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ईरानी छात्रा से छेड़छाड़ मामले में 28 को फैसला आने की उम्मीद
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Mon, 26 Jun 2017 12:43 AM IST
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एएमयू की ईरानी छात्रा मामले में 28 जून को फैसला आने की उम्मीद है। इसकी जानकारी छात्रा के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण जौहरी ने दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को न्यायालय में छात्रा के मामले की सुनवाई हुई। 28 जून को आने की उम्मीद है। इधर एएमयू प्रशासन ने ईरानी छात्रा को 31 जुलाई तक छात्रावास में रहने की अनुमति दे दी है।
ईरानी छात्रा के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण जौहरी ने बताया कि छात्रा अजीब स्थिति में फंसी है। पुलिस द्वारा छात्रा को अपने मुल्क में जाने के लिए क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है। मुकदमे का हवाला देकर एवीडेंस पर आने का सुझाव पुलिस द्वारा दिया गया है। जबकि 3 जुलाई तक की फीस जमा करने के बावजूद गत दिनों एएमयू प्रशासन द्वारा छात्रा से छात्रावास का कमरा खाली करा लिया गया। छात्रा पुलिस अधिकारियों को अपनी समस्या बता चुकी है। वीसी से भी मिलने का प्रयास किया। इस संबंध में एएमयू के डीएसडब्लू प्रो. जमशेद सिद्दीकी का कहना है कि वीसी ने 31 जुलाई तक छात्रा को छात्रावास में रहने की अनुमति दे दी है।
उल्लेखनीय है कि ईरानी शोध छात्रा ने अपने सुपरवाइजर डॉ. बिलाल मुस्तफा खान पर छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए थे। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इस बीच छात्रा का पीएचडी पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उससे छात्रावास खाली करा लिया गया।
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ईरानी छात्रा के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण जौहरी ने बताया कि छात्रा अजीब स्थिति में फंसी है। पुलिस द्वारा छात्रा को अपने मुल्क में जाने के लिए क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है। मुकदमे का हवाला देकर एवीडेंस पर आने का सुझाव पुलिस द्वारा दिया गया है। जबकि 3 जुलाई तक की फीस जमा करने के बावजूद गत दिनों एएमयू प्रशासन द्वारा छात्रा से छात्रावास का कमरा खाली करा लिया गया। छात्रा पुलिस अधिकारियों को अपनी समस्या बता चुकी है। वीसी से भी मिलने का प्रयास किया। इस संबंध में एएमयू के डीएसडब्लू प्रो. जमशेद सिद्दीकी का कहना है कि वीसी ने 31 जुलाई तक छात्रा को छात्रावास में रहने की अनुमति दे दी है।
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उल्लेखनीय है कि ईरानी शोध छात्रा ने अपने सुपरवाइजर डॉ. बिलाल मुस्तफा खान पर छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए थे। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इस बीच छात्रा का पीएचडी पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उससे छात्रावास खाली करा लिया गया।
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