{"_id":"5a53d4984f1c1b3e198b59eb","slug":"amu-was-active-during-the-student-union-election-mannan","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू छात्र संघ चुनाव के दौरान सक्रिय था मन्नान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एएमयू छात्र संघ चुनाव के दौरान सक्रिय था मन्नान
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 09 Jan 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
mannan vani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकी संगठन से जुड़ने के आरोप में फंसे शोध छात्र मन्नान बशीर वानी एएमयू छात्र संघ चुनाव के दौरान सक्रिय रहा था। कुछ वर्ष पहले उसने एक छात्र नेता को चुनाव लड़ाने एवं जिताने में पूरी ताकत झोक दी थी।
दिसंबर में एएमयू छात्र संघ चुनाव हुआ था। छात्रों की मानें तो उस समय मन्नान वानी बेहद सक्रिय था। कुछ वर्ष पहले भी उसने एक छात्र नेता को चुनाव लड़वाया था और उसकी जीत भी हुई थी। जम्मू-कश्मीर के छात्रों के बीच वह कश्मीर की आजादी का कट्टर समर्थक था। पिछले वर्ष आजादी से संबंधित एक कैलेंडर जारी करने को लेकर उसका नाम चर्चा में आया था। उसके करीबी उसके विचार एवं तुनक मिजाजी से आशंकित रहते थे और उसे समझाने का प्रयास भी करते थे।
मन्नान को जानने वालों की मानें तो वह पढ़ाई में भी होनहार था और पेपर प्रस्तुतीकरण में अवार्ड भी जीता था। जम्मू-कश्मीर के छात्रों की राजनीति पर नजर रखने वाले लोगों की मानें तो वर्तमान में एएमयू में जम्मू-कश्मीर के छात्रों के दो गुट हैं। यह भी चर्चा है कि एक गुट द्वारा दिल्ली में मन्नान बशीर वानी की शिकायत भी की गई थी। हालांकि इस संबंध में कुछ भी बोलने से जम्मू-कश्मीर के छात्र कतरा रहे हैं।
विज्ञापन
2013 में एमएससी में दाखिला लिया था मन्नान ने
अलीगढ़। प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़ने को लेकर चर्चा में आए एएमयू के शोध छात्र मन्नान बशीर वानी ने एमएससी में वर्ष 2013 में एएमयू के भूगर्भ विज्ञान विभाग में दाखिला लिया। यहीं से 2014-15 में एमफिल की। उसके बाद विभाग के प्रोफेसर सैयद अली अहमद के निर्देशन में शोध कर रहा है। एमफिल एवं एमएससी के दौरान वह हबीब हॉल के कमरा नंबर क्रमश: 72 एवं 41 में रहा। नवंबर 2016 में पीएचडी में दाखिला लिया और हबीब हॉल के कमरा नंबर 237 में रह रहा था।
विज्ञापन
दिसंबर में एएमयू छात्र संघ चुनाव हुआ था। छात्रों की मानें तो उस समय मन्नान वानी बेहद सक्रिय था। कुछ वर्ष पहले भी उसने एक छात्र नेता को चुनाव लड़वाया था और उसकी जीत भी हुई थी। जम्मू-कश्मीर के छात्रों के बीच वह कश्मीर की आजादी का कट्टर समर्थक था। पिछले वर्ष आजादी से संबंधित एक कैलेंडर जारी करने को लेकर उसका नाम चर्चा में आया था। उसके करीबी उसके विचार एवं तुनक मिजाजी से आशंकित रहते थे और उसे समझाने का प्रयास भी करते थे।
विज्ञापन
मन्नान को जानने वालों की मानें तो वह पढ़ाई में भी होनहार था और पेपर प्रस्तुतीकरण में अवार्ड भी जीता था। जम्मू-कश्मीर के छात्रों की राजनीति पर नजर रखने वाले लोगों की मानें तो वर्तमान में एएमयू में जम्मू-कश्मीर के छात्रों के दो गुट हैं। यह भी चर्चा है कि एक गुट द्वारा दिल्ली में मन्नान बशीर वानी की शिकायत भी की गई थी। हालांकि इस संबंध में कुछ भी बोलने से जम्मू-कश्मीर के छात्र कतरा रहे हैं।
विज्ञापन
2013 में एमएससी में दाखिला लिया था मन्नान ने
अलीगढ़। प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़ने को लेकर चर्चा में आए एएमयू के शोध छात्र मन्नान बशीर वानी ने एमएससी में वर्ष 2013 में एएमयू के भूगर्भ विज्ञान विभाग में दाखिला लिया। यहीं से 2014-15 में एमफिल की। उसके बाद विभाग के प्रोफेसर सैयद अली अहमद के निर्देशन में शोध कर रहा है। एमफिल एवं एमएससी के दौरान वह हबीब हॉल के कमरा नंबर क्रमश: 72 एवं 41 में रहा। नवंबर 2016 में पीएचडी में दाखिला लिया और हबीब हॉल के कमरा नंबर 237 में रह रहा था।