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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   The question on the disclosure of truck driver murder

ट्रक चालक हत्याकांड के खुलासे पर सवाल

Wed, 17 Feb 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 17 Feb 2016 01:04 AM IST
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अलीगढ़। महानगर के रामघाट रोड पीएसी इलाके में रविवार शाम ट्रक चालक की सफारी सवार दबंग द्वारा हत्या के मामले में मंगलवार को नया मोड़ आ गया है। पुलिस पर आरोप लग रहा है कि जिन तीन लोगों को जेल भेजा गया है, उनका दूर-दूर तक इस हत्या में कोई नाता नहीं है। बल्कि फरार चल रहे मुख्य आरोपी और उसके सरपरस्तों के इशारे पर पुलिस मुकदमे को कमजोर करने के इरादे से यह कहानी रच रही है। दो दर्जन से ज्यादा महिलाएं व पुरुष इस मामले में मंगलवार को एसएसपी से मिलने पहुंचे। मगर मुलाकात न होने के कारण बुधवार को आने की कहकर लौट गए।

हरदुआगंज के गांव किढ़ारा निवासी डिगंबर सिंह आदि का कहना था कि तीन दिन पूर्व उनका भाई रेशमपाल जो कि तालसपुर पुलिया पर मेडिकल स्टोर चलाता है। वह एक मांगी हुई इंडिका कार संख्या यूपी 81 एक्यू 5092 में सवार होकर अपने बेटों संग बरकातपुर से लौट रहे थे। तभी वहां सफारी की तलाश में पहुंची पुलिस ने इंडिका को रुकवाया। उसमें चूंकि लाइसेंसी रायफल मौजूद थी, इसलिए हत्या का आरोप लगाते हुए हमें सफारी में बैठा दिया। हमारे इस तर्क को दरकिनार कर दिया कि हमारी रंजिश चल रही है, इसलिए हथियार रखते हैं। इनका कहना है कि पुलिस ने रेशमपाल व एक नाबालिग बेटे को क्यों छोड़ दिया। तीसरा सादाबाद के जिस युवक को हमारे बेटों के साथ जेल भेजा है, वह हमारा विपक्षी है। हम उसके साथ मिलकर क्यों घटना करेंगे। गौरव जो कि मुख्य आरोपी है, उसे लोगों ने अपने साथ एक अन्य युवक के साथ गोली चलाते देखा है। उससे भी रिश्ते बेहतर नहीं हैं। फिर भी पुलिस हमारी सुनने को तैयार नहीं है। वह इंडिका भी क्वार्सी थाने में खड़ी है, जो हमारे लोगों से बरामद हुई। इसलिए मामले में निष्पक्ष जांच कराने व निर्दोषों को न्याय दिलाने का अनुरोध करने यह लोग आए थे।

--बॉक्स--

गिफ्ट पैक वाला थाने आया, फिर चला गया

इस बात की खासी चर्चाएं हैं कि घटना के बाद जब पुलिस ने सफारी को बरामद किया तो उसमें एक गिफ्ट पैक पुलिस को मिला था। वह गिफ्ट पैक उस व्यक्ति का था जो घटना से चार दिन पहले सफारी मांगकर ले गया था। उसका गिफ्ट पैक गलती से गाड़ी में रह गया। पैक पर उसका नाम लिखा था। वह व्यक्ति थाने बुलाया गया। फिर उसे चलता कर दिया गया। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं।

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-जो लोग घटना के खुलासे पर सवाल उठा रहे हैं। वह अभी हमसे नहीं मिले। हमारे पास सभी साक्ष्य हैं, जिन्हें हमने जांच परखकर ही कार्रवाई की है। फिर भी जो लोग अपनी बात कह रहे हैं, उन्हें अधिकार है। इसे जांच में शामिल किया जाएगा। रहा सवाल गौरव आदि की गिरफ्तारी का तो इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं। बाकायदा क्यूआरटी व पीएसी के साथ आस-पास दबिश दी जा रही हैं। रात को भी एक सूचना के आधार पर इलाके में दबिश दी गई थी। मगर वह बचकर निकल गए। जल्द ही गिरफ्तारी होगी।-राजीव सिंह सीओ तृतीय

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