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युवक को अपहरण कर हत्या में तीन को उम्रकैद
Updated Sat, 10 Feb 2018 01:57 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अपर सत्र न्यायाधीश (पांच) ने युवक के अपहरण कर हत्या के मामले में पत्नी-पत्नी समेत एक अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी वीरबल सिंह बघेल ने बताया कि थाना अकराबाद के शाहगढ़ निवासी सुगम प्रताप सिंह पुत्र रामबाबू सिंह ने 14 मई 2013 में अपने भाई भृगु प्रताप उर्फ रस्किन के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई।
कुछ दिन बाद उसे पड़ोसी देवव्रत सिंह व प्रवेंद्र उर्फ बॉबी ने बताया कि भृगु उनके साथ अलीगढ़ गया था। यहां वह धनीपुर निवासी कुलदीप पुत्र मुन्नालाल के घर रुक गया, लेकिन यहां से उसका पता नहीं चला।
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पुलिस ने पड़ताल की तो जानकारी हुई कि कुलदीप, उसकी पत्नी सुनीता व साथी इंद्रेश पुत्र प्रमुख फरार हैं। शक के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो 19 मई 2013 को गांव कयामपुर थाना क्वार्सी के कयामपुर स्थित तालाब में उसका शव व मोटरसाइकिल बरामद हो गई।
पुलिस ने कुलदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसकी निशानदेही पर खेत से मृतक की घड़ी, एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया। पुलिस ने कोर्ट में तीनों के खिलाफ चार्जशीट में दाखिल की। विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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अपर सत्र न्यायाधीश (पांच) ने युवक के अपहरण कर हत्या के मामले में पत्नी-पत्नी समेत एक अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी वीरबल सिंह बघेल ने बताया कि थाना अकराबाद के शाहगढ़ निवासी सुगम प्रताप सिंह पुत्र रामबाबू सिंह ने 14 मई 2013 में अपने भाई भृगु प्रताप उर्फ रस्किन के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई।
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कुछ दिन बाद उसे पड़ोसी देवव्रत सिंह व प्रवेंद्र उर्फ बॉबी ने बताया कि भृगु उनके साथ अलीगढ़ गया था। यहां वह धनीपुर निवासी कुलदीप पुत्र मुन्नालाल के घर रुक गया, लेकिन यहां से उसका पता नहीं चला।
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पुलिस ने पड़ताल की तो जानकारी हुई कि कुलदीप, उसकी पत्नी सुनीता व साथी इंद्रेश पुत्र प्रमुख फरार हैं। शक के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो 19 मई 2013 को गांव कयामपुर थाना क्वार्सी के कयामपुर स्थित तालाब में उसका शव व मोटरसाइकिल बरामद हो गई।
पुलिस ने कुलदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसकी निशानदेही पर खेत से मृतक की घड़ी, एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया। पुलिस ने कोर्ट में तीनों के खिलाफ चार्जशीट में दाखिल की। विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।