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बिहार से आकर बस मुठभेड़ में मारे गए जीजा-साले का परिवार

Fri, 21 Sep 2018 02:04 AM IST
Updated Fri, 21 Sep 2018 02:04 AM IST
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बिहार से आकर बस मुठभेड़ में मारे गए जीजा-साले का परिवार
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
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मुठभेड़ में मारे गए मुस्तकीम व नौशाद आपस में सगे जीजा व साले थे। यह मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे। नौशाद के पिता न होने के कारण बहन की शादी मुस्तकीम संग होने के बाद दोनों परिवार एक साथ ही रहते थे। कई दशक पहले यह लोग बिहार से छर्रा आकर बस गए।

इधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार दोनों के सीने को चीरती हुईं दो-दो गोलियां आरपार हुई हैं। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा में दोनों शवों को नुमाइश कब्रिस्तान में दफन करा दिया गया। इस दौरान परिजन व पड़ोसी मौजूद रहे। पड़ोसी इनके विषय में कोई जानकारी देने से बचते रहे।
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मुस्तकीम की मां शाहीन व दादी रफीकन के अनुसार वह पूर्व में बिहार वर्तमान में झारखंड के बलरामपुर जनपद के रहने वाले हैं। मुस्तकीम की शादी हिना से हुई। शादी के बाद से ही हिना की मां शबाना व भाई नौशाद हमारे साथ ही रह रहे थे। कई दशक पहले छर्रा आकर बस गए थे। दोनों मजदूरी करते थे। छर्रा में इमरान के घर पर किराये पर रहे।
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अब कुछ साल से अतरौली में आकर बस गए थे। पोस्टमार्टम केंद्र पर पहुंचे परिजनों के अनुसार उन्हें पुलिस ने दोनों के घायल होने की सूचना देकर यहां बुलाया। यहां आकर पता चला कि दोनों की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई है।

इधर, सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव, सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर महिला थाना, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस, इंस्पेक्टर क्वार्सी, इंस्पेक्टर गांधीपार्क पूरे समय पोस्टमार्टम केंद्र पर मौजूद रहे। यहां पोस्टमार्टम के बाद शवों को कब्रिस्तान ले जाया गया। जहां दफन कराने के बाद परिजनों को पुलिस के साथ अतरौली भेज दिया गया।

सवा लाख के इनाम ने बढ़ाया टीम का हौसला
वैसे तो एसएसपी अजय कुमार साहनी ने अलीगढ़ आने के बाद से ही ऑपरेशन शूटआउट छेड़ रखा है। सबसे पहले कासगंज की हत्यायुक्त डकैती में शामिल घुमंतू जाति के छैमार गैंग के दो सदस्यों को सरगना सहित मुठभेड़ में मार गिराया। इसके बाद अब तक 30 के करीब अपराधियों के पैरों में गोली मारी गई है। वहीं अब हरदुआगंज कांड के बाद दो और अपराधियों को घुमंतू जाति के मार गिराया है। इसके पीछे हरदुआगंज कांड के खुलासे में डीजीपी से लेकर एसएसपी स्तर तक से दिए गए सवा लाख के इनाम को बड़ा कारण माना जा रहा है।

टीम का हौसला बढ़ा हुआ है। यही वजह है कि सुबह वायरलेस पर इस घेराबंदी की खबर पर जैसे ही जिसने सुना वह मौके पर दौड़ पड़ा। हालांकि घटना स्थल पर पहुंचने के बाद एसएसपी खुद एक्शन में आ गए थे। उन्होंने खुद पिस्टल हाथ में संभाल ली और एसपी सिटी ने टीयर बम गन संभाल ली थी। इसके अलावा इस टीम में एसपी देहात, एएसपी नीरज जादौन के अलावा इंस्पेक्टर हरदुआगंज, इंस्पेक्टर अतरौली, इंस्पेक्टर पाली, इंस्पेक्टर अकराबाद, इंस्पेक्टर क्वार्सी, एसओ जवां आदि भी शामिल थे। वहीं एसओजी के श्रवण कुमार, सर्विलांस के अभय कुमार के अलावा उनकी टीम के राकेश यादव, फिरोज, दुर्विजय, एमपी सिंह, अशोक कुमार आदि भी थे।


जब गोली खाकर जमीन पर गिरे सर्विलांस प्रभारी
फायरिंग के दौरान एक बदमाश की गोली अभय के सीने पर बुलेट प्रूफ जैकेट से टकराई और अभय जमीन पर गिर पड़े। यह देख एक बार तो अधिकारियों के होश उड़ गए। हालांकि वह तुरंत खड़े भी हो गए और बताया कि गोली सीने से टकराई है। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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