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एबीवीपी कार्यकर्ताओं से पुलिस की भिड़ंत, हंगामा, सड़क जाम

Tue, 27 Nov 2018 02:18 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Tue, 27 Nov 2018 02:18 AM IST
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Police clash, commotion, road jamming from ABVP workers
पुलिस प्रशासन का पुतला जलाकर प्रदर्शन करते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी। - फोटो : Amar Ujala
 महानगर के जीटी रोड अचल मंदिर के बाहर रामलीला मैदान चौराहे पर सोमवार देर शाम वाहन चेकिंग कर रहे एएसपी, सीओ द्वितीय नीरज जादौन की एबीवीपी कार्यकर्ताओं से भिड़ंत ने बखेड़ा खड़ा करा दिया। यहां सीओ पर सिफारिश में आए परिषद के प्रदेश मंत्री को गाड़ी में ठूंसने और परिषद कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है। 
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  इसके बाद गुस्साए परिषद कार्यकर्ता पुलिस के खिलाफ  हंगामा करते जीटी रोड पर आ गए और जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। वह सीओ व उनके हमराह सिपाहियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे। खबर पर भाजपा के शहर, कोल व छर्रा विधायक, पूर्व मेयर, महानगर अध्यक्ष सहित तमाम भाजपाई भी धरना स्थल पर पहुंचकर परिषद कार्यकर्ताओं संग धरने पर बैठ गए थे। सभी एक स्वर में तत्काल सीओ को हटाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान एसपी देहात से धक्का-मुक्की और खींचतान तक हो गई। बाद में डीएम ने पहुंचकर हंगामा शांत कराते हुए व धरना खत्म कराया। उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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वाकये के अनुसार नवागत सीओ द्वितीय, एएसपी नीरज जादौन व इंस्पेक्टर गांधी पार्क वीरेंद्र सिंह इंदौलिया हमराही टीम संग फ्लैग मार्च की शक्ल में हेलमेट जागरूकता के लिए वाहन चेकिंग करते हुए रामलीला मैदान जीटी रोड से अचल रोड की ओर जा रहे थे। इस दौरान जो भी वाहन मिल रहा था, उसकी चाभी निकालकर उसे हेलमेट लेकर आने और वाहन व चाभी ले जाने की हिदायत दी जा रही थी। इसी बीच अचल रोड पर एबीवीपी कार्यकर्ता शीटू चौधरी व अमित गोस्वामी एक मेडिकल स्टोर पर दवा खरीद रहे थे। रोड पर उनकी बाइक खड़ी थी और सीओ ने उनकी बाइक की चाभी भी निकाल ली। जहां उन्होंने इसका विरोध किया और तर्क रखा कि आप उनका चालान काट दें, वह जुर्माना भरने को तैयार हैं। मगर इस तरह चाभी न रखें। इसके बाद भी वह नहीं माने और आगे हाथरस हड्डा होते हुए वापस पालीवाल रोड होकर अचल ताल चौराहे पर आकर खड़े हो गए। जहां उनकी इस कार्रवाई को लेकर काफी संख्या में लोग जमा थे। इसी बीच यह खबर अचल मंदिर के बगल में अंदर परिषद कार्यालय में मौजूद प्रदेश मंत्री योगेंद्र वर्मा व कुछ अन्य कार्यकर्ताओं तक पहुंची तो वह भी बाहर आ गए और सीओ से इस तरह चाभी छीनने पर ऐतराज जताया। 
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आरोप है कि इसी बीच सीओ प्रदेश मंत्री पर बिफर गए और योगेंद्र वर्मा व अमित गोस्वामी आदि कार्यकर्ताओं सहित गाड़ी में ठुंसवा दिया। परिषद कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इसके बाद सीओ के इशारे पर सिपाही परिषद कार्यालय में यह कहते हुए घुस गए कि यहां अब गुंडई का अड्डा नहीं चलने दिया जाएगा। इसके बाद अंदर सामान फेंकते हुए भारत माता, स्वामी विवेकानंद आदि की तस्वीरें तक फेंक दीं। बस फिर क्या था, कार्यकर्ता उत्तेजित हो गए और पुलिस की गाड़ी से उतरकर हंगामा करते हुए सीओ की गाड़ी के सामने जीटी रोड पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। कुछ ही देर में यह खबर शहर में जंगल की आग की तरह फैल गई। भाजपा नेताओं सहित शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, छर्रा विधायक रवेंद्रपाल सिंह, पूर्व मेयर शकुंतला भारती, राजीव अग्रवाल, श्यौराज सिंह, सुनील पांडेय, भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, वरिष्ठ नेता मानवेंद्र प्रताप सिंह, मानव महाजन, अतुल राजाजी, युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष निखिल माहेश्वरी, चंद्रमणि कौशिक आदि तमाम भाजपाई भी पहुंच गए और धरने में शामिल हो गए। सभी एक स्वर में तत्काल सीओ व इंस्पेक्टर को हटाने व दुर्व्यवहार में शामिल रहे उनके हमराही सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। शहर भर के थानों का पुलिस बल, कई सीओ व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उन्हें समझाने में लगे थे।



इस दौरान एसपी देहात मणीलाल पाटीदार से कुछ कार्यकर्ताओं की नोकझोंक होने पर उनके साथ धक्का-मुक्की व खींचतान तक हो गई। उन्हें किसी तरह सुरक्षा घेरे में लेकर पुलिसकर्मियों ने बाहर निकाला। इसी बीच यहां सीओ द्वितीय का पुतला भी फूंका गया। बाद में पहुंचे डीएम चंद्रभूषण सिंह ने भाजपाइयों को समझाकर शांत किया। हमराही सिपाहियों पर तत्काल लाइन हाजिर करने की कार्रवाई, एक सिपाही संजीव बाल्यान के निलंबन का भरोसा दिया। साथ में सीओ, इंस्पेक्टर के खिलाफ  कार्रवाई के लिए एडीएम सिटी को जांच सौंपी, जिसमें 24 घंटे में रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। रात करीब साढे़ दस बजे धरना खत्म हुआ।


 

बाइक चेकिंग के दौरान हुए विवाद पर यह विवाद हुआ था। मामले में जांच एडीएम सिटी को सौंपी गई है। वह 24 घंटे में अपनी रिपोर्ट देंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कुछ हमराही पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। अब हंगामा शांत है।
- चंद्रभूषण सिंह जिलाधिकारी

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