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24 घंटे की पूछताछ में नहीं मिला कोई सबूत, इंजीनियर को छोड़ा
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:29 AM IST
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24 घंटे की पूछताछ में नहीं मिला कोई सबूत, इंजीनियर को छोड़ा
- फोटो : Rupesh
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रेलवे स्टेशन पर रविवार को दबोचा गया बुर्कानशीं इंजीनियर अब खुफिया निगहबानी में रहेगा। हालांकि एजेंसियों को लगातार 24 घंटे की पड़ताल और पूछताछ के बाद उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। जिस कारण उसे छोड़ दिया गया। उसके समर्थन में आए साथी इंजीनियरों ने कहा कि मधुमेह रोगी इंजीनियर फोबिया का शिकार है।
रविवार को स्टेशन पर पकड़े गए कासिमपुर पावर हाउस के अधिशासी अभियंता नजमुल हसन पुत्र अब्दुल हसन निवासी सुल्तानगढ़ पटना बिहार से 24 घंटे तक आईबी, एटीएस, सीआईएसएफ, जीआरपी आदि ने पूछताछ की। उसने यही बताया कि वह 30 जून को पटना से परिवार को छोड़कर लौट रहा था।
प्लेटफार्म पर उतरते समय उसका झगड़ा हुआ था। उन लोगों ने मारपीट के बाद उसे धमकी दी थी। इससे वह दहशत में था। वह मधुमेह रोगी है और दिन में तीन-तीन बार दवाएं खाता है। फोबिया का भी शिकार है। अब वह दिल्ली एम्स में भर्ती ममेरे भाई को देखने जा रहा था। उसने यहां पार्किंग में बाइक खड़ी की और धमकी को ध्यान में रखकर डर के कारण बुर्का पहन लिया। गहन पूछताछ के बाद भी कोई सबूत न मिलने पर एजेंसियां इंजीनियर को पावर हाउस ले गईं। वहां साथी व पड़ोसी इंजीनियरों ने उसके शरीफ होने की वकालत की।
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बिना टिकट में कार्रवाई
जीआरपी एसओ सत्यप्रकाश के अनुसार इंजीनियर के खिलाफ प्लेटफार्म पर बिना टिकट कार्रवाई की गई है। उसकी सुपुर्दगी अबूजर आदि साथियों को दी गई है। एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर नजर रखेंगी। एटीएस के स्थानीय प्रभारी हेमेंद्र सिंह का कहना है कि जांच जारी रहेगी, जिसे पूरा होने में एक-दो दिन लगेंगे।
योगी से करेंगे शिकायत
भाजयुमो नेता योगेश वार्ष्णेय का कहना है उसकी तहरीर जीआरपी ने जीडी में दर्ज कर उसकी प्रति वापस दे दी है। मगर जीआरपी व आरपीएफ की लापरवाही उजागर हुई है। अगर इसी तरह कोई आतंकी वारदात करके चला जाता तो जीआरपी क्या करती। स्टेशन पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत करेंगे।
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रविवार को स्टेशन पर पकड़े गए कासिमपुर पावर हाउस के अधिशासी अभियंता नजमुल हसन पुत्र अब्दुल हसन निवासी सुल्तानगढ़ पटना बिहार से 24 घंटे तक आईबी, एटीएस, सीआईएसएफ, जीआरपी आदि ने पूछताछ की। उसने यही बताया कि वह 30 जून को पटना से परिवार को छोड़कर लौट रहा था।
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प्लेटफार्म पर उतरते समय उसका झगड़ा हुआ था। उन लोगों ने मारपीट के बाद उसे धमकी दी थी। इससे वह दहशत में था। वह मधुमेह रोगी है और दिन में तीन-तीन बार दवाएं खाता है। फोबिया का भी शिकार है। अब वह दिल्ली एम्स में भर्ती ममेरे भाई को देखने जा रहा था। उसने यहां पार्किंग में बाइक खड़ी की और धमकी को ध्यान में रखकर डर के कारण बुर्का पहन लिया। गहन पूछताछ के बाद भी कोई सबूत न मिलने पर एजेंसियां इंजीनियर को पावर हाउस ले गईं। वहां साथी व पड़ोसी इंजीनियरों ने उसके शरीफ होने की वकालत की।
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बिना टिकट में कार्रवाई
जीआरपी एसओ सत्यप्रकाश के अनुसार इंजीनियर के खिलाफ प्लेटफार्म पर बिना टिकट कार्रवाई की गई है। उसकी सुपुर्दगी अबूजर आदि साथियों को दी गई है। एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर नजर रखेंगी। एटीएस के स्थानीय प्रभारी हेमेंद्र सिंह का कहना है कि जांच जारी रहेगी, जिसे पूरा होने में एक-दो दिन लगेंगे।
योगी से करेंगे शिकायत
भाजयुमो नेता योगेश वार्ष्णेय का कहना है उसकी तहरीर जीआरपी ने जीडी में दर्ज कर उसकी प्रति वापस दे दी है। मगर जीआरपी व आरपीएफ की लापरवाही उजागर हुई है। अगर इसी तरह कोई आतंकी वारदात करके चला जाता तो जीआरपी क्या करती। स्टेशन पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत करेंगे।