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नन्हीं संग दरिंदगी में सुमन उर्फ सोमना दोषी करार

Wed, 17 Oct 2018 02:20 AM IST
Updated Wed, 17 Oct 2018 02:20 AM IST
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नन्हीं संग दरिंदगी में सुमन उर्फ सोमना दोषी करार
नन्हीं संग दरिंदगी में सुमन उर्फ सोमना दोषी करार
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सब हेड....
बहुचर्चित नगला कलार कांड में अदालत का फैसला, सजा सुनाए जाने के लिए आज की तारीख नियत की गई
--प्वाइंटर--
रेप के बाद हुई थी बच्ची की हत्या, तीसरे दिन आरोपी हुआ था गिरफ्तार
साढ़े पांच साल पुराने प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान
पब्लिक पर लाठीचार्ज में तत्कालीन सीओ को किया गया था निलंबित

--खास बातें--
90 से अधिक तारीखें अदालत में इस मुकदमे के ट्रायल में हुईं
12 के करीब गवाहों ने अदालत में दी है इस प्रकरण में गवाही
11 चोटों के निशान बच्ची के शरीर पर पाए गए थे परीक्षण में
17 अप्रैल की रात हुई इस घटना के अगले दिन हुआ बवाल
20 अप्रैल को खैर में घायलावस्था में गिरफ्तार हुआ आरोपी
15 दिन तक पीड़ित के घर पर चला था आमरण अनशन भी

अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। महानगर के बहुचर्चित नगला कलार लच्छिमपुर में पांच साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या से जुड़े प्रकरण में अदालत ने आरोपी सुमन उर्फ सोमना को दोषी करार दे दिया है। अब सजा के प्रशभन पर सुनवाई के लिए आज यानि बुधवार की तारीख नियत की गई है। इस तरह साढ़े पांच साल तक अदालत में चले मुकदमे के परीक्षण के बाद परिवार को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। हां, इस मुकदमे में पहले ही दिन से पीड़ित परिवार के समर्थन में निशुल्क पैरवी कर रहे अधिवक्ता का प्रयास है कि आरोपी को फांसी की सजा सुनाई जाए। इसके लिए वह अदालत के समक्ष पुरजोर आवाज बुलंद करेंगे।
बन्नादेवी क्षेत्र के लच्छिमपुर नगला कलार निवासी परिवार में भट्टी पर हार्डवेयर उत्पादों की ढलाई का काम होता है। घर में मियां-बीवी के अलावा छह बच्चे थे, जिनमें सबसे छोटी पांच वर्षीय बच्ची थी। 17 अप्रैल 2013 की रात परिवार के कुछ सदस्य घर के अंदर सोये थे, जबकि छोटी बेटी पिता के साथ घर के दरवाजे पर गली में चारपाई पर सोयी थी। रात डेढ़ बजे बाप की आंख खुली तो बेटी चारपाई से गायब थी। तलाश के दौरान सुबह करीब साढ़े पांच बजे पास के एक प्लाट में लोगों ने बच्ची का शव पड़ा देखा। प्रथम दृष्टया देखने में लग रहा था कि उसके साथ रेप हुआ है और गला दबाकर हत्या की गई है। खबर पर पहुंची पुलिस ने जब विलाप करती महिलाओं के बीच से शव उठाने का प्रयास किया तो महिलाएं विरोध में आ गईं और तत्कालीन एसओ बन्नादेवी रणवीर सिंह खगवाल से धक्का-मुक्की कर दी। इसी बीच तत्कालीन सीओ द्वितीय एके सिंह वहां पहुंचे तो उन्हें भी पब्लिक के गुस्से का शिकार होना पड़ा। बाद में जमकर बवाल पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बाद में महिलाओं पर लाठीचार्ज के आरोप में सीओ को निलंबित किया गया। प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और एससीएसटी आयोग ने भी मामले में प्रगति रिपोर्ट तलब की थी। इस मामले में तीसरे दिन इलाके के ही आरोपी सुमन उर्फ सोमना को खैर से गिरफ्तार किया गया। वह सड़क पर जख्मी हालत में पड़ा था। उसने बाद में स्वीकारा कि आत्मग्लानि में उसने अपने हाथ की नस काटी है।
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इस मामले में एक मुकदमा आरोपी के खिलाफ लिखा गया, जबकि एक मुकदमा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ लाठीचार्ज का व दूसरा पब्लिक के खिलाफ पथराव का था। इन दोनों में बाद में समझौते हो गए। सिर्फ दुष्कर्म के बाद हत्या का मुकदमा अदालत में चला। इस मुकदमे में अदालत में मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य थे। वहीं यह भी मेडिकल रिपोर्ट में आया कि बच्ची की रेप के बाद गला दबाकर हत्या की गई है। उसके शरीर पर 11 चोटों के निशान हैं। अदालत में पीड़ित पक्ष से पैरवी कर रहे अधिवक्ता वीरपाल सिंह जादौन के अनुसार एडीजे-8 शाहिद रजा के न्यायालय ने मंगलवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा पर सुनवाई के लिए बुधवार की तारीख नियत कर दी है। आरोपी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है।
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