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मूक बधिर संग दुष्कर्म के दाेषी पुजारी को उम्रकैद
Sun, 20 Feb 2022 01:24 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 20 Feb 2022 01:24 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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महानगर के किशनपुर इलाके में मूकबधिर किशोरी संग दुष्कर्म के दाेषी पुजारी को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा व 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे विशेष पॉक्सो प्रथम के न्यायाधीश ओमवीर की अदालत से सुनाया गया है। खास बात है कि आरोपी मौके पर पकड़ा गया था और किशोरी के इशारों को मूकबधिर अनुवादक ने भी पुष्ट किया था। जिसके आधार पर न्यायालय से सख्त फैसला सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार वाकया 25 जून 2016 की रात का है। जिसका मुकदमा किशोरी के पिता ने 26 जून को क्वार्सी थाने में दर्ज कराया। मुकदमे में आरोप है कि उसकी 11/12 वर्षीय मूकबधिर बेटी मोहल्ले में ही मंदिर के पास शाम करीब सात बजे खेल रही थी। तभी मंदिर पुजारी मूल रूप से बदायूं उझानी के गांव नियोनइया का बाबा अखलेश्वर उसे फुसलाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म करने लगा।
इसी बीच परिजन बेटी को खोजते हुए मंदिर पर पहुंचे तो बच्ची संग हरकत करते दाेषी को मौके पर ही दबोच लिया। खबर पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया। दौरान-ए-जांच किशोरी ने बताया कि एक माह पहले भी बाबा ने उसके साथ इसी तरह की हरकत की थी। मुकदमा, गिरफ्तारी, मेडिकल परीक्षण आदि के आधार पर चार्जशीट दायर कर दी गई।
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न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान मूकबधिर अनुवादक की मदद से साक्ष्य व गवाही कराई गई, जिसमें बच्ची द्वारा लगाए गए पहली बार के व घटना वाले दिन के आरोपों की पुष्टि हुई। जिसके आधार पर न्यायालय ने दाेषी को उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में निर्देश दिए है कि जुर्माना राशि पीड़ित बच्ची को सौंपी जाए।
नहीं मानी गई बचाव पक्ष की दलील
विशेष लोक अभियोजक द्वय संजय शर्मा व लव कुमार बंसल के अनुसार हालांकि घटना वाले दिन हुए घटनाक्रम व उससे पहले के घटनाक्रम को लेकर बच्ची के बयान व मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर की राय के आधार पर सजा सुनाई गई है। हालांकि बचाव पक्ष की ओर से 70 वर्षीय बुजुर्ग होने व साजिश के तहत फंसाने की दलील दी गई।
किशोरी संग दुष्कर्म के आरोपी को सात साल की सजा
एडीजे विशेष पॉक्सो द्वितीय की न्यायाधीश शिवानी सिंह के न्यायालय से भी किशोरी संग दुष्कर्म के आरोपी को सात साल कैद व 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक रघुवंश शर्मा के अनुसार गंगीरी में 5 फरवरी 2017 को मुकदमा दर्ज कराया गया। पीड़ित 16 वर्षीय किशोरी कंडा लेने गई थी। तभी उसके साथ आरोपी भोगीपुर निवासी रूपेंद्र ने दुष्कर्म किया। मामले में आरोपी को जेल भेजा गया। चार्जशीट पर हुए सत्र परीक्षण में आरोपी को सात साल कैद व 21 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में पचास फीसदी राशि पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार वाकया 25 जून 2016 की रात का है। जिसका मुकदमा किशोरी के पिता ने 26 जून को क्वार्सी थाने में दर्ज कराया। मुकदमे में आरोप है कि उसकी 11/12 वर्षीय मूकबधिर बेटी मोहल्ले में ही मंदिर के पास शाम करीब सात बजे खेल रही थी। तभी मंदिर पुजारी मूल रूप से बदायूं उझानी के गांव नियोनइया का बाबा अखलेश्वर उसे फुसलाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म करने लगा।
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इसी बीच परिजन बेटी को खोजते हुए मंदिर पर पहुंचे तो बच्ची संग हरकत करते दाेषी को मौके पर ही दबोच लिया। खबर पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया। दौरान-ए-जांच किशोरी ने बताया कि एक माह पहले भी बाबा ने उसके साथ इसी तरह की हरकत की थी। मुकदमा, गिरफ्तारी, मेडिकल परीक्षण आदि के आधार पर चार्जशीट दायर कर दी गई।
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न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान मूकबधिर अनुवादक की मदद से साक्ष्य व गवाही कराई गई, जिसमें बच्ची द्वारा लगाए गए पहली बार के व घटना वाले दिन के आरोपों की पुष्टि हुई। जिसके आधार पर न्यायालय ने दाेषी को उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में निर्देश दिए है कि जुर्माना राशि पीड़ित बच्ची को सौंपी जाए।
नहीं मानी गई बचाव पक्ष की दलील
विशेष लोक अभियोजक द्वय संजय शर्मा व लव कुमार बंसल के अनुसार हालांकि घटना वाले दिन हुए घटनाक्रम व उससे पहले के घटनाक्रम को लेकर बच्ची के बयान व मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर की राय के आधार पर सजा सुनाई गई है। हालांकि बचाव पक्ष की ओर से 70 वर्षीय बुजुर्ग होने व साजिश के तहत फंसाने की दलील दी गई।
किशोरी संग दुष्कर्म के आरोपी को सात साल की सजा
एडीजे विशेष पॉक्सो द्वितीय की न्यायाधीश शिवानी सिंह के न्यायालय से भी किशोरी संग दुष्कर्म के आरोपी को सात साल कैद व 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक रघुवंश शर्मा के अनुसार गंगीरी में 5 फरवरी 2017 को मुकदमा दर्ज कराया गया। पीड़ित 16 वर्षीय किशोरी कंडा लेने गई थी। तभी उसके साथ आरोपी भोगीपुर निवासी रूपेंद्र ने दुष्कर्म किया। मामले में आरोपी को जेल भेजा गया। चार्जशीट पर हुए सत्र परीक्षण में आरोपी को सात साल कैद व 21 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में पचास फीसदी राशि पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।