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अब बंगलादेशी कनेक्शन वालों के सियासी मददगारों की होगी जांच
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:52 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
हरदुआगंज मुठभेड़ कांड पर सियासी सवाल खड़े होने के बाद डीजीपी से मिलने पहुंचे एसएसपी व उनकी टीम को वहां से शाबासी मिली है। उन्होंने कहा कि डीजीपी स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इन अपराधियों व इनके परिवारों के बंगलादेशी कनेक्शनों की जड़ तक जांच होगी।
साथ में इन परिवारों के मतदाता व आधार कार्ड कैसे बन गए, यह बड़ी साजिश की ओर इशारा करता हुआ बड़ा सवाल। इसकी भी गहराई से जांच होगी। यह साफ है कि यह सब बिना सियासी मददगार के संभव नहीं है। इसलिए इनके सियासी मददगारों की भी गहराई से जांच होगी और उन पर अपराधियों की मदद को लेकर कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि वह अवकाश लेकर निजी काम से लखनऊ गए थे। इस दौरान डीजीपी से उन्होंने मुलाकात की। मुठभेड़ कांड को लेकर बारीकियों, सच्चाई और साक्ष्यों से अवगत कराया। इस पर उन्होंने पूरी अलीगढ़ पुलिस टीम को इस वर्कआउट के लिए शाबासी दी है।
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जिस तरह से साधुओं की सिलसिलेवार हत्याएं की जा रही थीं और सरकार को निशाना बनाया जा रहा था, उससे पुलिस के लिए सिरदर्द बढ़ सकता था। इसे लेकर अलीगढ़ पुलिस की पीठ ठोंकी है।
वहीं यह निर्देश मिले हैं कि इस मामले में गहराई तक जांच कराई जाए। एसएसपी ने बताया कि अपने जिले में इस तरह के और भी अनगिनत परिवार देहात व शहरी क्षेत्र में रह रहे हो सकते हैं, जो गैर मुल्क या गैर प्रांतों से आकर बसे हैं। इनके यहां आधार व वोटर कार्ड सहित अन्य सरकारी प्रमाण पत्र बन गए हैं। इन सभी की जांच होगी। किसकी मदद से बने, इसे जांच के दायरे में लाया जाएगा। मददगारों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने कहा कि नौशाद-मुस्तकीम के एक ही परिवार के 18 सदस्यों के फर्जी प्रमाण पत्र तो महज इसलिए खुल गए कि वह अपराधी थे और बड़े अपराध में उनका नाम आया तो जांच में कलई खुल गई। वरना यह साजिश शायद नहीं खुलती। एसएसपी ने यह भी कहा कि अलीगढ़ पुलिस का अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन रुकेगा नहीं, जो भी अपराध करेगा और संलिप्तता उजागर होगी, उस अपराधी पर कार्रवाई होगी।
बंगलादेशी होने की खोज में लगाई एजेंसियां
मुठभेड़ में मारे गए नौशाद व मुस्तकीम के परिवार के बंगलादेशी कनेक्शनों की पड़ताल के लिए शासन व गृह मंत्रालय के निर्देश पर खुफिया एजेंसियां भी लग गई हैं। चूंकि पिछले दिनों बंगलादेशियों को देश से बाहर करने के सरकार के निर्णय से इस तरह से बाहर से आकर यहां बसे लोग चुप्पी साधे हुए थे। यहां मुठभेड़ कांड के बाद अलीगढ़ में रह रहे अपराधियों के बंगलादेशी कनेक्शन सामने आने पर यह जांच कराई जा रही है कि कहीं यह वाकई बंगलादेशी तो नहीं।
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हरदुआगंज मुठभेड़ कांड पर सियासी सवाल खड़े होने के बाद डीजीपी से मिलने पहुंचे एसएसपी व उनकी टीम को वहां से शाबासी मिली है। उन्होंने कहा कि डीजीपी स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इन अपराधियों व इनके परिवारों के बंगलादेशी कनेक्शनों की जड़ तक जांच होगी।
साथ में इन परिवारों के मतदाता व आधार कार्ड कैसे बन गए, यह बड़ी साजिश की ओर इशारा करता हुआ बड़ा सवाल। इसकी भी गहराई से जांच होगी। यह साफ है कि यह सब बिना सियासी मददगार के संभव नहीं है। इसलिए इनके सियासी मददगारों की भी गहराई से जांच होगी और उन पर अपराधियों की मदद को लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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एसएसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि वह अवकाश लेकर निजी काम से लखनऊ गए थे। इस दौरान डीजीपी से उन्होंने मुलाकात की। मुठभेड़ कांड को लेकर बारीकियों, सच्चाई और साक्ष्यों से अवगत कराया। इस पर उन्होंने पूरी अलीगढ़ पुलिस टीम को इस वर्कआउट के लिए शाबासी दी है।
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जिस तरह से साधुओं की सिलसिलेवार हत्याएं की जा रही थीं और सरकार को निशाना बनाया जा रहा था, उससे पुलिस के लिए सिरदर्द बढ़ सकता था। इसे लेकर अलीगढ़ पुलिस की पीठ ठोंकी है।
वहीं यह निर्देश मिले हैं कि इस मामले में गहराई तक जांच कराई जाए। एसएसपी ने बताया कि अपने जिले में इस तरह के और भी अनगिनत परिवार देहात व शहरी क्षेत्र में रह रहे हो सकते हैं, जो गैर मुल्क या गैर प्रांतों से आकर बसे हैं। इनके यहां आधार व वोटर कार्ड सहित अन्य सरकारी प्रमाण पत्र बन गए हैं। इन सभी की जांच होगी। किसकी मदद से बने, इसे जांच के दायरे में लाया जाएगा। मददगारों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने कहा कि नौशाद-मुस्तकीम के एक ही परिवार के 18 सदस्यों के फर्जी प्रमाण पत्र तो महज इसलिए खुल गए कि वह अपराधी थे और बड़े अपराध में उनका नाम आया तो जांच में कलई खुल गई। वरना यह साजिश शायद नहीं खुलती। एसएसपी ने यह भी कहा कि अलीगढ़ पुलिस का अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन रुकेगा नहीं, जो भी अपराध करेगा और संलिप्तता उजागर होगी, उस अपराधी पर कार्रवाई होगी।
बंगलादेशी होने की खोज में लगाई एजेंसियां
मुठभेड़ में मारे गए नौशाद व मुस्तकीम के परिवार के बंगलादेशी कनेक्शनों की पड़ताल के लिए शासन व गृह मंत्रालय के निर्देश पर खुफिया एजेंसियां भी लग गई हैं। चूंकि पिछले दिनों बंगलादेशियों को देश से बाहर करने के सरकार के निर्णय से इस तरह से बाहर से आकर यहां बसे लोग चुप्पी साधे हुए थे। यहां मुठभेड़ कांड के बाद अलीगढ़ में रह रहे अपराधियों के बंगलादेशी कनेक्शन सामने आने पर यह जांच कराई जा रही है कि कहीं यह वाकई बंगलादेशी तो नहीं।