{"_id":"39abd837cc368684c0bb5aef8cc55cb5","slug":"three-police-stations-involved-in-a-scooty-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक स्कूटी में उलझी तीन थानों की पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक स्कूटी में उलझी तीन थानों की पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो/ अलीगढ़।
Updated Sun, 07 Feb 2016 01:36 AM IST
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जेल रोड फाटक बंद होने के बाद भी लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कूटी ने तीन थानों की पुलिस को उलझाकर रख दिया है। आरपीएफ से शुरू हुआ किस्सा बन्नादेवी होते हुए अब गांधीपार्क पहुंच गया है। फिलहाल स्कूटी को एक दुकान पर सही होते समय गांधीपार्क पुलिस ने जब्त कर लिया है। फिलहाल मामले में यह खोजबीन की जा रही है कि आखिर हकीकत क्या है।
वाकया 28 जनवरी से शुरू हुआ। जब एक युवती ट्रैक पार कर रही थी और ट्रेन आ गई। युवती स्कूटी छोड़कर भाग गई और स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। उस समय खबर पर आरपीएफ टीम मौके पर पहुंची और स्कूटी को अपने साथ थाने ले आई। उधर, युवती की ओर से स्कूटी चोरी की तहरीर बन्नादेवी थाने में दे दी गई। इसके बाद चार दिन पहले स्कूटी को आरपीएफ से सही कराने के नाम पर धनीपुर के पास ले जाया गया।
जहां खबर मिली कि स्कूटी पर दूसरी बॉडी लगवाई जा रही है। इसी बीच किसी ने खबर गांधीपार्क पुलिस को दे दी। जहां से गांधीपार्क पुलिस पहुंचकर स्कूटी अपने थाने ले आई। इसे लेकर चर्चा है कि बन्नादेवी में जो तहरीर दी गई, उसमें स्कूटी का नंबर बदलकर लिखा गया था। फिलहाल इस मामले में गांधीपार्क पुलिस जांच कर रही है कि आखिर हकीकत क्या है। कहीं स्कूटी चोरी की तो नहीं है। एसओ के अनुसार जांच के बाद ही कहा जा सकेगा।
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वाकया 28 जनवरी से शुरू हुआ। जब एक युवती ट्रैक पार कर रही थी और ट्रेन आ गई। युवती स्कूटी छोड़कर भाग गई और स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। उस समय खबर पर आरपीएफ टीम मौके पर पहुंची और स्कूटी को अपने साथ थाने ले आई। उधर, युवती की ओर से स्कूटी चोरी की तहरीर बन्नादेवी थाने में दे दी गई। इसके बाद चार दिन पहले स्कूटी को आरपीएफ से सही कराने के नाम पर धनीपुर के पास ले जाया गया।
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जहां खबर मिली कि स्कूटी पर दूसरी बॉडी लगवाई जा रही है। इसी बीच किसी ने खबर गांधीपार्क पुलिस को दे दी। जहां से गांधीपार्क पुलिस पहुंचकर स्कूटी अपने थाने ले आई। इसे लेकर चर्चा है कि बन्नादेवी में जो तहरीर दी गई, उसमें स्कूटी का नंबर बदलकर लिखा गया था। फिलहाल इस मामले में गांधीपार्क पुलिस जांच कर रही है कि आखिर हकीकत क्या है। कहीं स्कूटी चोरी की तो नहीं है। एसओ के अनुसार जांच के बाद ही कहा जा सकेगा।
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