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फार्म हाउस में 50 लाख था निशाना..बस अचानक लूटी
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Tue, 24 Jan 2017 02:18 AM IST
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बुलंदशहर कांड की तर्ज पर शनिवार रात यमुना एक्सप्रेस वे से सटे पूर्व डीआईजी के फार्म हाउस पर डकैती और एक्सप्रेस वे पर बस में डाके ने पुलिस के साथ-साथ इलाके के लोगों को हिलाकर रख दिया है। पुलिस बस एक सवाल पर आकर टिक गई है कि आखिर इस फार्म हाउस में 50 लाख की रकम होने या आने की खबर बदमाशों तक कहां से पहुंची होगी। अगर यह खबर फार्म हाउस के अंदर से निकली है तो निश्चित तौर पर बदमाश आसपास के ही हैं और उनका निशाना फार्म हाउस में डकैती डालना था। जाते समय बस तो अचानक मिल गई और उसे लूट लिया गया। फिलहाल पुलिस आसपास के अपराधियों को रडार पर लिए हुए है और मॉडस अपरेंडी के आधार पर कुछ गैंगों को भी निशाने पर लिए हुए है।
शनिवार रात हिमाचल कैडर के नोएडा निवासी सेवानिवृत्त डीआईजी आरके सिंह का टप्पल थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस वे के सहारे गांव जिकरपुर के पास स्थित फार्म हाउस में बदमाशों ने डाका डाला था। यहां दो साल से बतौर चौकीदार तैनात मथुरा के नौहझील क्षेत्र के गांव अवाखेड़ा का रंजीत और दूसरे चौकीदार युवक की पत्नी (32), बेटा (11), बेटी (9) के अलावा 18 वर्षीय पत्नी की भांजी भी को बंधक बनाकर लूटा था। इस दौरान महिला व युवती को बेरहमी से टॉर्चर था और बच्चों को भी पीटा था। बाद में सभी को बंधक बनाकर जो भी मिला उसे लूट ले गए थे। इस कई घंटे तक हुई इस लूट के दौरान बदमाश सभी से एक ही बात पूछते रहे कि वह 50 लाख रुपये कहां हैं, जो आए थे। यहां से जाते समय बदमाशों ने दिल्ली से लखनऊ जा रही उस बस के यात्रियों को लूटा था, जिसका टायर पंचर होने के कारण वह खड़ी थी। उसमें दो यात्रियों को गोली मारी गई थी।
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चार टीमें लगाकर खुलासे में जुटी पुलिस
इस वारदात के बाद आईजी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच, सर्विलांस, टप्पल व खैर थाने की चार टीमें खुलासे में जुटी हैं। खुद एसएसपी व एसपी देहात खुलासा टीमों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। सोमवार को दिन भर क्राइम ब्रांच की टीम फार्म हाउस पर रहीं और पीड़ितों से बारीकियों से पूछताछ में एक ही सवाल था कि आखिर 50 लाख की सूचना बदमाशों तक कैसे पहुंची होगी। अगर अंदर से गई है तो आखिर क्यों? हालांकि हर सवाल पर एक ही जवाब मिलता है कि यहां ठेकेदार निर्माण करा रहा है, उसके द्वारा हमको मासिक वेतन दिया जाता है। इसके सिवाय किसी तरह की रकम आने जाने का कोई मतलब नहीं बनता।
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कुछ छिपा रहे या कुछ बनवाटी तो नहीं
पूछताछ के बाद पुलिस जिस नतीजे पर पहुंची है, उस पर अगर गौर करें तो या तो पीड़ित कुछ छिपा रहे हैं। अंदेशा है कि कहीं यहां नोटबंदी के दौर में बाहर से रकम का आना जाना तो नहीं रहा। हो सकता हे कि इसी बीच यह रकम आई गई हो और किसी माध्यम से बदमाशों तक सूचना पहुंची हो। या फिर पीड़ित कुछ बनावटी बातें पैदा कर रहे हों।
मजदूर, चौकीदार, बस स्टाफ सर्विलांस पर
इस डकैती के बाद अब तक के नीतजे पर पहुंची पुलिस ने फार्म हाउस में काम कर रहे मजदूर, चौकीदार के अलावा बस स्टाफ, आसपास के खेतों वाले श्रमिक, किसान आदि सभी सर्विलांस पर आ गए हैं। उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। मॉडस अपरेंडी के आधार पर मेवाती गैंगों को भी निशाने पर लिया गया है।
दूसरे दिन खाना खाया, इलाज भी कराया
टॉर्चर पीड़ित महिला की हालत अभी दुरुस्त नहीं है। युवती जरूर खुद ही चल फिर रही है। मगर महिला तो चल भी नहीं पा रही है। वह सहारे से ही चल पा रही है। हालांकि रविवार को घर में न तो खाना बना था और किसी ने खाया था। परिवार इस कदर दहशत में था कि महिलाएं किसी से बात करने तक को तैयार न थीं। मगर सोमवार को परिवार में खाना बना और महिला को इलाज के लिए भी ले जाया गया। यहां पुलिस से पूछताछ में महिला ने उनके जवाब भी दिए।
लोग दहशत और गुस्से में: शशि सिंह
इस वारदात के बाद इलाके के लोग दहशत और गुस्से में हैं। इस संबंध में पूर्व ब्लाक प्रमुख शशि सिंह ने एसएसपी को ज्ञापन भेजकर कहा है कि जिस तरह से वारदात हुई है, वह बेहद दर्दनाक है। इसका जल्द खुलासा जरूरी है। उन्होंने कहा कि यहां अलग से टास्क फोर्स का गठन किया जाए और जल्द घटना खोली जाए।
-इस घटना के खुलासे के लिए टीमें लगी हुई हैं। हमने आधा दर्जन लोग हिरासत में ले रखे हैं। फार्म हाउस के अंदर, बाहर, परिचित आदि निशाने पर हैं। पूछताछ में कुछ सुराग हाथ लग रहे हैं, उस दिशा में आगे बढ़कर काम किया जा रहा है। जल्द खुलासा होगा।-राजेश पांडेय एसएसपी
पुलिस को फिर याद आई हाईवे की सुरक्षा
अलीगढ़। शनिवार की रात को यमुना एक्सप्रेस वे पर बस लूट और रिटायर डीआईजी के फार्म हाउस में हुई महिलाओं के साथ मारपीट और बदसलूकी की घटना के बाद पुलिस हरकत में आ गयी है। जबकि यह देखा जा रहा था बुलंदशहर कांड के समय जो चौकसी का प्लान बना था वह ठंडे बस्ते में चला गया था। रविवार को एसएसपी ने रात के दो बजे तक एसएसपी ने स्वयं सड़कों पर गश्त की।
यमुना एक्सप्रेस वे का जिकरपुर इलाका शनिवार रात को पूरी तरह बदमाशों के कब्जे में रहा था। आधा दर्जन बदमाशों ने पहले हिमाचल के एक पूर्व डीआईजी के फार्म हाउस में लूटपाट की और महिला, उसकी युवा भांजी व बच्चों के साथ बुरी तरह मारपीट की थी। यहां से जाते समय वह एक्सप्रेस वे पर मथुरा की ओर बढ़े। वहां उन्हें आनंद विहार, दिल्ली से लखनऊ जा रही यूपी रोडवेज की स्लीपर बस खड़ी मिल गई। बदमाशों ने वहां यात्रियों से लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर दो लोगों को गोली मार दी थी। इन घटनाओं ने कुछ दिनों पहे बुलदंशहर कांड की याद ताजा कर दी। इसके साथ ही पुलिस भी हरकत में आ गई। यही कारण रहा कि रविवार की रात दो बजे तक खुद एसएसपी राजेश पांडेय ने खुद हाईवे पर निकलकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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शनिवार रात हिमाचल कैडर के नोएडा निवासी सेवानिवृत्त डीआईजी आरके सिंह का टप्पल थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस वे के सहारे गांव जिकरपुर के पास स्थित फार्म हाउस में बदमाशों ने डाका डाला था। यहां दो साल से बतौर चौकीदार तैनात मथुरा के नौहझील क्षेत्र के गांव अवाखेड़ा का रंजीत और दूसरे चौकीदार युवक की पत्नी (32), बेटा (11), बेटी (9) के अलावा 18 वर्षीय पत्नी की भांजी भी को बंधक बनाकर लूटा था। इस दौरान महिला व युवती को बेरहमी से टॉर्चर था और बच्चों को भी पीटा था। बाद में सभी को बंधक बनाकर जो भी मिला उसे लूट ले गए थे। इस कई घंटे तक हुई इस लूट के दौरान बदमाश सभी से एक ही बात पूछते रहे कि वह 50 लाख रुपये कहां हैं, जो आए थे। यहां से जाते समय बदमाशों ने दिल्ली से लखनऊ जा रही उस बस के यात्रियों को लूटा था, जिसका टायर पंचर होने के कारण वह खड़ी थी। उसमें दो यात्रियों को गोली मारी गई थी।
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चार टीमें लगाकर खुलासे में जुटी पुलिस
इस वारदात के बाद आईजी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच, सर्विलांस, टप्पल व खैर थाने की चार टीमें खुलासे में जुटी हैं। खुद एसएसपी व एसपी देहात खुलासा टीमों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। सोमवार को दिन भर क्राइम ब्रांच की टीम फार्म हाउस पर रहीं और पीड़ितों से बारीकियों से पूछताछ में एक ही सवाल था कि आखिर 50 लाख की सूचना बदमाशों तक कैसे पहुंची होगी। अगर अंदर से गई है तो आखिर क्यों? हालांकि हर सवाल पर एक ही जवाब मिलता है कि यहां ठेकेदार निर्माण करा रहा है, उसके द्वारा हमको मासिक वेतन दिया जाता है। इसके सिवाय किसी तरह की रकम आने जाने का कोई मतलब नहीं बनता।
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कुछ छिपा रहे या कुछ बनवाटी तो नहीं
पूछताछ के बाद पुलिस जिस नतीजे पर पहुंची है, उस पर अगर गौर करें तो या तो पीड़ित कुछ छिपा रहे हैं। अंदेशा है कि कहीं यहां नोटबंदी के दौर में बाहर से रकम का आना जाना तो नहीं रहा। हो सकता हे कि इसी बीच यह रकम आई गई हो और किसी माध्यम से बदमाशों तक सूचना पहुंची हो। या फिर पीड़ित कुछ बनावटी बातें पैदा कर रहे हों।
मजदूर, चौकीदार, बस स्टाफ सर्विलांस पर
इस डकैती के बाद अब तक के नीतजे पर पहुंची पुलिस ने फार्म हाउस में काम कर रहे मजदूर, चौकीदार के अलावा बस स्टाफ, आसपास के खेतों वाले श्रमिक, किसान आदि सभी सर्विलांस पर आ गए हैं। उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। मॉडस अपरेंडी के आधार पर मेवाती गैंगों को भी निशाने पर लिया गया है।
दूसरे दिन खाना खाया, इलाज भी कराया
टॉर्चर पीड़ित महिला की हालत अभी दुरुस्त नहीं है। युवती जरूर खुद ही चल फिर रही है। मगर महिला तो चल भी नहीं पा रही है। वह सहारे से ही चल पा रही है। हालांकि रविवार को घर में न तो खाना बना था और किसी ने खाया था। परिवार इस कदर दहशत में था कि महिलाएं किसी से बात करने तक को तैयार न थीं। मगर सोमवार को परिवार में खाना बना और महिला को इलाज के लिए भी ले जाया गया। यहां पुलिस से पूछताछ में महिला ने उनके जवाब भी दिए।
लोग दहशत और गुस्से में: शशि सिंह
इस वारदात के बाद इलाके के लोग दहशत और गुस्से में हैं। इस संबंध में पूर्व ब्लाक प्रमुख शशि सिंह ने एसएसपी को ज्ञापन भेजकर कहा है कि जिस तरह से वारदात हुई है, वह बेहद दर्दनाक है। इसका जल्द खुलासा जरूरी है। उन्होंने कहा कि यहां अलग से टास्क फोर्स का गठन किया जाए और जल्द घटना खोली जाए।
-इस घटना के खुलासे के लिए टीमें लगी हुई हैं। हमने आधा दर्जन लोग हिरासत में ले रखे हैं। फार्म हाउस के अंदर, बाहर, परिचित आदि निशाने पर हैं। पूछताछ में कुछ सुराग हाथ लग रहे हैं, उस दिशा में आगे बढ़कर काम किया जा रहा है। जल्द खुलासा होगा।-राजेश पांडेय एसएसपी
पुलिस को फिर याद आई हाईवे की सुरक्षा
अलीगढ़। शनिवार की रात को यमुना एक्सप्रेस वे पर बस लूट और रिटायर डीआईजी के फार्म हाउस में हुई महिलाओं के साथ मारपीट और बदसलूकी की घटना के बाद पुलिस हरकत में आ गयी है। जबकि यह देखा जा रहा था बुलंदशहर कांड के समय जो चौकसी का प्लान बना था वह ठंडे बस्ते में चला गया था। रविवार को एसएसपी ने रात के दो बजे तक एसएसपी ने स्वयं सड़कों पर गश्त की।
यमुना एक्सप्रेस वे का जिकरपुर इलाका शनिवार रात को पूरी तरह बदमाशों के कब्जे में रहा था। आधा दर्जन बदमाशों ने पहले हिमाचल के एक पूर्व डीआईजी के फार्म हाउस में लूटपाट की और महिला, उसकी युवा भांजी व बच्चों के साथ बुरी तरह मारपीट की थी। यहां से जाते समय वह एक्सप्रेस वे पर मथुरा की ओर बढ़े। वहां उन्हें आनंद विहार, दिल्ली से लखनऊ जा रही यूपी रोडवेज की स्लीपर बस खड़ी मिल गई। बदमाशों ने वहां यात्रियों से लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर दो लोगों को गोली मार दी थी। इन घटनाओं ने कुछ दिनों पहे बुलदंशहर कांड की याद ताजा कर दी। इसके साथ ही पुलिस भी हरकत में आ गई। यही कारण रहा कि रविवार की रात दो बजे तक खुद एसएसपी राजेश पांडेय ने खुद हाईवे पर निकलकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।