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एटीएस अलीगढ़ में, मन्नान के साथी रडार पर
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 09 Jan 2018 02:08 AM IST
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आतंकी गतिविधि में शामिल होने के आरोपी एएमयू शोध छात्र का प्रकरण सामने आने के बाद यूपी एटीएस की एक टीम ने अलीगढ़ में डेरा डाल दिया है। जबकि एक टीम अन्य शहरों में जाकर मन्नान वानी के कनेक्शन की तलाश कर रही है। अलीगढ़ में मन्नान और उससे जुड़े सभी लोग रडार पर आ गए हैं। मन्नान ने छात्र संघ के प्रत्याशियों को चुनाव भी लड़ाया है। वह भी एटीएस की जांच के दायरे में है। प्राथमिक तौर पर पता चला है कि एक साल पहले भी मन्नान को लेकर विवादित बातें सामने आयी थीं, लेकिन उस समय मामला दब गया था।
यूपी एटीएस की जिस टीम ने अलीगढ़ में डेरा डाला है वह टीम जानकारी कर रही है कि मन्नान अलीगढ़ में किन लोगों के संपर्क में रहता था। किन के साथ ज्यादा समय गुजारता था। किन-किन जगहों पर जाता था। किन-किन जगहों पर खाना खाता था। इसके अलावा वह किन शहरों में कब कब गया।
अलीगढ़ से कश्मीर कितनी बार गया और कब-कब गया। किन शिक्षकों के संपर्क में कब-कब आया। इसके अलावा यूपी एटीएस यह भी जानकारी करने की कोशिश कर ही है कि वह क्या कारण थे जिसके बाद मन्नान का झुकाव पृथकतावादी गतिविधियों की ओर हो गया।
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यूपी एटीएस की प्राथमिकता इस बात को जानने की भी है कि मन्नान के कश्मीरी साथियों ने अब आकर ही उसके संबंध में सूचना दिल्ली स्थित सुरक्षा एजेंसियों को क्यों दी? इससे पहले उसके कश्मीरी साथियों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह क्यों उनकी बात नहीं माना। यह सभी तथ्य एटीएस की प्राथमिकता सूची में हैं।
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यूपी एटीएस की जिस टीम ने अलीगढ़ में डेरा डाला है वह टीम जानकारी कर रही है कि मन्नान अलीगढ़ में किन लोगों के संपर्क में रहता था। किन के साथ ज्यादा समय गुजारता था। किन-किन जगहों पर जाता था। किन-किन जगहों पर खाना खाता था। इसके अलावा वह किन शहरों में कब कब गया।
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अलीगढ़ से कश्मीर कितनी बार गया और कब-कब गया। किन शिक्षकों के संपर्क में कब-कब आया। इसके अलावा यूपी एटीएस यह भी जानकारी करने की कोशिश कर ही है कि वह क्या कारण थे जिसके बाद मन्नान का झुकाव पृथकतावादी गतिविधियों की ओर हो गया।
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यूपी एटीएस की प्राथमिकता इस बात को जानने की भी है कि मन्नान के कश्मीरी साथियों ने अब आकर ही उसके संबंध में सूचना दिल्ली स्थित सुरक्षा एजेंसियों को क्यों दी? इससे पहले उसके कश्मीरी साथियों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह क्यों उनकी बात नहीं माना। यह सभी तथ्य एटीएस की प्राथमिकता सूची में हैं।