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एनआरएचएम घोटाले के आरोपी डॉक्टर की मौत की गुत्थी उलझी

Mon, 09 Nov 2015 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़ Updated Mon, 09 Nov 2015 01:49 AM IST
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एनआरएचएम घोटाले के आरोपी और मेरठ जिला अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार की चलती ट्रेन में हार्ट अटैक से मौत की गुत्थी उलझ गई है। तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में किसने भर्ती कराया, परिजनों के इस सवाल का जवाब अस्पताल प्रशासन के पास नहीं है। परिजनों ने इस पूरे प्रकरण को संदिग्ध माना है। वे यहां डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने आए थे।
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मेरठ जिला अस्पताल के पूर्व सीएमएस डॉ.सतीश कुमार एनआरएचएम घोटाले के आरोपी थे और जमानत पर रिहा होने के बाद अपनी बहाली के लिए प्रयासरत थे। इसी बीच 1 नवंबर की रात गाजियाबाद से इलाहाबाद जाते समय नीलांचल एक्सप्रेस में उनकी तबियत बिगड़ी। उन्होंने अपने परिचित किसी कॉर्डियोलाजिस्ट को फोन मिलाया। बाद में पता चला कि उन्होंने 108 सेवा का नंबर मिलाकर अलीगढ़ स्टेशन पर एंबुलेंस बुलाई। मगर वहां से उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में कौन भरती करा गया। इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। शनिवार को इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट व इमजरेंसी पर उस रात मौजूद स्टाफ से जानकारी लेने आए परिजनों को भी इस सवाल का जवाब नहीं मिला। जब डॉ. सतीश का भर्ती मीमो चेक किया गया तो पता चला कि उसमें भी भर्ती कराने का नाम पता दर्ज नहीं है। बल्कि मीमो के बाद रसलगंज चौकी से आए सिपाही राजकुमार के सामने उन्हें मृत घोषित कर शव मोरचरी में रखवाया गया है। इसके बाद परिजनों ने स्टाफ से जानकारी की और जिला अस्पताल के सीसीटीवी को भी घंटों तक देखा। मगर किसी तरह की जानकारी नहीं मिल सकी। इसे लेकर परिजन संदेह जता रहे हैं कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि एक व्यक्ति की मौत हुई और उसने 108 सेवा की मदद ली। इसके बाद भी अज्ञात व्यक्ति भर्ती करा गया।
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