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छर्रा नगर पंचायत के बीएलओ के खिलाफ कसेगा जांच का शिकंजा
Updated Thu, 04 Oct 2018 02:24 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़। हरदुआगंज मुठभेड़ में मारे गए नौशाद-मुस्तकीम परिवार को 2017 के निकाय चुनाव में छर्रा नगर पंचायत में मतदान का अधिकार किस सियासी मदद से मिला। पुलिस ने इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए बीएलओ के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब एसएसपी स्तर से बीएलओ के खिलाफ जिलाधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है। ताकि आवेदन फार्म गायब होने और बीएलओ के प्रति उपजे संदेह की जांच हो सके। बता दें कि पुलिस जब इन परिवारों के पते सत्यापन में जुटी तो यह पाया गया कि जिस पते पर छर्रा में इस परिवार को वोटर कार्ड मिले हैं, वह पता ही धरातल पर नहीं है और वोटर लिस्ट में नाम शामिल होने संबंधी आवेदन फार्म भी गायब है।
इस परिवार के 18 सदस्यों के वोट 2017 के निकाय चुनाव में छर्रा नगर पंचायत के शिवपुरी नई आबादी गली नंबर आठ के मकान नंबर 205 के पते पर बने हैं। पुलिस जांच में यह निकलकर आया है कि वह आवेदन फार्म ही पत्रावली से गायब है, जिसमें आवेदन फार्म पर संस्तुति व बीएलओ की रिपोर्ट होती है। एसएसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि इसे लेकर बीएलओ की भूमिका संदेह के घेरे में है। इसे जांच के दायरे में लाया जा रहा है। जिलाधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है, जिसमें उनसे बीएलओ की भूमिका की जांच कराने व आवेदन फार्म तलाश कराने संबंधी बात कही जा रही है।
बता दें कि यह परिवार अब तक की पुलिस जांच में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से यहां आकर बसा है। वहीं एजेंसियां इनके बंगलादेशी कनेक्शन खोजने पर काम कर रही हैं।
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अलीगढ़। हरदुआगंज मुठभेड़ में मारे गए नौशाद-मुस्तकीम परिवार को 2017 के निकाय चुनाव में छर्रा नगर पंचायत में मतदान का अधिकार किस सियासी मदद से मिला। पुलिस ने इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए बीएलओ के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब एसएसपी स्तर से बीएलओ के खिलाफ जिलाधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है। ताकि आवेदन फार्म गायब होने और बीएलओ के प्रति उपजे संदेह की जांच हो सके। बता दें कि पुलिस जब इन परिवारों के पते सत्यापन में जुटी तो यह पाया गया कि जिस पते पर छर्रा में इस परिवार को वोटर कार्ड मिले हैं, वह पता ही धरातल पर नहीं है और वोटर लिस्ट में नाम शामिल होने संबंधी आवेदन फार्म भी गायब है।
इस परिवार के 18 सदस्यों के वोट 2017 के निकाय चुनाव में छर्रा नगर पंचायत के शिवपुरी नई आबादी गली नंबर आठ के मकान नंबर 205 के पते पर बने हैं। पुलिस जांच में यह निकलकर आया है कि वह आवेदन फार्म ही पत्रावली से गायब है, जिसमें आवेदन फार्म पर संस्तुति व बीएलओ की रिपोर्ट होती है। एसएसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि इसे लेकर बीएलओ की भूमिका संदेह के घेरे में है। इसे जांच के दायरे में लाया जा रहा है। जिलाधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है, जिसमें उनसे बीएलओ की भूमिका की जांच कराने व आवेदन फार्म तलाश कराने संबंधी बात कही जा रही है।
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बता दें कि यह परिवार अब तक की पुलिस जांच में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से यहां आकर बसा है। वहीं एजेंसियां इनके बंगलादेशी कनेक्शन खोजने पर काम कर रही हैं।
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