{"_id":"5b7c7a2b42c7924670022cfc","slug":"41534884395-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाड़ पीड़ितों की मदद के नाम पर रुपये ऐंठ रहे लोगों को दबोचा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बाड़ पीड़ितों की मदद के नाम पर रुपये ऐंठ रहे लोगों को दबोचा
Updated Wed, 22 Aug 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए रुपये जुटा रहे फर्जी संगठन के लोगों को नगर निगम परिसर में कुछ लोगों ने पकड़ लिया। नोकझोंक होने की सूचना पर इलाकाई लैपर्ड भी मौके पर पहुंच गई। बाद में आरोपियों के माफी आदि मांगने पर उन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
नगर निगम में पीछे की ओर दो तीन लोग वहां आने वाले लोगों से कह रहे थे कि वह एक संस्था के प्रतिनिधि हैं। पिछले कुछ दिनों से केरल में आई बाढ़ के पीड़ितों के लिए मदद जुटा रहे हैं। आप भी इस अभियान में हमारा आर्थिक योगदान करें।
कुछ लोगों ने 100 तो किसी ने 200 रुपये की मदद कर भी दी। इस बीच वहां से गुजर रहे अधिवक्ता दिनेश बाबू को उनकी गतिविधियां कुछ असहज लगीं। उन्होंने पूछा कि आपकी संस्था का हेडक्वार्टर कहां है और नंबर क्या है? कहां पर संस्था का पंजीकरण है। कितने समय से संस्था क्रियाशील है।
विज्ञापन
इस पर पैसा जुटा रहे लोग सकपका गए। और लोग भी वहां इकट्ठा हो गए। सूचना पर इलाके की लैपर्ड भी पहुंच गई। इस बीच पैसा जुटा रहे लोगों ने अपने एक परिचित को बुला लिया। उसने पैसा जुटाने वाले लोगों को वहीं फटकार लगाई और भरोसा दिलाया कि यह लोग अब ऐसा नहीं करेंगे। बताया गया कि पैसा जुटा रहे लोग फेरी लगाकर मिक्सी, गैस स्टोव आदि बेचने वाले थे। अधिवक्ताओं और पुलिस ने उनको भविष्य की चेतावनी देकर छोड़ दिया।
मदद से पहले वैद्यता की पुष्टि कर लें
पुलिस और प्रशासन ने केरल बाढ़ पीड़ितों के माले में लोगों से अपील की गई है कि वह प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी स्थापित एनजीओ आदि के माध्यम से ही बाढ़ पीड़ितों की मदद करें। अगर कोई नगदी आदि स्वयं मांग रहा है तो सावधान हो जाएं। उसकी वैद्यता की पुष्टि कर लें।
विज्ञापन
केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए रुपये जुटा रहे फर्जी संगठन के लोगों को नगर निगम परिसर में कुछ लोगों ने पकड़ लिया। नोकझोंक होने की सूचना पर इलाकाई लैपर्ड भी मौके पर पहुंच गई। बाद में आरोपियों के माफी आदि मांगने पर उन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
नगर निगम में पीछे की ओर दो तीन लोग वहां आने वाले लोगों से कह रहे थे कि वह एक संस्था के प्रतिनिधि हैं। पिछले कुछ दिनों से केरल में आई बाढ़ के पीड़ितों के लिए मदद जुटा रहे हैं। आप भी इस अभियान में हमारा आर्थिक योगदान करें।
विज्ञापन
कुछ लोगों ने 100 तो किसी ने 200 रुपये की मदद कर भी दी। इस बीच वहां से गुजर रहे अधिवक्ता दिनेश बाबू को उनकी गतिविधियां कुछ असहज लगीं। उन्होंने पूछा कि आपकी संस्था का हेडक्वार्टर कहां है और नंबर क्या है? कहां पर संस्था का पंजीकरण है। कितने समय से संस्था क्रियाशील है।
विज्ञापन
इस पर पैसा जुटा रहे लोग सकपका गए। और लोग भी वहां इकट्ठा हो गए। सूचना पर इलाके की लैपर्ड भी पहुंच गई। इस बीच पैसा जुटा रहे लोगों ने अपने एक परिचित को बुला लिया। उसने पैसा जुटाने वाले लोगों को वहीं फटकार लगाई और भरोसा दिलाया कि यह लोग अब ऐसा नहीं करेंगे। बताया गया कि पैसा जुटा रहे लोग फेरी लगाकर मिक्सी, गैस स्टोव आदि बेचने वाले थे। अधिवक्ताओं और पुलिस ने उनको भविष्य की चेतावनी देकर छोड़ दिया।
मदद से पहले वैद्यता की पुष्टि कर लें
पुलिस और प्रशासन ने केरल बाढ़ पीड़ितों के माले में लोगों से अपील की गई है कि वह प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी स्थापित एनजीओ आदि के माध्यम से ही बाढ़ पीड़ितों की मदद करें। अगर कोई नगदी आदि स्वयं मांग रहा है तो सावधान हो जाएं। उसकी वैद्यता की पुष्टि कर लें।