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दिवाली पर ‘सुलगा’ कौड़ियागंज, पिता-पुत्र की मौत
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2016 01:24 AM IST
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दिवाली पर ‘सुलगा’ कौड़ियागंज, पिता-पुत्र की मौत
- फोटो : Dig vishal
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दिवाली पर कस्बा कौड़ियागंज सांप्रदायिक बलवे की आग से सुलग गया। रविवार दोपहर को आतिशबाजी चलाते समय बाइक टकराने पर हुए बवाल में समुदाय विशेष के पिता-पुत्र की मौत हो गई। दूसरे पक्ष के एक युवक को भी गोली लग गई। इसबीच दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव-फायरिंग भी हुई। कम संख्या में सिपाहियों संग पहुंचे चौकी इंचार्ज तक को उपद्रवियों ने पीटकर दौड़ा दिया। मीडियाकर्मियों को भी नहीं छोड़ा। घायलों को कई घंट तक घटनास्थल से नहीं उठने दिया। बाद में भारी पुलिस बल के बीच घायलों को मौके से निकाला गया और हालात काबू किए जा सके। डीएम राजमणि यादव ने शासन के नियमानुसार मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है।
एसओ डॉ. विनोद के अनुसार घटनाक्रम की शुरुआत रविवार दोपहर ढाई बजे हुई। कस्बा निवासी किसान बुंदू खान (60) के मकान का निर्माण चल रहा है। वह अपने बेटे मोहब्बत (18) व मेहराज उर्फ मेहरुद्दीन (25) के साथ बाइक पर बालू-बदरपुर खरीदने जा रहे थे। बाइक मोहब्बत चला रहा था। वह मोहल्ला बेरिया में पहुंचे तो वहां आरामशीन संचालक धनीराम कश्यप के दरवाजे पर बच्चे व युवक आतिशबाजी चला रहे थे। धनीराम का आरोप है कि आतिशबाजी को देख मोहब्बत की बाइक बहक गई और उनके बेटे दिनेश को टक्कर मार दी।
बुंदू पक्ष का कहना है कि उसने बाइक रोक ली थी और रोकने पर ही विवाद खड़ा हो गया। इसी विवाद में दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई। लाठी-डंडों से लहूलुहान मोहब्बत बेहोश होकर गिर पड़ा। इधर बुंदू व मेहराज ने फोन कर अपने मोहल्ले से लोग बुला लिए। दिनेश व धनीराम पक्ष से भी लोग एकत्रित हो गए। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। भगदड़ के साथ कस्बे का बाजार बंद हो गया। इस बवाल में बुंदू खान, मेहराज व दिनेश के गोली लगी। खबर पर जब चौकी इंचार्ज अतुल कुमार सिपाहियों के साथ पहुंचे और घायल मोहब्बत को उठाने लगे। हमलावरों ने उन्हें भी पीटकर भगा दिया गया। मीडियाकर्मियों से मारपीट कर कैमरे छीन लिए।
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सूचना पर एसओ अकराबाद डॉ. विनोद फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और हालात काबू करने में जुट गए। इस दौरान एसओ पर भी उत्पाती हमलावर हुए और उन्हें दौड़ाने की कोशिश की। टाउन एरिया चेयरमैन इरफान पहलवान की मदद से घायलों को मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। यहां डॉक्टरों ने मोहब्बत को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सिर में गंभीर चोट होने के कारण बुंदू खान की भी कुछ देर बाद मौत हो गई। दिनेश की हालत नाजुक होने पर उसे एक निजी नर्सिंग होम में भेजा गया।
जब बुंदू व मोहब्बत की मौत की खबर कस्बे में पहुंची तो वहां आक्रोश पनप गया। दोनों ओर से सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। मगर तब तक डीएम राजमणि यादव, एसएसपी राजेश पांडेय, एसपी देहात, एसपी सिटी, आसपास के कई थाना प्रभारी पहुंच चुके थे। जो भीड़ को शांत करते व तनाव कम करने की कोशिश करते रहे। दुकानदारों से दुकानें खोलने का आग्रह करते रहे। कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा, डीआईजी आरपीएस यादव भी पहुंचे। उन्होंने लोगों से अमन कायम रखने की अपील की।
डीएम-एसएसपी ने रात को कस्बे में ही कैंप किया और चेयरमैन आवास पर पंचायत के माध्यम से लोगों को शांत करने की कोशिश की। पोस्टमार्टम के बाद रात तीन बजे ही दोनों शव कस्बे में लाए गए। सुबह होते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों के शव दफन कराने के प्रयास शुरू कर दिए। इस पर लोग आरोपियों की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। जब बताया कि दो आरोपी हिरासत में हैं तो उन्हें मौके पर लाने की जिद होने लगी। जैसे-तैसे दोपहर तीन बजे लोगों को समझाकर शव दफन कराए गए। तनाव को देखते हुए जोन भर से दो दर्जन एसओ, एक कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ तैनात कर की गई है। नामजद दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
- आतिशबाजी चलाते समय बाइक टकराने के मामूली विवाद पर दो पक्षों में झगड़ा हुआ। इसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयासों से माहौल सामान्य कर लिया गया है। अब दोनों ओर से मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
- राजमणि यादव, जिलाधिकारी।
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एसओ डॉ. विनोद के अनुसार घटनाक्रम की शुरुआत रविवार दोपहर ढाई बजे हुई। कस्बा निवासी किसान बुंदू खान (60) के मकान का निर्माण चल रहा है। वह अपने बेटे मोहब्बत (18) व मेहराज उर्फ मेहरुद्दीन (25) के साथ बाइक पर बालू-बदरपुर खरीदने जा रहे थे। बाइक मोहब्बत चला रहा था। वह मोहल्ला बेरिया में पहुंचे तो वहां आरामशीन संचालक धनीराम कश्यप के दरवाजे पर बच्चे व युवक आतिशबाजी चला रहे थे। धनीराम का आरोप है कि आतिशबाजी को देख मोहब्बत की बाइक बहक गई और उनके बेटे दिनेश को टक्कर मार दी।
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बुंदू पक्ष का कहना है कि उसने बाइक रोक ली थी और रोकने पर ही विवाद खड़ा हो गया। इसी विवाद में दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई। लाठी-डंडों से लहूलुहान मोहब्बत बेहोश होकर गिर पड़ा। इधर बुंदू व मेहराज ने फोन कर अपने मोहल्ले से लोग बुला लिए। दिनेश व धनीराम पक्ष से भी लोग एकत्रित हो गए। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। भगदड़ के साथ कस्बे का बाजार बंद हो गया। इस बवाल में बुंदू खान, मेहराज व दिनेश के गोली लगी। खबर पर जब चौकी इंचार्ज अतुल कुमार सिपाहियों के साथ पहुंचे और घायल मोहब्बत को उठाने लगे। हमलावरों ने उन्हें भी पीटकर भगा दिया गया। मीडियाकर्मियों से मारपीट कर कैमरे छीन लिए।
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सूचना पर एसओ अकराबाद डॉ. विनोद फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और हालात काबू करने में जुट गए। इस दौरान एसओ पर भी उत्पाती हमलावर हुए और उन्हें दौड़ाने की कोशिश की। टाउन एरिया चेयरमैन इरफान पहलवान की मदद से घायलों को मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। यहां डॉक्टरों ने मोहब्बत को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सिर में गंभीर चोट होने के कारण बुंदू खान की भी कुछ देर बाद मौत हो गई। दिनेश की हालत नाजुक होने पर उसे एक निजी नर्सिंग होम में भेजा गया।
जब बुंदू व मोहब्बत की मौत की खबर कस्बे में पहुंची तो वहां आक्रोश पनप गया। दोनों ओर से सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। मगर तब तक डीएम राजमणि यादव, एसएसपी राजेश पांडेय, एसपी देहात, एसपी सिटी, आसपास के कई थाना प्रभारी पहुंच चुके थे। जो भीड़ को शांत करते व तनाव कम करने की कोशिश करते रहे। दुकानदारों से दुकानें खोलने का आग्रह करते रहे। कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा, डीआईजी आरपीएस यादव भी पहुंचे। उन्होंने लोगों से अमन कायम रखने की अपील की।
डीएम-एसएसपी ने रात को कस्बे में ही कैंप किया और चेयरमैन आवास पर पंचायत के माध्यम से लोगों को शांत करने की कोशिश की। पोस्टमार्टम के बाद रात तीन बजे ही दोनों शव कस्बे में लाए गए। सुबह होते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों के शव दफन कराने के प्रयास शुरू कर दिए। इस पर लोग आरोपियों की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। जब बताया कि दो आरोपी हिरासत में हैं तो उन्हें मौके पर लाने की जिद होने लगी। जैसे-तैसे दोपहर तीन बजे लोगों को समझाकर शव दफन कराए गए। तनाव को देखते हुए जोन भर से दो दर्जन एसओ, एक कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ तैनात कर की गई है। नामजद दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
- आतिशबाजी चलाते समय बाइक टकराने के मामूली विवाद पर दो पक्षों में झगड़ा हुआ। इसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयासों से माहौल सामान्य कर लिया गया है। अब दोनों ओर से मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
- राजमणि यादव, जिलाधिकारी।