{"_id":"5b0480a74f1c1bd3408b7186","slug":"201527021735-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लूट के मोबाइलों के कारोबारी गिरफ्तार-Cordination","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लूट के मोबाइलों के कारोबारी गिरफ्तार-Cordination
Updated Wed, 23 May 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
चोरी-लूट के मोबाइलों के कारोबार व उनके आईएमईआई नंबर बदलने का गोरखधंधा मोबाइल विक्रेता दो सगे भाइयों को भारी पड़ गया। इस रैकेट की भनक लगने पर गांधीपार्क पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनकी दुकान से इसके उपकरण व 55 मोबाइल आदि माल बरामद किया है।
आईएमईआई बदलने के लिए वे अन्य लोगों से 300 से 500 रुपये लेते थे। साथ ही वे चोरी-लूट के मोबाइल खरीद आईएमईआई नंबर बदलकर महंगी कीमत पर बेचते थे। उनका कहना है कि यह तकनीक व संबंधित उपकरण वे दिल्ली की गफ्फार मार्केट से लेकर आए थे। उम्मीद है कि पूछताछ में अन्य कई अपराधियों का खुलासा हो सकेगा।
एसएसपी अजय कुमार साहनी ने मंगलवार को अपने दफ्तर में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि इंस्पेक्टर गांधी पार्क रविंद्र सिंह को यह जानकारी मिली कि मामू भांजा स्थित मार्केट में एक दुकान पर काफी बड़ी तादाद में चोरी व लूट के मोबाइल खरीदे जाते हैं। उनके आईएमईआई नंबर व पेटर्न लॉक तोड़कर उन्हें महंगी कीमत पर बेचा जाता है।
विज्ञापन
इस पर पुलिस ने ‘सतनाम टेलीकॉम’ पर दबिश दी। पुलिस ने वहां बैठे दो सगे भाइयों सतनाम व मनमोहन सिंह पुत्रगण सरदार अमरजीत सिंह निवासी नई बस्ती, किशोरपुरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से इनके पास एक कंप्यूटर लैपटॉप व कंप्यूटर हार्डवेयर बरामद कर लिया।
पुलिस के मुताबिक इनके माध्यम से यह मोबाइल फोनों के आईएमईआई नंबरों को बदलते थे। पुलिस ने चोरी व आईएमईआई नंबर बदले हुए विभिन्न कंपनियों के 55 मोबाइल फोन व अन्य डिवाइस बॉक्स, डाटा केबिल आदि उपकरण बरामद किए हैं। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
अब तक बदल चुके 600 से ज्यादा आईएमईआई
पुलिस पूछताछ में दोनों भाइयों ने स्वीकार किया कि अब तक वह 600 से ज्यादा मोबाइलों के आईएमईआई बदल चुके हैं। छोटे मोबाइल का नंबर बदलने का वह 300 रुपये और बड़े मोबाइल का 500 रुपये भुगतान लेते थे। कई मर्तबा उन्होंने एटीएम के जरिये भी ऑनलाइन भुगतान लिया है, जिसका डाटा भी पुलिस ने सुरक्षित किया है। उन्होंने बताया कि जब वह गफ्फार मार्केट सामान लेने जाया करते थे तो वहां यह जानकारी मिली। वहीं से यह धंधा सीखा और 38 हजार की कीमत वाला हार्डवेयर खरीदकर यहां पर काम शुरू कर दिया।
यह है हार्डवेयर में
-20 हजार रुपये कीमत का सीएम-2
-10 हजार रुपये कीमत का मिराकल
-08 हजार रुपये कीमत का जैड3एक्स
आईएमईआई से बदलती मोबाइल की पहचान
आईटी एक्सपर्ट के अनुसार मोबाइल में आईएमईआई नंबर उसकी मूल पहचान होती है। अगर किसी मोबाइल से कोई अपराध हो रहा है, तो सिम बदल जाने पर भी उस मोबाइल के आईएमईआई नंबर से अपराधी को पकड़ा जा सकता है। जब उसका आईएमईआई नंबर बदल जाएगा तो उसे चलाने वाले को नहीं पकड़ा जा सकता और उस मोबाइल के स्वामी का उस मोबाइल से दावा भी खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन
चोरी-लूट के मोबाइलों के कारोबार व उनके आईएमईआई नंबर बदलने का गोरखधंधा मोबाइल विक्रेता दो सगे भाइयों को भारी पड़ गया। इस रैकेट की भनक लगने पर गांधीपार्क पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनकी दुकान से इसके उपकरण व 55 मोबाइल आदि माल बरामद किया है।
आईएमईआई बदलने के लिए वे अन्य लोगों से 300 से 500 रुपये लेते थे। साथ ही वे चोरी-लूट के मोबाइल खरीद आईएमईआई नंबर बदलकर महंगी कीमत पर बेचते थे। उनका कहना है कि यह तकनीक व संबंधित उपकरण वे दिल्ली की गफ्फार मार्केट से लेकर आए थे। उम्मीद है कि पूछताछ में अन्य कई अपराधियों का खुलासा हो सकेगा।
विज्ञापन
एसएसपी अजय कुमार साहनी ने मंगलवार को अपने दफ्तर में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि इंस्पेक्टर गांधी पार्क रविंद्र सिंह को यह जानकारी मिली कि मामू भांजा स्थित मार्केट में एक दुकान पर काफी बड़ी तादाद में चोरी व लूट के मोबाइल खरीदे जाते हैं। उनके आईएमईआई नंबर व पेटर्न लॉक तोड़कर उन्हें महंगी कीमत पर बेचा जाता है।
विज्ञापन
इस पर पुलिस ने ‘सतनाम टेलीकॉम’ पर दबिश दी। पुलिस ने वहां बैठे दो सगे भाइयों सतनाम व मनमोहन सिंह पुत्रगण सरदार अमरजीत सिंह निवासी नई बस्ती, किशोरपुरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से इनके पास एक कंप्यूटर लैपटॉप व कंप्यूटर हार्डवेयर बरामद कर लिया।
पुलिस के मुताबिक इनके माध्यम से यह मोबाइल फोनों के आईएमईआई नंबरों को बदलते थे। पुलिस ने चोरी व आईएमईआई नंबर बदले हुए विभिन्न कंपनियों के 55 मोबाइल फोन व अन्य डिवाइस बॉक्स, डाटा केबिल आदि उपकरण बरामद किए हैं। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
अब तक बदल चुके 600 से ज्यादा आईएमईआई
पुलिस पूछताछ में दोनों भाइयों ने स्वीकार किया कि अब तक वह 600 से ज्यादा मोबाइलों के आईएमईआई बदल चुके हैं। छोटे मोबाइल का नंबर बदलने का वह 300 रुपये और बड़े मोबाइल का 500 रुपये भुगतान लेते थे। कई मर्तबा उन्होंने एटीएम के जरिये भी ऑनलाइन भुगतान लिया है, जिसका डाटा भी पुलिस ने सुरक्षित किया है। उन्होंने बताया कि जब वह गफ्फार मार्केट सामान लेने जाया करते थे तो वहां यह जानकारी मिली। वहीं से यह धंधा सीखा और 38 हजार की कीमत वाला हार्डवेयर खरीदकर यहां पर काम शुरू कर दिया।
यह है हार्डवेयर में
-20 हजार रुपये कीमत का सीएम-2
-10 हजार रुपये कीमत का मिराकल
-08 हजार रुपये कीमत का जैड3एक्स
आईएमईआई से बदलती मोबाइल की पहचान
आईटी एक्सपर्ट के अनुसार मोबाइल में आईएमईआई नंबर उसकी मूल पहचान होती है। अगर किसी मोबाइल से कोई अपराध हो रहा है, तो सिम बदल जाने पर भी उस मोबाइल के आईएमईआई नंबर से अपराधी को पकड़ा जा सकता है। जब उसका आईएमईआई नंबर बदल जाएगा तो उसे चलाने वाले को नहीं पकड़ा जा सकता और उस मोबाइल के स्वामी का उस मोबाइल से दावा भी खत्म हो जाएगा।