पूर्व मंत्री के करीबी की हत्या को आए तीन शूटर गिरफ्तार
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पूर्व मंत्री के करीबी की हत्या को आए तीन शूटर गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। पश्चिमी यूपी में पांच बड़ी हत्याओं की सुपारी लेकर घूम रहे एनसीआर के कुख्यात अनिल दुजाना-बलराम भाटी गैंग के तीन शार्प शूटर गभाना से दबोचे गए हैं। बृहस्पतिवार को एसटीएफ नोएडा यूनिट को यह सफलता उस वक्त मिली, जब वह पूर्व मंत्री ठा. जयवीर सिंह के करीबी गभाना के ही महेंद्र फौजी की हत्या के इरादे से घूम रहे थे। गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हुए हैं, वह वाकई चौंकाने वाले हैं। इन तीनों ने मिलकर महेंद्र फौजी पर बुधवार दुपहर फायरिंग भी की। मगर फौजी उस हमले में बच गया। तब तक खुद फौजी व इलाका पुलिस को यह उम्मीद न थी कि यह हमला इस तरह के शूटरों ने किया है। देर रात तीनों शूटर विनोद, नागेश, विशाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक के अनुसार नोएडा यूनिट को एनसीआर व आसपास के जनपदों में अनिल दुजाना व बलराम भाटी-बलराज भाटी गैंग के शार्प शूटरों की गतिविधियों को लेकर सूचनाएं मिल रही थीं। इस सूचना के आधार पर दो टीमें लगाई गईं। इनमें एक टीम गभाना में गांव चांदपुर के आसपास बुधवार रात से डेरा डाले थी, जबकि एक टीम लोनी गाजियाबाद में सक्रिय हुई। इसी बीच यहां लगी टीम ने बृहस्पतिवार दुपहर दौरऊ मोड़ के पास मुठभेड़ के बाद बाइक सवार तीन बदमाश दबोच लिए गए। बदमाशों ने अपने नाम विशाल उर्फ शैलू पुत्र अशोक जाट, निवासी बिलसूरी, थाना सिकंदराबाद, बुलंदशहर,नागेश जाट उर्फ बिल्लौरी पुत्र मनवीर सिंह, निवासी नीमका, थाना जेवर, गौतमबुद्धनगर, विनोद उर्फ मुखिया पुत्र धर्म सिंह, निवासी कस्बा व थाना किला परीक्षतगढ़ जिला मेरठ बताए । तीनों ने पूछताछ में स्वीकारा कि वह गभाना निवासी महेंद्र फौजी की हत्या के लिए तीन दिन से यहां रुके हुए हैं। पहला हमला मंगलवार को होना था। मगर सफल नहीं हुए। बुधवार दुपहर गभाना तहसील से वापस लौटते समय महेंद्र फौजी पर हमला किया गया। उस हमले में वह बच गए। अब फिर से हमले की रैकी चल रही थी। बरामद बाइक यूपी 81 एटी 5925 यामाहा एफजैड भी अलीगढ़ से ही इसी हत्या के लिए विनोद की मदद से चोरी की गई थी।