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लूट के बाद की गई मडराक में मिले ग्रामीणों की हत्या

Fri, 10 Aug 2018 02:52 AM IST
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:52 AM IST
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लूट के बाद की गई मडराक में मिले ग्रामीणों की हत्या
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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मडराक इलाके में मनोहरपुर कायस्थ स्थित गंदे नाले के पास हत्या कर फेंके गए दोनों शवों की पहचान हो गई है। इन्हें डेढ़ लाख रुपये लूटने के बाद हत्या कर यहां फेंका गया था। यह दोनों हाथरस के चंदपा क्षेत्र के गांव चांदगढ़ी तेहरा के ग्रामीण थे, जो रविवार को पशु खरीदने घर से निकले थे। इसके बाद इनका कोई सुराग नहीं लग रहा था और परिजन इन्हें चंदपा से लेकर खुर्जा तक तलाशते फिर रहे थे।

बुधवार देर शाम दो शवों के मिलने की खबर पर गुरुवार सुबह इनके परिजन मडराक थाने पहुंचे, जहां उनकी पहचान कर ली गई। इसके बाद पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचे परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल था। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पहले सिर में वजनी वस्तु से चोट और फिर पानी में डूबना आया है। दोनों की हत्या करीब तीन दिन पहले हो चुकी है।
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मथुरा रोड बाईपास के गांव मनोहरपुर कायस्थ के पास गंदे नाले से बुधवार शाम करीब 7 बजे गुजर रहे राहगीर ने नाले की पुलिया से करीब 500 मीटर आगे नाले में एक लाश पानी में उतराती देखी। इस सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब तलाश कराई तो वहां दो शव मिले।
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इधर, गुरुवार सुबह हाथरस के चंदपा के गांव तेहरा चांदगढ़ी से कुछ लोग पहुंचे और फोटो आदि के आधार पर दोनों की पहचान हुकुम सिंह (40) पुत्र भोजराज कोरी व तारा सिंह (65) पुत्र गजाधर सिंह बघेल के रूप में की गई। बाद में इन परिजनों ने पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचकर इनको कपड़ों आदि के आधार पर पहचान लिया। एसओ मडराक के अनुसार परिजनों ने बताया कि यह दोनों रविवार सुबह करीब 5 बजे खुर्जा से पशु खरीदने जाने के लिए घर से निकले थे। गांव के बाहर तक उन्हें तारा सिंह का बेटा छोड़कर आया था और रोडवेज में बैठाया था। इनमें से हुकुम सिंह के पास मोबाइल था और दोनों अपने-अपने पशु खरीदने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये लेकर गए थे। यहां से जाने के चंद घंटे बाद इनका मोबाइल मिलना बंद हो गया था।

इसके बाद जब देर शाम तक यह दोनों नहीं लौटे तो परिजनों ने पहले चंदपा थाने पहुंचकर और इसके बाद खुर्जा पहुंचकर जानकारी की। मगर दोनों जगह कोई सटीक सूचना नहीं मिली और परिजन लगातार खोज रहे थे। अब अंदेशा जताया जा रहा है कि या तो किसी जहरखुरान गिरोह ने या फिर किसी ठग ने इन्हें लूटा है। इसके बाद या तो कुछ खिलाकर या फिर गला दबाकर हत्या कर इनके शवों को यहां फेंका है। अंदेशा है कि इन्हें यहां बातों में उलझाकर उतारा गया होगा। इनके पास से नकदी, मोबाइल व दस्तावेज गायब मिले हैं। एसओ सर्वेश कुमार के अनुसार फिलहाल शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व परिजनों की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

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हुकुम सिंह के चारों बच्चे नाबालिग हैं, बीवी बेहाल
इस घटना का कहर वैसे तो दोनों ही परिवारों पर टूटा है, मगर हुकुम सिंह की बीवी मीना का हाल बेहाल था। हुकुम सिंह के 4 बच्चों में दो बेटे व दो बेटी हैं। चारों नाबालिग हैं। वह खुद बुग्गी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। वह घटना वाले दिन भैंसा खरीदने निकला था। इसी तरह तारा सिंह के पांच बच्चों में दो बेटे तीन बेटियां हैँ। सभी विवाहित हैं। वह पशु पालन का काम करता था।
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