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संदिग्धों के 50 मकान चिन्हित, रोहिंग्या होने का शक
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Tue, 16 Oct 2018 01:46 AM IST
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तहसील कोल की टीम ने सोमवार को गांव चिलकौरा में संदिग्धों के 50 मकान चिन्हित किये हैं। यह मकान एक हेक्टेयर सरकारी चारागाह की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाए गए थे। वहां के निवासियों की अटपटी भाषा के चलते अफसरों को उनके रोहिंग्या अथवा बांग्लादेशी होने का शक है। इस मामले में डीएम से आदेश कराकर पुलिस से जांच कराने की तैयारी है।
गांव चिलकौरा में तीन हेक्टेयर सरकारी चारागाह की भूमि है। यहां करीब एक हेक्टेयर क्षेत्र में कुछ लोगों ने वर्षों पहले अवैध रूप से कब्जा कर मकान बना लिये थे। इसकी सूचना मिलने पर सरकारी भूमियों से अवैध कब्जा हटाने का अभियान चलाने वाले ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में तहसील कोल की टीम सोमवार को घटनास्थल पर पहुंच गई।
टीम ने सरकारी भूमि पर बने 50 मकान चिन्हित कर निशान लगा लिये, जिनमें सैकड़ों लोग रह रहे हैं। एसडीएम कोल व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जोगिंदर सिंह ने बताया कि इन सभी मकानों को ध्वस्त करा दिया जाएगा।
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वहां के निवासियों से बातचीत की गई तो उनकी भाषा अटपटी लगी। इससे प्रतीत हुआ कि वे स्थानीय निवासी नहीं हैं, बल्कि बाहरी हैं। संभवत: रोहिंग्या अथवा बंगलादेशी हों, डीएम को इसकी रिपोर्ट सौंप कर उनसे पुलिस के माध्यम से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा।
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गांव चिलकौरा में तीन हेक्टेयर सरकारी चारागाह की भूमि है। यहां करीब एक हेक्टेयर क्षेत्र में कुछ लोगों ने वर्षों पहले अवैध रूप से कब्जा कर मकान बना लिये थे। इसकी सूचना मिलने पर सरकारी भूमियों से अवैध कब्जा हटाने का अभियान चलाने वाले ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में तहसील कोल की टीम सोमवार को घटनास्थल पर पहुंच गई।
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टीम ने सरकारी भूमि पर बने 50 मकान चिन्हित कर निशान लगा लिये, जिनमें सैकड़ों लोग रह रहे हैं। एसडीएम कोल व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जोगिंदर सिंह ने बताया कि इन सभी मकानों को ध्वस्त करा दिया जाएगा।
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वहां के निवासियों से बातचीत की गई तो उनकी भाषा अटपटी लगी। इससे प्रतीत हुआ कि वे स्थानीय निवासी नहीं हैं, बल्कि बाहरी हैं। संभवत: रोहिंग्या अथवा बंगलादेशी हों, डीएम को इसकी रिपोर्ट सौंप कर उनसे पुलिस के माध्यम से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा।