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गोलियों से गूंजी बाबरी मंडी, पुलिस पर फायरिंग-पथराव
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2016 01:24 AM IST
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गोलियों से गूंजी बाबरी मंडी, पुलिस पर फायरिंग-पथराव
- फोटो : Rupesh
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खटीकान बवाल के ठीक एक साल बाद गोवर्धन पूजा पर सोमवार शाम महानगर का मिश्रित आबादी वाला अतिसंवेदनशील बाबरी मंडी इलाका सांप्रदायिक तनाव पैदा गया। यहां मारपीट-पथराव से तीन महिलाओं सहित आधा दर्जन लोग जख्मी हो गए। खबर पर जब पुलिस पहुंची और पुलिस के सामने भी पथराव हुआ तो लोग भड़क गए। इसके बाद पुलिस ने एक समुदाय के लोगों को खदेड़ना शुरू किया तो उत्पाती पुलिस से ही भिड़ गए। फिर करीब एक घंटे तक पुलिस-उत्पातियों के बीच 100 राउंड से अधिक फायरिंग व पथराव हुआ। पुलिस ने जवाब में हवाई फायरिंग के साथ-साथ आशू गैस के गोले व रबर बुलेट चलाईं और लोगों पर लाठीचार्ज किया। तब जाकर हालात काबू हुए। देर रात तक डीआईजी आरपीएस यादव, डीएम राजमणि यादव, एसएसपी राजेश पांडेय अधिकारी पुलिस बल के साथ जमा थे। इसमें घायल अमित की हालत गंभ्ाीर बनी हुई है। ट्रामा सेंटर में भर्ती है।
घटना शाम आठ बजे के आसपास की है, जब हिंदू समुदाय की महिलाएं बाबरी मंडी के मुहाने पर स्थापित दाऊ जी मंदिर पर गोवर्धन पूजा करने जा रहीं थीं। रास्ते में ही महिलाओं पर कुछ अराजक तत्वों ने कमेंट किया। महिलाओं के साथ चल रहे बच्चों और युवाओं ने विरोध किया तो उत्पाती गालीगलौज पर उतर आए। इसी बीच हिंदू पक्ष के एक युवक ने पटाखा चला दिया, जिसकी चिंगारी दूसरे पक्ष पर चली गई। बस इसके बाद सड़क पर ही मारपीट और हंगामा होने लगा। हंगामा होते देख दोनों पक्षों से भीड़ जमा हो गई और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। इस दौरान एक-दो हवाई फायर भी हुए। जिससे वहां भगदड़ की स्थिति बन गई। इस मारपीट पथराव में महिला शशि व नवीन और अमित आधा दर्जन लोग जख्मी हो गए। इसी बीच जब एसओ सासनी गेट विनोद यादव मौके पर पहुंचे तो समुदाय विशेष के लोगों ने उनके सामने भी पथराव किया। इस पर हिंदू पक्ष ने एसओ की गाड़ी घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। मामला गंभीर देख एसओ ने मैसेज प्रसारित किया तो कुछ ही देर में शहर भर से फोर्स, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ प्रथम राजकुमार पहुंच गए। पुलिस बल ने जब समुदाय विशेष के युवकों को रोकने व खदेड़ने की कोशिश की तो पुलिस पर भी पथराव व फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ते हुए एक्शन लिया और तंग व अंधेरे से घिरी गलियों में एक घंटे तक दोनों ओर से पथराव, फायरिंग के साथ रबर बुलट व आशू गैस का प्रयोग होता रहा। पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। फिर भी गलियों में घुसे उत्पाती लगातार पुलिस पर पथराव और फायरिंग करते रहे।
इसी बीच डीएम, एसएसपी, सीओ तृतीय, क्यूआरटी, पीएसी, स्वॉट, आरआरएफ आदि भी पहुंच गई। तब जाकर हालात काबू हुए। देर रात तक पुलिस बल वहां तैनात था और हिंदू पक्ष को समझाकर घरों में भेजा जा रहा था। बता दें कि वर्ष 2015 में आज ही के दिन खटिकान मोहल्ले में इसी तरह सांप्रदायिक तनाव हुआ था। जिसमें गौरव नाम के युवक की जान गई थी। इस प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से दर्ज मुकदमे वापस लेकर सुलहनामे की बातें चल रही थी। इधर, तीन माह पहले बाबरी मंडी में इसी तरह हिंदू दंपति से छेड़खानी के बाद बवाल की घटना हो गई थी। इसके बाद भी यहां पुलिस की गश्त नहीं बढ़ाई गई। बात पलायन तक पहुंच गई थी हिंदू परिवारों ने यहां से पलायन करने का ऐलान कर दिया था। आज फिर वह जख्म हरा हो गया। देर रात सवा 12 बजे आईजी जोन आगरा सुजीत पांडे घटना स्थ्ाल पर पहुंच गए और लोगों से बात कर रहे थे।
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पलायन कांड में समझौते से पहले जो हुआ, वह कहीं प्लांड तो नहीं
कल विवाद टाला तो आज बहाने से भिड़ंत
अलीगढ़। महानगर के इस अतिसंवेदनशील इलाके बाबरी मंडी व सैयद बाड़ा में चिंगारी समझौते से ऐन पहले कहीं प्लांड तो नहीं। रविवार को दीवाली पर इसी तरह कमेंटबाजी से विवाद खड़ा हुआ। मगर समझाकर शांत करा दिया गया। आज फिर वही बात दुहराई और एक पटाखे को इश्यू बनाकर मारपीट के बीच पथराव शुरू कर दिया गया। चर्चा है कि तीन माह पुराने दंपति विवाद के घटनाक्रम में दोनों ओर से समझौता लगभग तय हो गया है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की सहमति से दोनों ओर से शपथ पत्र भी बन गए हैं। बस वह दाखिल होना शेष है। मगर इस समझौते को कुछ लोग हजम नहीं कर पा रहे। इसी के चलते बहाना तलाश कर प्लानिंग के तहत यह सब कुछ किया गया है।
घटनाक्रम कुछ इस तरह हुआ कि जब समुदाय विशेष के युवकों द्वारा पथराव किया जा रहा था तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ना चाहा तो फायरिंग की आवाज आने लगी। इस पर पुलिस को हाथ में डंडा लेना पड़ा। पुलिस ने उत्पातियों को खदेड़ना शुरू किया तो विरोध शुरू हो गया। छतों पर चढ़कर पुलिस पर पथराव होने लगा। इस पर पुलिस भी छत पर भी चढ़ गई। एक छत से दूसरी पर कूंदते हुए एसओ देहली गेट अनुज व एसओ बन्नादेवी अमित ने वहां बैठे युवकों पर लाठियां भांजना शुरू किया। वहीं नीचे सैयदबाड़ की गलियों में एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव व सीओ प्रथम राजकुमार ने खुद हाथ में रबर बुलट गन लेकर खदेड़ना शुरू किया। मगर पुलिस पर पथराव होता रहा। जब हालात बेकाबू हो रहे थे तो पुलिस ने हवाई फायरिंग शुरू की। उधर से भी फायर हो रहे थे। लगभग एक घंटे तक यह सब चलता रहा। तब तक भारी संख्या में पुलिस फोर्स आ गई। जिन्होंने उत्पातियों को खदेड़ा। इस दौरान पुलिस ने बाबरी मंडी का बाजार भी लोगों से अपील कर बंद करा दिया।
मीडिया कर्मी की बाइक भी तोड़ी
पुलिस पर पथराव फायरिंग के दौरान मीडियाकर्मी भी वहां पहुंच गए थे। पुलिस ने लोगों को खदेड़ रही थी। तभी गली में खड़ी मीडिया कर्मी धीरेंद्र सिंह की बाइक को युवक खींचकर ले गए। उसमें जमकर तोड़फोड़ करते हुए उसे फूंकने की कोशिश की। मगर पुलिस ने खदेड़ दिए।
अन्य मंडलों से भी मांगा फोर्स
पहले अकराबाद के कौड़ियागंज और अब बाबरी मंडी की देखकर एसएसपी-डीआईजी ने अन्य मंडलों से भी फोर्स मांगा है। पहले से ही पांच जनपदों की तैनात फोर्स के अलावा अन्य फोर्स मंगाई गई है। बाबरी मंडी में भी एक बार तो पुलिस की संख्या कम नजर आ रही थी। लेकिन जब एसपी सिटी ने वायरलैस कर भारी मात्रा में फोर्स मंगवाई, तब जाकर उत्पातियों के पैर उखड़े।
जरा सी चूक करा देगी खटीकान की पुनरावृत्ति
खटीकान के ठीक एक साल बाद घने, तंग व मिश्रित आबादी वाले इलाके में हुई इस घटना में अगर पुलिस ने जरा भी देरी की होती तो शायद उस घटना की पुनरावृत्ति हो जाती। मगर पुलिस ने फोर्स एकत्रित करने व भीड़ को खदेड़ने में देर नहीं की।
बंद कर दी बिजली, देर रात डटे रहे अफसर
पथराव और फायरिंग के बीच ही इलाके की बिजली बंद हो गई। कुछ घरों ने बाहर की लाइटें बंद कर दीं ताकि किसी की पहचान न हो सके। इसलिए अंधेरे में पुलिस को खासी दिक्कत हुई। इस बीच देर रात तक डीएम और एसएसपी कुछ घरों में पहुंचे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। अफसरों ने उत्पातियों को पकड़ने में पुलिस की मदद करने की भी अपील की।
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घटना शाम आठ बजे के आसपास की है, जब हिंदू समुदाय की महिलाएं बाबरी मंडी के मुहाने पर स्थापित दाऊ जी मंदिर पर गोवर्धन पूजा करने जा रहीं थीं। रास्ते में ही महिलाओं पर कुछ अराजक तत्वों ने कमेंट किया। महिलाओं के साथ चल रहे बच्चों और युवाओं ने विरोध किया तो उत्पाती गालीगलौज पर उतर आए। इसी बीच हिंदू पक्ष के एक युवक ने पटाखा चला दिया, जिसकी चिंगारी दूसरे पक्ष पर चली गई। बस इसके बाद सड़क पर ही मारपीट और हंगामा होने लगा। हंगामा होते देख दोनों पक्षों से भीड़ जमा हो गई और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। इस दौरान एक-दो हवाई फायर भी हुए। जिससे वहां भगदड़ की स्थिति बन गई। इस मारपीट पथराव में महिला शशि व नवीन और अमित आधा दर्जन लोग जख्मी हो गए। इसी बीच जब एसओ सासनी गेट विनोद यादव मौके पर पहुंचे तो समुदाय विशेष के लोगों ने उनके सामने भी पथराव किया। इस पर हिंदू पक्ष ने एसओ की गाड़ी घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। मामला गंभीर देख एसओ ने मैसेज प्रसारित किया तो कुछ ही देर में शहर भर से फोर्स, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ प्रथम राजकुमार पहुंच गए। पुलिस बल ने जब समुदाय विशेष के युवकों को रोकने व खदेड़ने की कोशिश की तो पुलिस पर भी पथराव व फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ते हुए एक्शन लिया और तंग व अंधेरे से घिरी गलियों में एक घंटे तक दोनों ओर से पथराव, फायरिंग के साथ रबर बुलट व आशू गैस का प्रयोग होता रहा। पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। फिर भी गलियों में घुसे उत्पाती लगातार पुलिस पर पथराव और फायरिंग करते रहे।
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इसी बीच डीएम, एसएसपी, सीओ तृतीय, क्यूआरटी, पीएसी, स्वॉट, आरआरएफ आदि भी पहुंच गई। तब जाकर हालात काबू हुए। देर रात तक पुलिस बल वहां तैनात था और हिंदू पक्ष को समझाकर घरों में भेजा जा रहा था। बता दें कि वर्ष 2015 में आज ही के दिन खटिकान मोहल्ले में इसी तरह सांप्रदायिक तनाव हुआ था। जिसमें गौरव नाम के युवक की जान गई थी। इस प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से दर्ज मुकदमे वापस लेकर सुलहनामे की बातें चल रही थी। इधर, तीन माह पहले बाबरी मंडी में इसी तरह हिंदू दंपति से छेड़खानी के बाद बवाल की घटना हो गई थी। इसके बाद भी यहां पुलिस की गश्त नहीं बढ़ाई गई। बात पलायन तक पहुंच गई थी हिंदू परिवारों ने यहां से पलायन करने का ऐलान कर दिया था। आज फिर वह जख्म हरा हो गया। देर रात सवा 12 बजे आईजी जोन आगरा सुजीत पांडे घटना स्थ्ाल पर पहुंच गए और लोगों से बात कर रहे थे।
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कल विवाद टाला तो आज बहाने से भिड़ंत
अलीगढ़। महानगर के इस अतिसंवेदनशील इलाके बाबरी मंडी व सैयद बाड़ा में चिंगारी समझौते से ऐन पहले कहीं प्लांड तो नहीं। रविवार को दीवाली पर इसी तरह कमेंटबाजी से विवाद खड़ा हुआ। मगर समझाकर शांत करा दिया गया। आज फिर वही बात दुहराई और एक पटाखे को इश्यू बनाकर मारपीट के बीच पथराव शुरू कर दिया गया। चर्चा है कि तीन माह पुराने दंपति विवाद के घटनाक्रम में दोनों ओर से समझौता लगभग तय हो गया है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की सहमति से दोनों ओर से शपथ पत्र भी बन गए हैं। बस वह दाखिल होना शेष है। मगर इस समझौते को कुछ लोग हजम नहीं कर पा रहे। इसी के चलते बहाना तलाश कर प्लानिंग के तहत यह सब कुछ किया गया है।
घटनाक्रम कुछ इस तरह हुआ कि जब समुदाय विशेष के युवकों द्वारा पथराव किया जा रहा था तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ना चाहा तो फायरिंग की आवाज आने लगी। इस पर पुलिस को हाथ में डंडा लेना पड़ा। पुलिस ने उत्पातियों को खदेड़ना शुरू किया तो विरोध शुरू हो गया। छतों पर चढ़कर पुलिस पर पथराव होने लगा। इस पर पुलिस भी छत पर भी चढ़ गई। एक छत से दूसरी पर कूंदते हुए एसओ देहली गेट अनुज व एसओ बन्नादेवी अमित ने वहां बैठे युवकों पर लाठियां भांजना शुरू किया। वहीं नीचे सैयदबाड़ की गलियों में एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव व सीओ प्रथम राजकुमार ने खुद हाथ में रबर बुलट गन लेकर खदेड़ना शुरू किया। मगर पुलिस पर पथराव होता रहा। जब हालात बेकाबू हो रहे थे तो पुलिस ने हवाई फायरिंग शुरू की। उधर से भी फायर हो रहे थे। लगभग एक घंटे तक यह सब चलता रहा। तब तक भारी संख्या में पुलिस फोर्स आ गई। जिन्होंने उत्पातियों को खदेड़ा। इस दौरान पुलिस ने बाबरी मंडी का बाजार भी लोगों से अपील कर बंद करा दिया।
मीडिया कर्मी की बाइक भी तोड़ी
पुलिस पर पथराव फायरिंग के दौरान मीडियाकर्मी भी वहां पहुंच गए थे। पुलिस ने लोगों को खदेड़ रही थी। तभी गली में खड़ी मीडिया कर्मी धीरेंद्र सिंह की बाइक को युवक खींचकर ले गए। उसमें जमकर तोड़फोड़ करते हुए उसे फूंकने की कोशिश की। मगर पुलिस ने खदेड़ दिए।
अन्य मंडलों से भी मांगा फोर्स
पहले अकराबाद के कौड़ियागंज और अब बाबरी मंडी की देखकर एसएसपी-डीआईजी ने अन्य मंडलों से भी फोर्स मांगा है। पहले से ही पांच जनपदों की तैनात फोर्स के अलावा अन्य फोर्स मंगाई गई है। बाबरी मंडी में भी एक बार तो पुलिस की संख्या कम नजर आ रही थी। लेकिन जब एसपी सिटी ने वायरलैस कर भारी मात्रा में फोर्स मंगवाई, तब जाकर उत्पातियों के पैर उखड़े।
जरा सी चूक करा देगी खटीकान की पुनरावृत्ति
खटीकान के ठीक एक साल बाद घने, तंग व मिश्रित आबादी वाले इलाके में हुई इस घटना में अगर पुलिस ने जरा भी देरी की होती तो शायद उस घटना की पुनरावृत्ति हो जाती। मगर पुलिस ने फोर्स एकत्रित करने व भीड़ को खदेड़ने में देर नहीं की।
बंद कर दी बिजली, देर रात डटे रहे अफसर
पथराव और फायरिंग के बीच ही इलाके की बिजली बंद हो गई। कुछ घरों ने बाहर की लाइटें बंद कर दीं ताकि किसी की पहचान न हो सके। इसलिए अंधेरे में पुलिस को खासी दिक्कत हुई। इस बीच देर रात तक डीएम और एसएसपी कुछ घरों में पहुंचे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। अफसरों ने उत्पातियों को पकड़ने में पुलिस की मदद करने की भी अपील की।