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आर्मी इंटेलिजेंस ने की जेल में की फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल से पूछताछ
Sat, 08 Aug 2020 11:43 PM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 08 Aug 2020 11:43 PM IST
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फर्जी लेफ्टीनेंट कर्नल प्रदीप उर्फ पीरू।
- फोटो : ब्यूूराे
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सेना में भर्ती कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले लुधियाना के नूरपुर निवासी फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल से आर्मी इंटेलिजेंस ने जिला कारागार में पूछताछ की। इसके साथ ही मौका मुआयना भी किया, जहां से इस फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल को गिरफ्तार किया गया था।
बताते हैं कि आर्मी इंटेलिजेंस ने ठग के पास से बरामद गाड़ी का भी गहनता से निरीक्षण किया। तीन सिम भी बरामद किए हैं। बताया गया है कि इस ठग पर पंजाब के साथ ही हरियाणा व राजस्थान में भी ठगी के 15 मुकदमे दर्ज हैं। तीनों राज्यों की पुलिस उसे तलाश रही थी।
नूरपुर लुधियाना निवासी प्रदीप उर्फ पीरू अपने दिव्यांग भाई श्रवण सिंह पुत्र गुरमेल सिंह के नाम पर फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल बनकर सेना में भर्ती के नाम पर लोगों को ठगता था। उसने जनपद मथुरा के थाना मांट के गांव कुड़वारा निवासी रामकुमार पुत्र कालीचरन समेत दो अन्य से सेना में भर्ती के नाम पर साढ़े सात लाख रुपये लिए थे।
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रामकुमार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करते हुए पुलिस ने बृहस्पतिवार को 11 बजे गांव भीलपुर में बत्तोदेवी स्कूल के समीप से गाड़ी सवार फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल को वर्दी में हिरासत में लिया था। उसके पास से फर्जी पैन कार्ड, फर्जी आईडी, फर्जी कैंटीन कार्ड, फर्जी परिचय पत्र, फर्जी शैक्षिक अभिलेख बरामद हुए थे।
फर्जी लेफ्टिनेंट के पकड़े जाने पर आर्मी इंटेलीजेंस भी यह पता लगाने में जुट गई है कि उसके तार किस-किस से जुड़े हैं। मेजर गौरव निरंजन के नेतृत्व में आर्मी इंटेलिजेंस की चार सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को गिरफ्तारी स्थल का निरीक्षण कर तीन सिम कार्ड बरामद किए।
जेल में आरोपी से पूछताछ की। प्रदीप उर्फ पीरू अपने श्रवण सिंह के प्रमाण पत्रों के आधार पर 2002 में सेना में भर्ती हुआ था और 2016 में बर्खास्त हो गया था। इसके बाद से वह ठगी करते घूम रहा था।
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बताते हैं कि आर्मी इंटेलिजेंस ने ठग के पास से बरामद गाड़ी का भी गहनता से निरीक्षण किया। तीन सिम भी बरामद किए हैं। बताया गया है कि इस ठग पर पंजाब के साथ ही हरियाणा व राजस्थान में भी ठगी के 15 मुकदमे दर्ज हैं। तीनों राज्यों की पुलिस उसे तलाश रही थी।
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नूरपुर लुधियाना निवासी प्रदीप उर्फ पीरू अपने दिव्यांग भाई श्रवण सिंह पुत्र गुरमेल सिंह के नाम पर फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल बनकर सेना में भर्ती के नाम पर लोगों को ठगता था। उसने जनपद मथुरा के थाना मांट के गांव कुड़वारा निवासी रामकुमार पुत्र कालीचरन समेत दो अन्य से सेना में भर्ती के नाम पर साढ़े सात लाख रुपये लिए थे।
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रामकुमार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करते हुए पुलिस ने बृहस्पतिवार को 11 बजे गांव भीलपुर में बत्तोदेवी स्कूल के समीप से गाड़ी सवार फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल को वर्दी में हिरासत में लिया था। उसके पास से फर्जी पैन कार्ड, फर्जी आईडी, फर्जी कैंटीन कार्ड, फर्जी परिचय पत्र, फर्जी शैक्षिक अभिलेख बरामद हुए थे।
फर्जी लेफ्टिनेंट के पकड़े जाने पर आर्मी इंटेलीजेंस भी यह पता लगाने में जुट गई है कि उसके तार किस-किस से जुड़े हैं। मेजर गौरव निरंजन के नेतृत्व में आर्मी इंटेलिजेंस की चार सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को गिरफ्तारी स्थल का निरीक्षण कर तीन सिम कार्ड बरामद किए।
जेल में आरोपी से पूछताछ की। प्रदीप उर्फ पीरू अपने श्रवण सिंह के प्रमाण पत्रों के आधार पर 2002 में सेना में भर्ती हुआ था और 2016 में बर्खास्त हो गया था। इसके बाद से वह ठगी करते घूम रहा था।