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अलीगढ़ः फर्जीवाड़े से सिम एक्टिवेट कर हैकरों को बेचने वाला दबोचा
Wed, 29 Dec 2021 01:26 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Wed, 29 Dec 2021 01:26 AM IST
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साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गूगल पे कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य व फर्जी सिम तैयार करके बेचने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है।
साइबर थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 14 सितंबर 2020 में मेडिकल कॉलेज की मामू भांजा निवासी डॉक्टर पल्लवी अग्रवाल से ऑनलाइन ठगी हुई थी। इसमें कई आरोपी पूर्व में जेल भेजे गए हैं। एक आरोपी अमरोहा के मोहम्मदी सराय निवासी मोहम्मद जुनैद का नाम सामने आया। पुलिस ने अब उसे एक साल के प्रयास के बाद गिरफ्तार किया है।
उसने स्वीकारा कि वह लंबे समय से फर्जी सिम एक्टिवेट करता था। वह पांच साल से अपने भाई परवेज के नाम से वोडा आइिडया कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेकर बेच रहा था। वह अनपढ़ व अंजान लोगों के आधार कार्ड व फोटो, अंगूठा निशानी लेकर उनके नाम से फर्जी दस्तावेज बनाकर सिम शुरू करता था और उन सिमों को अपने मित्र अमरोहा के ही आफाक अंसारी को बेचता था।
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आफाक को पुलिस पूर्व में जेल भेज चुकी है। आफाक के जरिये यह सिम इस साइबर हैकर ग्रुप के पास जारी थीं। उसने अब तक आफाक को 400 से अधिक सिम देने और ये सिम साइबर हैकर सरगना महराज गंज के अफरोज तक पहुंचने की बात स्वीकारी है।
यह लोग इन सिमों का प्रयोग पेटीएम वॉलेट एकाउंट बनाने में करते थे। आरोपी के अनुसार कंपनी की ओर से उसे 1200 सिम प्रतिमाह एक्टिवेट करने का लक्ष्य था। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के अनुसार आरोपी की लंबे समय से तलाश थी। उसे जेल भेजा गया है।
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साइबर थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 14 सितंबर 2020 में मेडिकल कॉलेज की मामू भांजा निवासी डॉक्टर पल्लवी अग्रवाल से ऑनलाइन ठगी हुई थी। इसमें कई आरोपी पूर्व में जेल भेजे गए हैं। एक आरोपी अमरोहा के मोहम्मदी सराय निवासी मोहम्मद जुनैद का नाम सामने आया। पुलिस ने अब उसे एक साल के प्रयास के बाद गिरफ्तार किया है।
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उसने स्वीकारा कि वह लंबे समय से फर्जी सिम एक्टिवेट करता था। वह पांच साल से अपने भाई परवेज के नाम से वोडा आइिडया कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेकर बेच रहा था। वह अनपढ़ व अंजान लोगों के आधार कार्ड व फोटो, अंगूठा निशानी लेकर उनके नाम से फर्जी दस्तावेज बनाकर सिम शुरू करता था और उन सिमों को अपने मित्र अमरोहा के ही आफाक अंसारी को बेचता था।
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आफाक को पुलिस पूर्व में जेल भेज चुकी है। आफाक के जरिये यह सिम इस साइबर हैकर ग्रुप के पास जारी थीं। उसने अब तक आफाक को 400 से अधिक सिम देने और ये सिम साइबर हैकर सरगना महराज गंज के अफरोज तक पहुंचने की बात स्वीकारी है।
यह लोग इन सिमों का प्रयोग पेटीएम वॉलेट एकाउंट बनाने में करते थे। आरोपी के अनुसार कंपनी की ओर से उसे 1200 सिम प्रतिमाह एक्टिवेट करने का लक्ष्य था। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के अनुसार आरोपी की लंबे समय से तलाश थी। उसे जेल भेजा गया है।