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जमीन और इज्जत की खातिर दे दी जान
अलीगढ़
Updated Thu, 11 Jun 2015 01:27 AM IST
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जमीन और इज्जत की खातिर दे दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। परिवार की इज्जत, जमीन दूसरों के हाथों में जाते देख बुजुर्ग किसान सहन नहीं कर पाया और उसने मंगलवार देर रात जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले बुजुर्ग किसान दो पेज का सुसाइड नोट भी लिखकर गया है, जिसमें अपने परिवार की महिला और पुलिस की करतूतों का खुलासा किया है। उसे विरोध के स्वर उठाने के बदले पुलिस उत्पीड़न तक झेलना पड़ा और अब उसे फिर किसी साजिश का अंदेशा था, जिसे सहन करने की क्षमता न होने पर उसने आत्महत्या कर ली। सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। विजयगढ़ के गांव नगला तुलाराम निवासी तीन बच्चों के पिता 62 वर्षीय शिशुपाल सिंह ने मंगलवार देर शाम जहर खाकर जान दे दी। जब पुलिस हरकत में आई तो दो पेज का सुसाइड नोट मिला। इस सुसाइड नोट पर गौर करें तो उसमें काफी कुछ ऐसा लिखा है, जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। सुसाइड नोट के अनुसार उसके गांव के कुछ गलत लोगों ने एक औरत से उसके परिवार के युवक की शादी करा दी। इस औरत ने आते ही अपने रंग-ढंग दिखाने शुरू कर दिए। पुश्तैनी जमीन को भी इस औरत ने अपने उस मित्र व उसके परिवार के नाम करना शुरू कर दिया, जिसने उसकी शादी इस घर में करवाई थी। इसका विरोध किया तो उल्टा पुलिस ने उस औरत की शिकायत पर ऐसा मुकदमा लगाया कि शिशुपाल को तीन माह तक जेल में रहना पड़ा। अब फिर उसकी हरकतों पर आवाज उठाई तो 3 जून को फिर औरत ने उसके परिवार की महिलाओं व बच्चों से भला बुरा कहते हुए झूठे मुकदमे की साजिश रची। इस सबकी शिकायत बुजुर्ग किसान ने थाने से लेकर प्रधानमंत्री व मानवाधिकार आयोग तक की।
मगर मदद नहीं मिली। इससे पीड़ित शिशुपाल ने देर शाम आत्महत्या कर ली। एसओ विजयगढ़ के अनुसार सुसाइड नोट मिला है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजन अगर कुछ लिखित में देंगे तो कार्रवाई होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। परिवार की इज्जत, जमीन दूसरों के हाथों में जाते देख बुजुर्ग किसान सहन नहीं कर पाया और उसने मंगलवार देर रात जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले बुजुर्ग किसान दो पेज का सुसाइड नोट भी लिखकर गया है, जिसमें अपने परिवार की महिला और पुलिस की करतूतों का खुलासा किया है। उसे विरोध के स्वर उठाने के बदले पुलिस उत्पीड़न तक झेलना पड़ा और अब उसे फिर किसी साजिश का अंदेशा था, जिसे सहन करने की क्षमता न होने पर उसने आत्महत्या कर ली। सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। विजयगढ़ के गांव नगला तुलाराम निवासी तीन बच्चों के पिता 62 वर्षीय शिशुपाल सिंह ने मंगलवार देर शाम जहर खाकर जान दे दी। जब पुलिस हरकत में आई तो दो पेज का सुसाइड नोट मिला। इस सुसाइड नोट पर गौर करें तो उसमें काफी कुछ ऐसा लिखा है, जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। सुसाइड नोट के अनुसार उसके गांव के कुछ गलत लोगों ने एक औरत से उसके परिवार के युवक की शादी करा दी। इस औरत ने आते ही अपने रंग-ढंग दिखाने शुरू कर दिए। पुश्तैनी जमीन को भी इस औरत ने अपने उस मित्र व उसके परिवार के नाम करना शुरू कर दिया, जिसने उसकी शादी इस घर में करवाई थी। इसका विरोध किया तो उल्टा पुलिस ने उस औरत की शिकायत पर ऐसा मुकदमा लगाया कि शिशुपाल को तीन माह तक जेल में रहना पड़ा। अब फिर उसकी हरकतों पर आवाज उठाई तो 3 जून को फिर औरत ने उसके परिवार की महिलाओं व बच्चों से भला बुरा कहते हुए झूठे मुकदमे की साजिश रची। इस सबकी शिकायत बुजुर्ग किसान ने थाने से लेकर प्रधानमंत्री व मानवाधिकार आयोग तक की।
मगर मदद नहीं मिली। इससे पीड़ित शिशुपाल ने देर शाम आत्महत्या कर ली। एसओ विजयगढ़ के अनुसार सुसाइड नोट मिला है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजन अगर कुछ लिखित में देंगे तो कार्रवाई होगी।
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