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सीएमओ सहारनपुर के गैरजमानती वारंट जारी
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:34 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के बन्नादेवी के बहुचर्चित नगला कलार कांड में गवाही देने को अदालत में हाजिर नहीं होने पर सीएमओ सहारनपुर डॉ. शमी अहमद के खिलाफ अदालत ने गैरजमानती वारंट जारी किए हैं। घटना के समय डॉ. शमी अहमद यहां बतौर पैथॉलाजिस्ट कार्यरत थे। इसके अलावा एक अन्य डॉक्टर को भी तलबी के लिए समन जारी किए गए हैं। यह डॉक्टर 11वें और 12वें गवाह के रूप में पेश होने हैं। इसके बाद अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी हो जाएगी और मुकदमे को अंतिम मोड़ पर ले जाने की कवायद होगी। इस मामले में अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी।
वर्ष 2013 के बहुचर्चित मासूम बच्ची की रेप के बाद हत्या के इस मुकदमे के बाद नगला कलार में जमकर बवाल हुआ था। घटना में एक सीओ तक का निलंबन हुआ था और सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण का स्वत: संज्ञान लिया था। पुलिस ने आरोपी खैर से खुद की नस काटते समय गिरफ्तार किया था। इस प्रकरण को जिला प्रशासन के साथ-साथ प्रदेश सरकार ने भी टॉप10 सूची में शामिल कर त्वरित निस्तारण की बात कही थी। मगर डीएनए रिपोर्ट न आ पाने और पुलिस द्वारा गवाहों की पेशी में लापरवाही बरतने के कारण मुकदमे का ट्रायल अभी तक लंबित है। हालांकि अब तक इस मुकदमे में 10 गवाह हो चुके हैं।
11वें गवाह के रूप में तत्काली पैथॉलाजिस्ट डॉ. शमी अहमद को तलब किया गया। उन्होंने बच्ची की स्लाइड जांच में आरोपी के स्पर्म पाए जाने का उल्लेख अपनी रिपोर्ट में किया था। पिछली तारीख पर एडीजे 8 शाहिद रजा की अदालत ने स्पेशल संदेशवाहक के जरिये डॉ. शमी अहमद सीएमओ सहारनपुर को हाजिरी समन भिजवाया, जिसकी रिसीविंग अदालत में लगी है। मगर फिर भी मंगलवार को नियत तारीख पर वह नहीं आए।
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अब इस मुकदमे में पीड़ित पक्ष की पैरवी कर रहे अधिवक्ता वीरपाल सिंह जादौन के अनुसार अदालत ने डॉ. शमी अहमद के खिलाफ एनवीडब्ल्यू जारी किए हैं। वहीं 12वें गवाह डॉ. कौशल को समन जारी किए हैं। डॉ. कौशल ने आरोपी लड़के के कपड़ों से मासूम बच्ची के स्पर्म संकलित किए थे।
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महानगर के बन्नादेवी के बहुचर्चित नगला कलार कांड में गवाही देने को अदालत में हाजिर नहीं होने पर सीएमओ सहारनपुर डॉ. शमी अहमद के खिलाफ अदालत ने गैरजमानती वारंट जारी किए हैं। घटना के समय डॉ. शमी अहमद यहां बतौर पैथॉलाजिस्ट कार्यरत थे। इसके अलावा एक अन्य डॉक्टर को भी तलबी के लिए समन जारी किए गए हैं। यह डॉक्टर 11वें और 12वें गवाह के रूप में पेश होने हैं। इसके बाद अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी हो जाएगी और मुकदमे को अंतिम मोड़ पर ले जाने की कवायद होगी। इस मामले में अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी।
वर्ष 2013 के बहुचर्चित मासूम बच्ची की रेप के बाद हत्या के इस मुकदमे के बाद नगला कलार में जमकर बवाल हुआ था। घटना में एक सीओ तक का निलंबन हुआ था और सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण का स्वत: संज्ञान लिया था। पुलिस ने आरोपी खैर से खुद की नस काटते समय गिरफ्तार किया था। इस प्रकरण को जिला प्रशासन के साथ-साथ प्रदेश सरकार ने भी टॉप10 सूची में शामिल कर त्वरित निस्तारण की बात कही थी। मगर डीएनए रिपोर्ट न आ पाने और पुलिस द्वारा गवाहों की पेशी में लापरवाही बरतने के कारण मुकदमे का ट्रायल अभी तक लंबित है। हालांकि अब तक इस मुकदमे में 10 गवाह हो चुके हैं।
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11वें गवाह के रूप में तत्काली पैथॉलाजिस्ट डॉ. शमी अहमद को तलब किया गया। उन्होंने बच्ची की स्लाइड जांच में आरोपी के स्पर्म पाए जाने का उल्लेख अपनी रिपोर्ट में किया था। पिछली तारीख पर एडीजे 8 शाहिद रजा की अदालत ने स्पेशल संदेशवाहक के जरिये डॉ. शमी अहमद सीएमओ सहारनपुर को हाजिरी समन भिजवाया, जिसकी रिसीविंग अदालत में लगी है। मगर फिर भी मंगलवार को नियत तारीख पर वह नहीं आए।
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अब इस मुकदमे में पीड़ित पक्ष की पैरवी कर रहे अधिवक्ता वीरपाल सिंह जादौन के अनुसार अदालत ने डॉ. शमी अहमद के खिलाफ एनवीडब्ल्यू जारी किए हैं। वहीं 12वें गवाह डॉ. कौशल को समन जारी किए हैं। डॉ. कौशल ने आरोपी लड़के के कपड़ों से मासूम बच्ची के स्पर्म संकलित किए थे।