाहियों में एक लाइन हाजिर
अलीगढ़। इस प्रकरण में गांधीपार्क की बस स्टैंड चौकी के दो सिपाहियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इस बात के प्रमाण इलाके के थाना प्रभारी को भी मिले हैं। पिटाई की सूचना देने पर जब लैपर्ड पहुंची तो दीनानाथ यादव व उसके बेटे आदि के मीडियाकर्मियों पर हमलावर होते देखने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। इसके साथ यह भी आरोप है कि एसओ के आने की खबर पर एक अन्य सिपाही ने दोनों पिता-पुत्र कोे वहां से जाने का इशारा किया। फिर थाने में एक सिपाही ने सरगना के खिलाफ दी गई तहरीर की फोटोकॉपी की फोटो मोबाइल के जरिये लेकर उसे उस तक पहुंचाई। यह देख खुद एसओ चौंक गए। इस प्रकरण में देर रात एसएसपी जे रविंद्र गौड़ के निर्देश पर सिपाही जसवीर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

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सत्ता और पुलिस की पैंठ के गुरूर में सरगना
हमेशा चर्चाओं में रहने वाले दीनानाथ को सत्ता और पुलिस की पैंठ का गुरूर है। आलम यह है कि उसका बेटा सत्ताधारी दल के नेताओं के साथ उठता बैठता है । सपा का झंडा भी उसकी गाड़ी में लगा है। अवैध कारोबार से होने वाली कमाई का हिस्सा पुलिस के निचले स्तर तक पहुंचता है।
 
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