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सवालों के घेरे में मन्नान के सुपरवाइजर व प्रोवोस्ट
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Wed, 10 Jan 2018 01:59 AM IST
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प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में कथित रूप से शामिल होने वाले छात्र मन्नान बशीर वानी मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने गोपनीय जांच शुरू कर दी है। मन्नान के सुपरवाइजर एवं हबीब हॉल के प्रोवोस्ट सवालों के घेरे में हैं। जांच शुरू होने के साथ ही सुपरवाइजर की लापरवाही सामने आने लगी है।
मंगलवार को प्रॉक्टर द्वारा गठित जांच टीम के सदस्य भूगर्भ विज्ञान विभाग में पहुंचकर चेयरमैन प्रो. अबु तालिब एवं मन्नान बशीर वानी, मुजम्मिल हुसैन के सुपरवाइजर प्रो. सैयद अली अहमद से पूछताछ की।
सुपरवाइजर प्रो. अहमद जांच टीम के सवालों में उलझ गए हैं। वे इस बात का ठीक-ठीक जवाब नहीं दे सके कि मन्नान व मुजम्मिल के कई दिन और महीनों तक गायब रहने के बाद भी उन्होंने विभागाध्यक्ष को लिखित में सूचना क्यों नहीं दी। उन्होंने मौखिक जानकारी देने की बात कही, लेकिन जांच टीम के सदस्य संतुष्ट नहीं हैं।
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मन्नान के बारे में कहा कि वह पढ़ाई में अच्छा है और कभी संदिग्ध बातचीत उनसे नहीं की। विभाग में चेयरमैन के अतिरिक्त टीम के सदस्यों ने कर्मचारी एवं कुछ पीएचडी छात्रों से भी बातचीत की। इसके बाद जांच टीम के सदस्य मो. हबीब हॉल पहुंचे और कर्मचारियों से कमरे के एलाटमेंट, डायनिंग हॉल रजिस्टर आदि को देखा। कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।
यह भी सवाल पूछा गया कि जब कई महीनों से मुजम्मिल हुसैन अनुपस्थित है तो उनका कमरा दूसरे को क्यों नहीं एलाट किया गया। हॉल में तो कोई यह देखने वाला भी नहीं है कि कौन छात्र खाना खा रहा है और कौन नहीं। छात्र स्वयं खाना खा रहा है या किसी अन्य को खिला रहा है। हॉल के कर्मचारी जांच टीम के सदस्यों को गोल-मोल जवाब दे रहे थे। खास बात यह रही कि किसी ने मन्नान की शिकायत जांच टीम से नहीं की।
उल्लेखनीय है कि भूगर्भ विज्ञान विभाग का शोध छात्र मन्नान बशीर वानी पुत्र बशीर अहमद वानी के प्रतिबंधित आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निष्कासित कर दिया गया है। इस मामले की जांच के लिए प्रॉक्टर द्वारा तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। एएमयू के हबीब हॉल के कमरा नंबर 237 में रहने वाला मन्नान मूलरूप से जम्मू-कश्मीर के कूपवाड़ा जिले के ब्लाक सोगम के टोक्की पोरा लोलाब के अस्थान मोहल्ला का निवासी है, जबकि दूसरा शोध छात्र मुजम्मिल हुसैन महाराष्ट्र में पिछले कई महीनों से सरकारी नौकरी कर रहा है।
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मंगलवार को प्रॉक्टर द्वारा गठित जांच टीम के सदस्य भूगर्भ विज्ञान विभाग में पहुंचकर चेयरमैन प्रो. अबु तालिब एवं मन्नान बशीर वानी, मुजम्मिल हुसैन के सुपरवाइजर प्रो. सैयद अली अहमद से पूछताछ की।
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सुपरवाइजर प्रो. अहमद जांच टीम के सवालों में उलझ गए हैं। वे इस बात का ठीक-ठीक जवाब नहीं दे सके कि मन्नान व मुजम्मिल के कई दिन और महीनों तक गायब रहने के बाद भी उन्होंने विभागाध्यक्ष को लिखित में सूचना क्यों नहीं दी। उन्होंने मौखिक जानकारी देने की बात कही, लेकिन जांच टीम के सदस्य संतुष्ट नहीं हैं।
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मन्नान के बारे में कहा कि वह पढ़ाई में अच्छा है और कभी संदिग्ध बातचीत उनसे नहीं की। विभाग में चेयरमैन के अतिरिक्त टीम के सदस्यों ने कर्मचारी एवं कुछ पीएचडी छात्रों से भी बातचीत की। इसके बाद जांच टीम के सदस्य मो. हबीब हॉल पहुंचे और कर्मचारियों से कमरे के एलाटमेंट, डायनिंग हॉल रजिस्टर आदि को देखा। कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।
यह भी सवाल पूछा गया कि जब कई महीनों से मुजम्मिल हुसैन अनुपस्थित है तो उनका कमरा दूसरे को क्यों नहीं एलाट किया गया। हॉल में तो कोई यह देखने वाला भी नहीं है कि कौन छात्र खाना खा रहा है और कौन नहीं। छात्र स्वयं खाना खा रहा है या किसी अन्य को खिला रहा है। हॉल के कर्मचारी जांच टीम के सदस्यों को गोल-मोल जवाब दे रहे थे। खास बात यह रही कि किसी ने मन्नान की शिकायत जांच टीम से नहीं की।
उल्लेखनीय है कि भूगर्भ विज्ञान विभाग का शोध छात्र मन्नान बशीर वानी पुत्र बशीर अहमद वानी के प्रतिबंधित आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निष्कासित कर दिया गया है। इस मामले की जांच के लिए प्रॉक्टर द्वारा तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। एएमयू के हबीब हॉल के कमरा नंबर 237 में रहने वाला मन्नान मूलरूप से जम्मू-कश्मीर के कूपवाड़ा जिले के ब्लाक सोगम के टोक्की पोरा लोलाब के अस्थान मोहल्ला का निवासी है, जबकि दूसरा शोध छात्र मुजम्मिल हुसैन महाराष्ट्र में पिछले कई महीनों से सरकारी नौकरी कर रहा है।