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दुबई पहुंचे मुनीर की किलिंग मशीन ए कंपनी के शूटर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jun 2017 02:24 AM IST
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kidnapping at gunpoint
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अभिषेक शर्मा
एनआईए अफसर तंजील अहमद हत्याकांड से सुर्खियों में आए कुख्यात शूटर मुनीर मेहताब की ‘किलिंग मशीन ए कंपनी’ के शूटर दुबई तक पहुंच रहे हैं। ऐसे पुख्ता सुराग इस कंपनी के पीछे लगी एजेंसियों को मिले हैं।
मुनीर के साथ एएमयू के डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर की हत्या के आरोपी व धामपुर बिजनौर में बैंक की कैश वैन में 91 लाख की लूट में 50 हजार के इनामी सऊद के दुबई भागने के पुख्ता सबूत हैं। इस अंदेशे को ध्यान में रखते हुए यूपी एसटीएफ तथ्य जुटाने में लगी हैं, ताकि एजेंसियों की मदद से उसे दुबई में गिरफ्तार कराया जा सके। एसटीएफ जल्द से जल्द इस कंपनी के सभी फरार शूटरों को जेल भेजने की कवायद में जुट गई है।
मुनीर पर 13 मुकदमों में चार्जशीट
मुनीर पर गिरफ्तारी के बाद अलीगढ़ में हत्या-लूट आदि के करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे उजागर हुए। इन सभी मुकदमों की विवेचना एसएसपी स्तर से क्राइम ब्रांच को सौंपी गईं और गिरफ्तारी के करीब दो माह बाद जब मुनीर को यहां लाया गया तो इन सभी मुकदमों में पुलिस ने उसके खिलाफ रिमांड दाखिल किए और पूछताछ बयान, मौके पर ले जाने आदि की औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद पुलिस ने अब तक 13 मुकदमों में मजबूत साक्ष्य, लिखा पढ़ी आदि के बाद मुनीर के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। मुनीर के धुर विरोधी तल्हा से संबंधित कुछ मुकदमों में आशुतोष मिश्रा का रिमांड न बन पाने के कारण उनमें चार्जशीट नहीं लगी है।
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सऊद का इंजीनियर पिता रह रहा दुबई में
मुनीर की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस 50 हजार के इनामी सऊद और एक अन्य तारिक निवासी आजमगढ़ की गिरफ्तारी को प्रयासरत है। हालांकि मुनीर से पहले पुलिस जहूर, अतीउल्ला आदि को पकड़ चुकी है। चूंकि सऊद बिजनौर की 91 लाख लूट व आलमगीर कांड में शामिल है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी का दबाव ज्यादा है। लगातार एक साल से तलाशते फिर रहीं एजेंसियों को अब तथ्य मिले हैं कि सऊद दुबई भाग गया है। पता चला है कि सऊद के पिता दुबई में इंजीनियर के तौर पर नौकरी करते हैं। इसलिए वह वहीं भाग गया है। एजेंसियां इस विषय में सभी तथ्य जुटाने में लगी हैं, ताकि सटीक जानकारी मिलते ही उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम को वहां भेजा जा सके।
इनमें लगी चार्जशीट
-2013 अवैध रूप से एएमयू कैंपस में रहते पाया जाना
-2013 एएमयू कैंपस के बाहर पुरानी चुंगी पर फायरिंग
-2014 स्वर्ण जयंती में ठेकेदार को गोली मार पिस्टल लूट
-2014 जीवनगढ़ रोड पर गोली मारकर बाइक लूटपाट
-2014 एएमयू सर्किल पर गोली चलाकर बाइक लूटपाट
-2014 मीनाक्षी पुल पर रामघाट रोड पर 32 लाख लूट
-2014 रेलवे रोड पीएनबी के बाहर 35 लाख की लूट
-2014 जीवनगढ़ रोड पर पल्सर बाइक को लूटा गया
-2014 अमीर निशा रोड पर कारोबारी फहद की हत्या
-2015 पीएसी पर मंधीर को गोली मारकर पिस्टल लूट
-2015 पान दरीबा में सिपाही की हत्या कर पिस्टल लूट
-2015 बरला के नौशे में पिस्टल के लिए सद्दाम की हत्या
-2015 एएमयू कैंपस में एएमयू छात्र आलमगीर की हत्या
(विशेष:-इनमें वर्ष 2014 में आखिरी फहद की हत्या तक के मुकदमों में एएमयू लॉ छात्र आशुतोष मिश्रा मुनीर के साथ रहा है।)
- मुनीर गैंग के तारिक का नाम सिपाही की हत्या कर पिस्टल लूट में उजागर हो गया है। उसके खिलाफ वारंट आदि बनवाए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बाकी मुनीर पर झगड़ों को छोड़ अधिकांश मुकदमों में चार्जशीट हो गई है। झगड़ों से संबंधित मुकदमों में आशुतोष का वारंट बनना है, इसलिए चार्जशीट नहीं लग सकी है। अब दोनों को दिल्ली से तलब कराकर यह प्रक्रिया भी पूरी कराएंगे। -राजीव सिंह सीओ तृतीय
कारोबारी फहद और आलमगीर हत्याकांड से गैंग सुर्खियों में आया
अलीगढ़। बिजनौर के स्यौहरा निवासी कुख्यात मुनीर और फैजाबाद निवासी एएमयू का विधि छात्र आशुतोष मिश्रा गैंग करीब तीन साल पहले सुर्खियों में आया था। दोनों ने अपने अन्य साथियों की मदद से 20 अक्तूबर 2014 की शाम अमीर निशा इलाके में कारोबारी फहद की बाइक टकराने के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी।
इसके बाद आशुतोष तो गिरफ्तार हुआ। मगर मुनीर फरार रहा और उसने फरारी के दौरान ही 18 अप्रैल 2015 को साथी निजी कॉलेज के छात्र सऊद निवासी संत कबीर नगर, अतीउल्लाह आदि के साथ मिलकर एएमयू के डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। तब तक मुनीर व उसके गैंग की अन्य कारगुजारियां छिपी थीं। मगर इसी फरारी में 2 अप्रैल 2016 को एनआईए अफसर तंजील अहमद की बिजनौर में हत्या के कुछ दिन बाद जब मुनीर का नाम सामने आया तो एजेंसियों के अलावा अलीगढ़ पुलिस के कान खड़े हुए और एसटीएफ में अलीगढ़ पुलिस के तेज-तर्रार चार कर्मचारी संबद्ध कर गैंग की गिरफ्तारी के लिए लगाए।
इसी टीम ने 28 जून 2016 को मुनीर को नोएडा से गिरफ्तार किया। तब अलीगढ़, लखनऊ, दिल्ली और धामपुर की कई सनसनीखेज वारदात खुलीं। िजन्हें सुनकर खुद पुलिस अफसर हैरान थे।
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एनआईए अफसर तंजील अहमद हत्याकांड से सुर्खियों में आए कुख्यात शूटर मुनीर मेहताब की ‘किलिंग मशीन ए कंपनी’ के शूटर दुबई तक पहुंच रहे हैं। ऐसे पुख्ता सुराग इस कंपनी के पीछे लगी एजेंसियों को मिले हैं।
मुनीर के साथ एएमयू के डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर की हत्या के आरोपी व धामपुर बिजनौर में बैंक की कैश वैन में 91 लाख की लूट में 50 हजार के इनामी सऊद के दुबई भागने के पुख्ता सबूत हैं। इस अंदेशे को ध्यान में रखते हुए यूपी एसटीएफ तथ्य जुटाने में लगी हैं, ताकि एजेंसियों की मदद से उसे दुबई में गिरफ्तार कराया जा सके। एसटीएफ जल्द से जल्द इस कंपनी के सभी फरार शूटरों को जेल भेजने की कवायद में जुट गई है।
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मुनीर पर 13 मुकदमों में चार्जशीट
मुनीर पर गिरफ्तारी के बाद अलीगढ़ में हत्या-लूट आदि के करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे उजागर हुए। इन सभी मुकदमों की विवेचना एसएसपी स्तर से क्राइम ब्रांच को सौंपी गईं और गिरफ्तारी के करीब दो माह बाद जब मुनीर को यहां लाया गया तो इन सभी मुकदमों में पुलिस ने उसके खिलाफ रिमांड दाखिल किए और पूछताछ बयान, मौके पर ले जाने आदि की औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद पुलिस ने अब तक 13 मुकदमों में मजबूत साक्ष्य, लिखा पढ़ी आदि के बाद मुनीर के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। मुनीर के धुर विरोधी तल्हा से संबंधित कुछ मुकदमों में आशुतोष मिश्रा का रिमांड न बन पाने के कारण उनमें चार्जशीट नहीं लगी है।
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सऊद का इंजीनियर पिता रह रहा दुबई में
मुनीर की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस 50 हजार के इनामी सऊद और एक अन्य तारिक निवासी आजमगढ़ की गिरफ्तारी को प्रयासरत है। हालांकि मुनीर से पहले पुलिस जहूर, अतीउल्ला आदि को पकड़ चुकी है। चूंकि सऊद बिजनौर की 91 लाख लूट व आलमगीर कांड में शामिल है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी का दबाव ज्यादा है। लगातार एक साल से तलाशते फिर रहीं एजेंसियों को अब तथ्य मिले हैं कि सऊद दुबई भाग गया है। पता चला है कि सऊद के पिता दुबई में इंजीनियर के तौर पर नौकरी करते हैं। इसलिए वह वहीं भाग गया है। एजेंसियां इस विषय में सभी तथ्य जुटाने में लगी हैं, ताकि सटीक जानकारी मिलते ही उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम को वहां भेजा जा सके।
इनमें लगी चार्जशीट
-2013 अवैध रूप से एएमयू कैंपस में रहते पाया जाना
-2013 एएमयू कैंपस के बाहर पुरानी चुंगी पर फायरिंग
-2014 स्वर्ण जयंती में ठेकेदार को गोली मार पिस्टल लूट
-2014 जीवनगढ़ रोड पर गोली मारकर बाइक लूटपाट
-2014 एएमयू सर्किल पर गोली चलाकर बाइक लूटपाट
-2014 मीनाक्षी पुल पर रामघाट रोड पर 32 लाख लूट
-2014 रेलवे रोड पीएनबी के बाहर 35 लाख की लूट
-2014 जीवनगढ़ रोड पर पल्सर बाइक को लूटा गया
-2014 अमीर निशा रोड पर कारोबारी फहद की हत्या
-2015 पीएसी पर मंधीर को गोली मारकर पिस्टल लूट
-2015 पान दरीबा में सिपाही की हत्या कर पिस्टल लूट
-2015 बरला के नौशे में पिस्टल के लिए सद्दाम की हत्या
-2015 एएमयू कैंपस में एएमयू छात्र आलमगीर की हत्या
(विशेष:-इनमें वर्ष 2014 में आखिरी फहद की हत्या तक के मुकदमों में एएमयू लॉ छात्र आशुतोष मिश्रा मुनीर के साथ रहा है।)
- मुनीर गैंग के तारिक का नाम सिपाही की हत्या कर पिस्टल लूट में उजागर हो गया है। उसके खिलाफ वारंट आदि बनवाए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बाकी मुनीर पर झगड़ों को छोड़ अधिकांश मुकदमों में चार्जशीट हो गई है। झगड़ों से संबंधित मुकदमों में आशुतोष का वारंट बनना है, इसलिए चार्जशीट नहीं लग सकी है। अब दोनों को दिल्ली से तलब कराकर यह प्रक्रिया भी पूरी कराएंगे। -राजीव सिंह सीओ तृतीय
कारोबारी फहद और आलमगीर हत्याकांड से गैंग सुर्खियों में आया
अलीगढ़। बिजनौर के स्यौहरा निवासी कुख्यात मुनीर और फैजाबाद निवासी एएमयू का विधि छात्र आशुतोष मिश्रा गैंग करीब तीन साल पहले सुर्खियों में आया था। दोनों ने अपने अन्य साथियों की मदद से 20 अक्तूबर 2014 की शाम अमीर निशा इलाके में कारोबारी फहद की बाइक टकराने के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी।
इसके बाद आशुतोष तो गिरफ्तार हुआ। मगर मुनीर फरार रहा और उसने फरारी के दौरान ही 18 अप्रैल 2015 को साथी निजी कॉलेज के छात्र सऊद निवासी संत कबीर नगर, अतीउल्लाह आदि के साथ मिलकर एएमयू के डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। तब तक मुनीर व उसके गैंग की अन्य कारगुजारियां छिपी थीं। मगर इसी फरारी में 2 अप्रैल 2016 को एनआईए अफसर तंजील अहमद की बिजनौर में हत्या के कुछ दिन बाद जब मुनीर का नाम सामने आया तो एजेंसियों के अलावा अलीगढ़ पुलिस के कान खड़े हुए और एसटीएफ में अलीगढ़ पुलिस के तेज-तर्रार चार कर्मचारी संबद्ध कर गैंग की गिरफ्तारी के लिए लगाए।
इसी टीम ने 28 जून 2016 को मुनीर को नोएडा से गिरफ्तार किया। तब अलीगढ़, लखनऊ, दिल्ली और धामपुर की कई सनसनीखेज वारदात खुलीं। िजन्हें सुनकर खुद पुलिस अफसर हैरान थे।