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सादाबाद में अवैध अस्थायी अतिक्रमण पर गरजा महाबली, अफसरों से नोंकझोंक
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:44 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाल, सादाबाद।
पूर्व में की गई घोषणा के मुताबिक सादाबाद में शुक्रवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। प्रशासन, पुलिस, नगर पंचायत और एनएचएआई के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए इस अभियान मेें जेसीबी के जरिए अस्थायी अतिक्रमणों को ढहा दिया गया। इससे पूरे नगर में हड़कंप मचा रहा। अतिक्रमण हटाने के दौरान कई बार लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नोंकझोंक हो गई। अतिक्रमण की जद में आ रहे टीनशेड, तख्त आदि को जब्त कर लिया गया।
अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरूआत पशु चिकित्सालय के पास की गई। यहां से लेकर बिनोवा नगर चौराहे और बिनोवा नगर चौराहे से लेकर बस स्टैंड, बस स्टेंड से लेकर चौ. चरण सिंह तिराहे तक यह अभियान चलाया गया। अभियान में काफी संख्या में नगर पंचायत और एनएच के कर्मी शामिल रहे।
हालांकि यह अभियान सिर्फ तख्त, टिनशेड आदि को हटवाने तक ही सीमित होकर रह गया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सड़कों के किनारे बने पक्के अवैध निर्माण को नहीं ढहाया गया। लोगों में चर्चा थी कि इस अभियान के जरिए सिर्फ छोटे दुकानदारों और गरीब लोगों का काफी नुकसान किया गया। जबकि वर्षों से सरकारी जमीनों पर बड़ी-बड़ी बिल्डंगे बनाकर उन्हें कब्जाए बैठे लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। मथुरा अड्डे से पहले कई दुकानदारों ने इस अभियान का उस समय विरोध किया। एक धार्मिक स्थल के बराबर रखे एक लकड़ी के खोखे व वहां बनाई गई अवैध दीवार को नहीं हटवाया गया।
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प्रशासन ने दुकानदारों के विरोध के बावजूद भी इसे नजर अंदाज कर दिया। इधर, अभियान को देखते हुए जवाहर बाजार आदि में कई दुकानदारों ने पहले ही अपने तख्त व टिनशेड हटा लिए थे। रोडवेज बस स्टैंड के समीप स्थित एक रेस्टोरेंट के आगे पड़े टिनशेड को जेसीबी द्वारा जब हटाया जा रहा था, तभी छज्जे के ऊपर बनी बालकनी धराशाई हो गई और कई लोग बाल-बाल बच गए। बिनोवा नगर चौराहे के पास भी अधिकारियों से कई लोगों की नोंकझोंक हो गई। अभियान में एसडीएम इंद्रसेन यादव, सीओ योगेश कुमार, तहसीलदार पंकज वर्मा, ईओ लल्लनराम यादव, एनएच के अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह, प्रदीप शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक केपी सिंह सहति नगर पंचायत कर्मी व पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
सभासद ने लगाए आरोप
नगर पंचायत के सभासद अंकित पाराशर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता दिखाई। गरीब, मजदूर दुकानदारों के टिनशेड, तख्त आदि तोड़कर उन्हें नुकसान पहुंचाया गया। कुछ जगहों पर तो नगर पंचायत कर्मियों व राजस्व विभाग द्वारा बिना किसी चिह्नांकन के पक्के निर्माण को भी तोड़ा गया। जबकि उनके द्वारा कोई अतिक्रमण नहीं किया गया था। जिन लोगों ने वास्तविक रूप से अतिक्रमण कर रखा है। उसकी अनदेखी की गई। अंकित पाराशर का कहना है कि नेशनल हाईवे के किनारे हाईवे की जमीन में बैंक शाखाओं के लगे भारी भरकम जनरेटर सेटों को भी नहीं हटवाया गया।
आज फिर चल सकता है अभियान
ईओ लल्लनराम ने बताया कि पक्के अवैध निर्माणों को तोड़ने के लिए जल्द ही चिह्नांकन किया जाएगा। मुख्य बाजार में भी शनिवार को अतिक्रमण को हटवाया जाएगा।
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पूर्व में की गई घोषणा के मुताबिक सादाबाद में शुक्रवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। प्रशासन, पुलिस, नगर पंचायत और एनएचएआई के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए इस अभियान मेें जेसीबी के जरिए अस्थायी अतिक्रमणों को ढहा दिया गया। इससे पूरे नगर में हड़कंप मचा रहा। अतिक्रमण हटाने के दौरान कई बार लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नोंकझोंक हो गई। अतिक्रमण की जद में आ रहे टीनशेड, तख्त आदि को जब्त कर लिया गया।
अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरूआत पशु चिकित्सालय के पास की गई। यहां से लेकर बिनोवा नगर चौराहे और बिनोवा नगर चौराहे से लेकर बस स्टैंड, बस स्टेंड से लेकर चौ. चरण सिंह तिराहे तक यह अभियान चलाया गया। अभियान में काफी संख्या में नगर पंचायत और एनएच के कर्मी शामिल रहे।
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हालांकि यह अभियान सिर्फ तख्त, टिनशेड आदि को हटवाने तक ही सीमित होकर रह गया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सड़कों के किनारे बने पक्के अवैध निर्माण को नहीं ढहाया गया। लोगों में चर्चा थी कि इस अभियान के जरिए सिर्फ छोटे दुकानदारों और गरीब लोगों का काफी नुकसान किया गया। जबकि वर्षों से सरकारी जमीनों पर बड़ी-बड़ी बिल्डंगे बनाकर उन्हें कब्जाए बैठे लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। मथुरा अड्डे से पहले कई दुकानदारों ने इस अभियान का उस समय विरोध किया। एक धार्मिक स्थल के बराबर रखे एक लकड़ी के खोखे व वहां बनाई गई अवैध दीवार को नहीं हटवाया गया।
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प्रशासन ने दुकानदारों के विरोध के बावजूद भी इसे नजर अंदाज कर दिया। इधर, अभियान को देखते हुए जवाहर बाजार आदि में कई दुकानदारों ने पहले ही अपने तख्त व टिनशेड हटा लिए थे। रोडवेज बस स्टैंड के समीप स्थित एक रेस्टोरेंट के आगे पड़े टिनशेड को जेसीबी द्वारा जब हटाया जा रहा था, तभी छज्जे के ऊपर बनी बालकनी धराशाई हो गई और कई लोग बाल-बाल बच गए। बिनोवा नगर चौराहे के पास भी अधिकारियों से कई लोगों की नोंकझोंक हो गई। अभियान में एसडीएम इंद्रसेन यादव, सीओ योगेश कुमार, तहसीलदार पंकज वर्मा, ईओ लल्लनराम यादव, एनएच के अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह, प्रदीप शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक केपी सिंह सहति नगर पंचायत कर्मी व पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
सभासद ने लगाए आरोप
नगर पंचायत के सभासद अंकित पाराशर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता दिखाई। गरीब, मजदूर दुकानदारों के टिनशेड, तख्त आदि तोड़कर उन्हें नुकसान पहुंचाया गया। कुछ जगहों पर तो नगर पंचायत कर्मियों व राजस्व विभाग द्वारा बिना किसी चिह्नांकन के पक्के निर्माण को भी तोड़ा गया। जबकि उनके द्वारा कोई अतिक्रमण नहीं किया गया था। जिन लोगों ने वास्तविक रूप से अतिक्रमण कर रखा है। उसकी अनदेखी की गई। अंकित पाराशर का कहना है कि नेशनल हाईवे के किनारे हाईवे की जमीन में बैंक शाखाओं के लगे भारी भरकम जनरेटर सेटों को भी नहीं हटवाया गया।
आज फिर चल सकता है अभियान
ईओ लल्लनराम ने बताया कि पक्के अवैध निर्माणों को तोड़ने के लिए जल्द ही चिह्नांकन किया जाएगा। मुख्य बाजार में भी शनिवार को अतिक्रमण को हटवाया जाएगा।