{"_id":"5c3f9209bdec227327041e21","slug":"51547670025-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
विज्ञापन
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
महानगर के थाना बन्नादेवी के लक्ष्मिपुर की एक विधवा महिला से बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये की ठगी का मामले सामने आया है। महिला का आरोप है कि दो युवकों ने उससे बेटे को 35 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने के एवज में ट्रेनिंग कराने के नाम पर 70 हजार रुपये लिए थे। मगर, उन्होंने नौकरी नहीं लगवाई। पैसे वापस मांगने पर बेटे को अगवा कर जान से मारने का प्रयास किया।
महिला ने एसएसपी से शिकायत कर मामले में एफआईआर दर्ज कराने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। एसएसपी ने महिला को जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
लक्ष्मिपुर की रहने वाली हरवेजी देवी ने बताया कि उनका 16 वर्ष का बेटा विशाल है। पति की मृत्यु हो चुकी है। वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करती हैं। आठ माह पूर्व एक शादी समारोह में काम करने गई थी। बेटा भी साथ गया था। वहां दो युवकों (सोनू और कालू) से बेटे का परिचय हुआ। उन्होंने नौकरी लगवाने की बात कही और कुछ दिन बाद अपने ऑफिस बुलाकर 70 हजार रुपये ले लिए। तीन माह की ट्रेनिंग दिलाने के बाद 35 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी मिलने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
मगर, नौकरी नहीं दिलाई। अक्तूबर 2018 में एक दिन बेटा पैसे वापस मांगने गया तो उसे नशीला पदार्थ खिलाकर शहर भर में लेकर घूमे और हरदासपुर के पास हाइवे किनारे फेंक गए। मामले में थाना पुलिस को तहरीर दी थी। वहां से हरदासपुर की घटना बताकर संबंधित थाने में शिकायत देने का कहा था।
ठगी के गिरोहों की सर्विलांस सेल करे जांच
अलीगढ़। बेरोजगारों को नौकरी और छात्रों को आईटीआई जैसे संस्थानों में प्रवेश दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ सर्विलांस सेल से जांच कराने की मांग उठी है। बुधवार को ठगी के शिकार पांच युवकों ने एसएसपी से मिलकर यह मांग की। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही ठगों के नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। शिकायत करने वालों में पर्यावरण व संरक्षण समिति के अध्यक्ष रंजन राना, रुपेंद्र, सत्यभान, दीपक, सर्वण, दयाशंकर शामिल रहे।
विज्ञापन
महानगर के थाना बन्नादेवी के लक्ष्मिपुर की एक विधवा महिला से बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये की ठगी का मामले सामने आया है। महिला का आरोप है कि दो युवकों ने उससे बेटे को 35 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने के एवज में ट्रेनिंग कराने के नाम पर 70 हजार रुपये लिए थे। मगर, उन्होंने नौकरी नहीं लगवाई। पैसे वापस मांगने पर बेटे को अगवा कर जान से मारने का प्रयास किया।
महिला ने एसएसपी से शिकायत कर मामले में एफआईआर दर्ज कराने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। एसएसपी ने महिला को जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
लक्ष्मिपुर की रहने वाली हरवेजी देवी ने बताया कि उनका 16 वर्ष का बेटा विशाल है। पति की मृत्यु हो चुकी है। वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करती हैं। आठ माह पूर्व एक शादी समारोह में काम करने गई थी। बेटा भी साथ गया था। वहां दो युवकों (सोनू और कालू) से बेटे का परिचय हुआ। उन्होंने नौकरी लगवाने की बात कही और कुछ दिन बाद अपने ऑफिस बुलाकर 70 हजार रुपये ले लिए। तीन माह की ट्रेनिंग दिलाने के बाद 35 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी मिलने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
मगर, नौकरी नहीं दिलाई। अक्तूबर 2018 में एक दिन बेटा पैसे वापस मांगने गया तो उसे नशीला पदार्थ खिलाकर शहर भर में लेकर घूमे और हरदासपुर के पास हाइवे किनारे फेंक गए। मामले में थाना पुलिस को तहरीर दी थी। वहां से हरदासपुर की घटना बताकर संबंधित थाने में शिकायत देने का कहा था।
ठगी के गिरोहों की सर्विलांस सेल करे जांच
अलीगढ़। बेरोजगारों को नौकरी और छात्रों को आईटीआई जैसे संस्थानों में प्रवेश दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ सर्विलांस सेल से जांच कराने की मांग उठी है। बुधवार को ठगी के शिकार पांच युवकों ने एसएसपी से मिलकर यह मांग की। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही ठगों के नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। शिकायत करने वालों में पर्यावरण व संरक्षण समिति के अध्यक्ष रंजन राना, रुपेंद्र, सत्यभान, दीपक, सर्वण, दयाशंकर शामिल रहे।