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अलीगढ़ में बैंक से रुपये न मिले तो महिला ने लगाई खुद को आग
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Tue, 22 Nov 2016 01:46 AM IST
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अलीगढ़ में बैंक से रुपये न मिले तो महिला ने लगाई खुद को आग
- फोटो : Rupesh
नोटबंदी के दौर में आर्थिक तंगी से जूझ रही महानगर के देहली गेट इलाके की मजदूर परिवार की महिला ने बैंक से रुपये न मिलने पर केरोसिन डालकर खुद को आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी महिला का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
उसका कहना है कि रात को बच्चों को भूख से बिलखते न देख सकी और उसने यह कदम उठा लिया।
देहलीगेट के मोहल्ला शाहजमाल निवासी रजिया बेगम पत्नी अकबर मजदूरी करती है। परिवार में तीन बच्चे भी हैं। पीड़ित महिला के मुताबिक वह पिछले एक हफ्ते से इलाके के बैंक में रुपये बदलने के लिए चक्कर लगा रही थी। पूरा दिन लाइन में खड़े होकर गुजर जाता था।
शाम को जवाब मिलता कि बैंक में नगदी खत्म हो गई है। इससे परिवार को तमाम दिक्कतों से जूझना पड़ रहा था। बच्चों के खाने पीने तक के लाले पड़ने लगे थे। रात में बच्चे भूख से बिलख रहे थे। इसी से आहत होकर रविवार रात रजिया ने घर में खुद पर केरोसिन उड़ेल कर आग के हवाले कर दिया।
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चीखपुकार सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। गंभीर हालत में परिजनों ने रजिया को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां डाक्टरों ने उसकी हालात नाजुक बताई है। दोपहर में सामाजिक कार्यकत्री महिला मारिया आलम उमर ने जिला अस्पताल पहुंचकर महिला का हाल चाल जाना।
इसके बाद बच्चों के लिए खाने पीने का इंतजाम कराया और प्रशासन से मांग की है कि इस महिला के परिवार को आर्थिक तौर पर मदद मुहैया कराया जाए।
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उसका कहना है कि रात को बच्चों को भूख से बिलखते न देख सकी और उसने यह कदम उठा लिया।
देहलीगेट के मोहल्ला शाहजमाल निवासी रजिया बेगम पत्नी अकबर मजदूरी करती है। परिवार में तीन बच्चे भी हैं। पीड़ित महिला के मुताबिक वह पिछले एक हफ्ते से इलाके के बैंक में रुपये बदलने के लिए चक्कर लगा रही थी। पूरा दिन लाइन में खड़े होकर गुजर जाता था।
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शाम को जवाब मिलता कि बैंक में नगदी खत्म हो गई है। इससे परिवार को तमाम दिक्कतों से जूझना पड़ रहा था। बच्चों के खाने पीने तक के लाले पड़ने लगे थे। रात में बच्चे भूख से बिलख रहे थे। इसी से आहत होकर रविवार रात रजिया ने घर में खुद पर केरोसिन उड़ेल कर आग के हवाले कर दिया।
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चीखपुकार सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। गंभीर हालत में परिजनों ने रजिया को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां डाक्टरों ने उसकी हालात नाजुक बताई है। दोपहर में सामाजिक कार्यकत्री महिला मारिया आलम उमर ने जिला अस्पताल पहुंचकर महिला का हाल चाल जाना।
इसके बाद बच्चों के लिए खाने पीने का इंतजाम कराया और प्रशासन से मांग की है कि इस महिला के परिवार को आर्थिक तौर पर मदद मुहैया कराया जाए।