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नोटिस् पर नदीम ने किया पलटवार-Cordination
Updated Thu, 12 Jul 2018 02:36 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में पलटवार कर अपनी ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर कई सवाल ठोक दिए हैं। हालांकि प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने इस तरह के नोटिस पर अनभिज्ञता जताई है।
नदीम अंसारी का कहना है कि जसीम मोहम्मद न तो छात्र हैं और न ही यूनिवर्सिटी के कर्मचारी, तो कारण बताओ नोटिस मुझे किस खुशी में दे दिया गया है। उन्होंने प्रॉक्टर से पूछा है कि हिंदू युवा वाहिनी के गुंडे कैसे यूनिवर्सिटी में आए।
प्रॉक्टर आफिस की गाड़ियां कैसे प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्यों की पत्नियों को ब्यूटी पार्लर लेने और छोड़ने जाती हैं। कई लोग बच्चों को स्कूल पहुंचाने एवं लाने में गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। अंतिम सवाल में पूछा है कि एएमयू को आतंकवाद की सोच बोलने वाले पर आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। हालांकि प्रॉक्टर प्रो. खान ने नोटिस की बात सुनकर हैरानी के साथ-साथ अनभिज्ञता जतायी।
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उन्होंने कहा कि आज तक किसी छात्र द्वारा प्रॉक्टर को कारण बताओ नोटिस की बात नहीं सुनी है। उनका कहना है कि शेरवानी पहनने वाले कुछ लोग कुछ भी बोलते रहते हैं। नदीम अंसारी को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है।
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एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में पलटवार कर अपनी ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर कई सवाल ठोक दिए हैं। हालांकि प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने इस तरह के नोटिस पर अनभिज्ञता जताई है।
नदीम अंसारी का कहना है कि जसीम मोहम्मद न तो छात्र हैं और न ही यूनिवर्सिटी के कर्मचारी, तो कारण बताओ नोटिस मुझे किस खुशी में दे दिया गया है। उन्होंने प्रॉक्टर से पूछा है कि हिंदू युवा वाहिनी के गुंडे कैसे यूनिवर्सिटी में आए।
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प्रॉक्टर आफिस की गाड़ियां कैसे प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्यों की पत्नियों को ब्यूटी पार्लर लेने और छोड़ने जाती हैं। कई लोग बच्चों को स्कूल पहुंचाने एवं लाने में गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। अंतिम सवाल में पूछा है कि एएमयू को आतंकवाद की सोच बोलने वाले पर आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। हालांकि प्रॉक्टर प्रो. खान ने नोटिस की बात सुनकर हैरानी के साथ-साथ अनभिज्ञता जतायी।
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उन्होंने कहा कि आज तक किसी छात्र द्वारा प्रॉक्टर को कारण बताओ नोटिस की बात नहीं सुनी है। उनका कहना है कि शेरवानी पहनने वाले कुछ लोग कुछ भी बोलते रहते हैं। नदीम अंसारी को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है।