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थप्पड़ से युवक की मौत पर एचसीपी सस्पेंड, होमगार्ड हटाए
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:17 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के सिविल लाइंस इलाके के कठपुला पर चढ़ते समय बाइक सवार युवक अफजाल की ट्रैफिक कर्मी के थप्पड़ के बाद हृदयाघात से हुई मौत के मामले के तूल पकड़ते ही पुुलिस अधिकारी हरकत में आ गए हैं। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी एटा के अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर ट्रैफिककर्मी पर मुकदमे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, चेकिंग के दौरान मौजूद पुलिस कर्मियों पर भी लापरवाही को लेकर एचसीपी को निलंबित करते हुए तीन होमगार्डों को हटा दिया गया है।
पूर्व विधायक जमीरउल्लाह और सपा के प्रदेश प्रवक्ता मुजाहिद किदवई गुरुवार को मृतक के परिजन एवं समर्थकों के साथ डीआईजी से मिलने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को 25 लाख मुआवजा राशि और मृतक आश्रित कोटे से सरकारी नौकरी और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी।
इंसाफ न मिलने पर उन्होंने आंदोलन करने का एलान किया है। पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह खान ने डीआईजी से मांग रखी है कि पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए, जिससे मृतक की पत्नी एवं उसके तीन बच्चों की गुजर बसर हो सके। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वह पीड़ित परिवार की मदद को आगे आएं।
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मुजाहिद शेरवानी ने इस घटनाक्त्रस्म को लखनऊ में हुए विवेक तिवारी हत्याकांड जैसा करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विवेक के परिजनों को आर्थिक सहायता आवास, नौकरी सरकार ने दी थी। अफजाल के परिजनों को भी मिलनी चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार ने पीड़ित परिवार की मदद नहीं की तो हम आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस पर डीआईजी ने पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों से कहा कि इस मामले की जांच के आदेश एटा के अपर पुलिस अधीक्षक को दिए हैं। तीन दिन में उनकी रिपोर्ट के आधार पर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने अफजाल के बेसुध होने के बाद पुलिस कर्मियों द्वारा उसे अस्पताल नहीं ले जाने पर आक्त्रसेश जाहिर करते हुए वहां मौजूद सभी पुलिस कर्मियों के बारे में रिपोर्ट तलब की है।
इस रिपोर्ट के आधार पर देर रात कार्रवाई कर दी गई। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार थाने से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि अफजाल को रुकवाया गया तो वह अपनी गाड़ी से गिरकर मूर्छित हो गया। इसके बाद वहां मौजूद एचसीपी सुधाकर सिंह, होमगार्ड श्याम सुंदर, होमगार्ड अशोक कुमार, होमगार्ड संदीप कुमार द्वारा उसकी कोई मदद न करने या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराने का आरोप सामने आया है।
साथ में इसकी सूचना थाने पर भी नहीं दी गई। इसके चलते लापरवाही के आरोप में सुधाकर सिंह को एसएसपी स्तर से निलंबित कर दिया गया है, जबकि होमगार्ड श्याम सुंदर, अशोक कुमार, संदीप कुमार को हटाने के लिए जिला कमांडेंट होमगार्ड को लिखते हुए उन्हें कार्य से हटा दिया गया है।
इधर, डीआईजी से मुलाकात करने वालों में बसपा नेता शमीम अहमद सिद्दीकी, फैजान अहमद खान, जुनैद अहमद सिद्दीकी, मो. फरहान सलमानी, मो. हम्माद हाफीज अब्बासी, पार्षद शहाबुद्दीन, सद्दाम हुसैन, शाकिर अली, फिरोज खान आदि मौजूद रहे।
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महानगर के सिविल लाइंस इलाके के कठपुला पर चढ़ते समय बाइक सवार युवक अफजाल की ट्रैफिक कर्मी के थप्पड़ के बाद हृदयाघात से हुई मौत के मामले के तूल पकड़ते ही पुुलिस अधिकारी हरकत में आ गए हैं। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी एटा के अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर ट्रैफिककर्मी पर मुकदमे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, चेकिंग के दौरान मौजूद पुलिस कर्मियों पर भी लापरवाही को लेकर एचसीपी को निलंबित करते हुए तीन होमगार्डों को हटा दिया गया है।
पूर्व विधायक जमीरउल्लाह और सपा के प्रदेश प्रवक्ता मुजाहिद किदवई गुरुवार को मृतक के परिजन एवं समर्थकों के साथ डीआईजी से मिलने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को 25 लाख मुआवजा राशि और मृतक आश्रित कोटे से सरकारी नौकरी और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी।
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इंसाफ न मिलने पर उन्होंने आंदोलन करने का एलान किया है। पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह खान ने डीआईजी से मांग रखी है कि पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए, जिससे मृतक की पत्नी एवं उसके तीन बच्चों की गुजर बसर हो सके। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वह पीड़ित परिवार की मदद को आगे आएं।
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मुजाहिद शेरवानी ने इस घटनाक्त्रस्म को लखनऊ में हुए विवेक तिवारी हत्याकांड जैसा करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विवेक के परिजनों को आर्थिक सहायता आवास, नौकरी सरकार ने दी थी। अफजाल के परिजनों को भी मिलनी चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार ने पीड़ित परिवार की मदद नहीं की तो हम आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस पर डीआईजी ने पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों से कहा कि इस मामले की जांच के आदेश एटा के अपर पुलिस अधीक्षक को दिए हैं। तीन दिन में उनकी रिपोर्ट के आधार पर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने अफजाल के बेसुध होने के बाद पुलिस कर्मियों द्वारा उसे अस्पताल नहीं ले जाने पर आक्त्रसेश जाहिर करते हुए वहां मौजूद सभी पुलिस कर्मियों के बारे में रिपोर्ट तलब की है।
इस रिपोर्ट के आधार पर देर रात कार्रवाई कर दी गई। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार थाने से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि अफजाल को रुकवाया गया तो वह अपनी गाड़ी से गिरकर मूर्छित हो गया। इसके बाद वहां मौजूद एचसीपी सुधाकर सिंह, होमगार्ड श्याम सुंदर, होमगार्ड अशोक कुमार, होमगार्ड संदीप कुमार द्वारा उसकी कोई मदद न करने या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराने का आरोप सामने आया है।
साथ में इसकी सूचना थाने पर भी नहीं दी गई। इसके चलते लापरवाही के आरोप में सुधाकर सिंह को एसएसपी स्तर से निलंबित कर दिया गया है, जबकि होमगार्ड श्याम सुंदर, अशोक कुमार, संदीप कुमार को हटाने के लिए जिला कमांडेंट होमगार्ड को लिखते हुए उन्हें कार्य से हटा दिया गया है।
इधर, डीआईजी से मुलाकात करने वालों में बसपा नेता शमीम अहमद सिद्दीकी, फैजान अहमद खान, जुनैद अहमद सिद्दीकी, मो. फरहान सलमानी, मो. हम्माद हाफीज अब्बासी, पार्षद शहाबुद्दीन, सद्दाम हुसैन, शाकिर अली, फिरोज खान आदि मौजूद रहे।