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40 से अधिक हत्याएं कर चुके थे मारे गए बदमाश

Mon, 21 May 2018 02:20 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Mon, 21 May 2018 02:20 AM IST
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More than 40 murderers were killed
सांकरा का वह कब्रिस्तान जहां बदमाशों को दफनाया गया। - फोटो : amar ujala
बीती 18 मई को मारे गए तीनों बदमाशों के परिजन सूचना देने के बाद भी उनके शव लेने नहीं आए। संभवत: उनको पुलिस के सामने आने पर अपने फंसने का डर था। इस पर पुलिस ने शनिवार को देर रात थाना दादों थाने की सांकरा चौकी के पास स्थित कब्रिस्तान में तीनों शवों को मु्स्लिम रीति-रिवाज के अनुसार दफना दिया। छैमार जाति के बावरिया गिरोह के ये सदस्य कई जनपदों में हुईं 40 से अधिक हत्याआें में शामिल बताए जा रहे हैं। अलीगढ़ पुलिस के साथ कई जिलों की पुलिस अलग अलग घटनाओं में इनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।
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अलीगढ़ पुलिस ने बीते शुक्रवार की रात कासगंज की लूट, डकैती व हत्या करने के अलावा कई मामलों में आरोपी तीन इनामी बदमाशों को दादों इलाके में सांकरा के सीकरी गांव के जंगल में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। पुलिस ने शनिवार सुबह को इनके परिजनों को खबर भेजी, लेकिन शव लेने के लिए कोई सामने नहीं आया। चूंकि तीनों बदमाश मुस्लिम थे, इसलिए पुलिस ने पहले थाना पालीमुकीमपुर के गांव हरदोई स्थित कब्रिस्तान में शाम को इनके शवों को दफनाने का प्रयास किया। इस पर वहां के मुस्लिम समाज के लोगों के विरोध करने पर पुलिस शव लेकर लौट आई।
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देर रात सांकरा चौकी  के पास स्थित कब्रिस्तान में तीनों शवों को दफना दिया। रमजान का हवाला देने पर सांकरा के स्थायी डेरे वालों ने पुलिस की बात मानकर शवों को दफनाने दिया। एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि नियमानुसार बदमाशों के शवों का पोस्टमार्टम करा कर उनको दफनाया गया है। डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी हुई हैै। इधर, अलीगढ़ के अलावा कासगंज, संभल, बरेली, हाथरस, बदायूं, मेरठ आदि  में इन गैंगों के फरार साथियों की तलाश सरगर्मी से चल रही है। यह कहीं वारदात न कर दें, इस आशंका पर भी पुलिस काम कर रही है।
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कई जिलों में सक्रिय है 300 बदमाशों का गैंग
दादों में हुई मुठभेड़ को दौरान जान बचाकर कुख्यात भीका, शेखू और उसके कई साथी फरार हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो भीका और उसके साथियों का पूरा 300 लोगों का गैंग है। यह गिरोह पश्चिमी यूपी, उत्तराखंड और एनसीआर में सक्रिय है। इस गैंग के अधिकांश सदस्य गंगा नदी के किनारे ज्यादा रहते हैं। वहीं से आसपास के इलाकों में रेकी करने के बाद धावा बोलते हैं। ये लोग बिना किसी कारण भी हत्या कर देते हैं। पुलिस के अनुसार इनकी सात-आठ टीमें हैं जो अलग-अलग जिलों में रहती है। इसी गैंग से ताल्लुक रखने वाले अमजद और विकार पूर्व में पकड़े गए हैं, जो इस समय कासगंज जेल में हैं। उन्होंने 40 से अधिक हत्याओं में शामिल होना स्वीकार किया है। इन सभी हत्याओं का ब्यौरा खंगाला जा रहा है। दादों मुठभेड़ के दौरान मौके से फरार भीका पर संभल में कई मुकदमे दर्ज हैं।

एसएसपी को सम्मानित करेंगे व्यापारी
मुठभेड़ में तीन इनामी बदमाशों को मार गिराने की व्यापार मंडल के नेता शमन माहेश्वरी ने सराहना की है। उन्होंने घोषणा की व्यापार मंडल की ओर से एसएसपी एवं एसपीआरए सहित टीम के सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बदमाशों के कारण व्यापारी हमेशा भयभीत रहते हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराधियों को मार गिराया है।

पुलिस के डर से दर्जनों डेरे रातोंरात गायब
जिले के हरदोई, पालीमुकीमपुर, जवां सहित गंगा की पटरी पर कई जगह के छैमार जाति के बाबरियों के डेरे रातोंरात गायब हो गए हैं। माना जा रहा है कि दादों मुठभेड़ के बाद से ये लोग पुलिस की दहशत में है। इनके परिवार की महिलाएं और बच्चे भी अब वहां पर नहीं हैं। पुलिस इन सभी स्थानों पर जानकारी जुटा रही है कि कहां पर कौन सा बदमाश रह रहा था।

डकैती पीड़ित कर रहे हैं माल बरामदगी की मांग
 अमांपुर और सहावर की सनसनीखेज वारदातों का बरेली और अलीगढ़ की पुलिस ने खुलासा किया है। बरेली की पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है, जबकि अलीगढ़ की पुलिस ने मुठभेड़ में तीन बदमाशों को ढेर कर दिया। इस घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है, लेकिन परिजन संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है उनका लूटा हुआ माल बरामद हो तब तो उन्हें भरोसा हो।  सहावर के डकैती पीड़ित राजकुमार का कहना है कि डकैती की वारदात ने उनका पूरा घर उजाड़ दिया। उनकी मां, पत्नी और चचेरा भाई बदमाशों ने मार दिए। उनकी स्थिति खराब है और दोनों बच्चों का इलाज आगरा में चल रहा है। पुलिस खुलासे के बारे में पूछे जाने पर परिजनों ने बताया कि न तो पुलिस ने किसी बदमाश की पहचान उनसे कराई है और न ही कोई बरामद माल दिखाया है। आखिर वे कैसे इस खुलासे पर भरोसा करें। राजकुमार के भाई संजय ने यही बात दोहराते हुए कहा कि वह अभी संतुष्ट नहीं हैं। वहीं अमांपुर की डकैती की वारदात का शिकार हुए चंद्रपाल के परिजन अब भी बदमाशों की दहशत में हैं। इस घटना में चंद्रपाल की मौत हो गई जबकि पत्नी अखिलेश, पुत्र और पुत्रवधू सहित अन्य परिजन घायल हो गए। चंद्रपाल के घायल परिजन कहते हैं कि पुलिस अच्छा काम कर रही है, लेकिन उनके यहां हुई लाखों की लूट का सामान तो बरामद हो। 


 डकैती की वारदात में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। फरार बदमाशों की शीघ्र गिरफ्तारी होगी और उनसे शीघ्र माल की बरामदगी की जाएगी। बरेली जेल में बंद बदमाशों की रिमांड मिलने के बाद उनसे भी पूछताछ की जाएगी।  
- पीयूष कुमार श्रीवास्तव,  डीआईजी
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