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तिहरे हत्याकांड के खुलासे को कप्तान ने संभाली कमान
Updated Mon, 17 Sep 2018 02:28 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हरदुआगंज(अलीगढ़)।
थाना क्षेत्र के कलाई माइनर के मंदिर पर सफेदपुरा के रहने वाले साधु व इसी गांव के किसान दंपती के हत्याकांड में अभी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। मगर रविवार सुबह से ही एसएसपी अजय कुमार साहनी घटनास्थल पर कैंप किए रहे और बारीकी से घटना के साक्ष्यों की तलाश में जुटे रहे। इस दौरान वह काफी देर तक दुर्रेनी माता के मंदिर पर भी रहे और जंगल में भी गए। उनके साथ एसपी क्राइम आशुतोष द्विवेदी, सीओ अतरौली प्रशांत सिंह समेत फोरेंसिक एक्सपर्ट व सर्विलांस टीम भी रही। इस दौरान फिलहाल मंदिर में मौजूद सेवादार मृतक महंत के परिजनों को भी वहां से हटा दिया गया।
इधर, तिहरे हत्याकांड के बाद से ही गांव में दहशत का माहौल है। दूसरे दिन भी कहीं सन्नाटा पसरा हुआ था तो कहीं चौपाल लगाकर बैठे लोग इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए दिखाई दे रहे थे। ग्रामीणों द्वारा गणेश चतुर्थी के दिन से ही गांव के मुख्य मार्ग पर टेंट लगाकर गणेश प्रतिमा के समक्ष धूमधाम से महोत्सव मनाया जा रहा था, लेकिन इस घटना के बाद से महोत्सव भी रोक दिया गया है। वहीं एहतियातन गांव में पुलिस बल के साथ डेढ़ सेक्सन पीएसी भी तैनात है।
आखिर किसकी थी एक कार और दो बाइकें
खेत में दवा लगाने के गए दंपती की हत्या वाले दिन तड़के घटना स्थल के नजदीक लगभग चार बजे एक मारुति वैन व दो बाइकें खड़ी देखी गईं। मृत किसान योगेन्द्र के भाई ललित उर्फ बॉबी ने बताया कि हत्या वाली तड़के करीब चार बजे रामघाट रोड-कलाई संपर्क मार्ग पर जहां से खेत की ओर जाने वाला रास्ता शुरू होता है। वहां पड़ोसी गांव के एक किसान ने एक मारुति वैन तथा दो बाइकें खड़ी देखीं। दूरी और अंधेरा होने के चलते वह ज्यादा कुछ नहीं देख सका। न ही कोई आदमी दिखाई दिया। सुबह जब घटना के बारे में जानकारी हुई तो प्रत्यक्षदर्शी किसान ने रविवार सुबह दंपती के घर पहुंचकर पूरी बात बताई।
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साधु के दरवाजे पर शराबियों का हंगामा
मृत साधु के अंतिम संस्कार से पूर्व परिजनों ने ग्रामीणों व पुलिस अधिकारियों की सहमति से मंदिर परिसर में ही थान के नजदीक बाबा रूपदास की समाधि बना दी है। साधु के भाई गिर्राज का कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद देर रात करीब गयारह बजे गांव के ही कुछ लड़के शराब के नशे में दरवाजे पर आ धमके और हंगामा करते हुए मंदिर में बनाई गई समाधि को खुर्द बुर्द करने की धमकी दे रहे थे। मगर किसी तरह पड़ोसियों व रिश्तेदारों ने मामला शांत करा दिया था। वहीं चर्चा है कि मंदिर में बाबा की समाधि से आखिर शराबियों को क्या आपत्ति रही होगी। वहीं, शनिवार शाम को ही कुछ लोगों ने गांव के एक नवयुवक को मंदिर सेवादार के रूप में तैनात कर दिया था, लेकिन युवा व अकेला होने की वजह से पुलिस अधिकारियों ने युवक को वहां से हटा दिया था। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
टूटा चश्मे से हत्यारों को देखने की कोशिश
पत्नी समेत मारे गये किसान योगेन्द्र के भाई बॉबी ने बताया कि शनिवार शाम को घटना स्थल पर की गई सघन जांच के दौरान जांच टीम को योगेन्द्र के शव के पास एक चश्मा भी मिला जोकि टूटा हुआ था। जांच टीम ने चश्मे को कब्जे में ले लिया है। आशंका जताई जा रही है कि यह चश्मा हत्यारों में से ही किसी एक का होगा जोकि योगेन्द्र को घसीटने के दौरान वहीं गिर गया। बता दें कि हत्यारों में से किसी एक की बेल्ट भी मृत योगेन्द्र के पैरों से बंधी मिली थी। आशंका है कि इस बैल्ट से ही घसीटकर योगेन्द्र के शव को धान के खेत में फेंका गया होगा।
सट्टा विवाद परिवार ने नकारा, कई हिरासत में
एक तरफ सट्टा विवाद साधु के भाई गिर्राज ने नकार दिया है। उसका कहना है कि वह 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी करता है। अगर उनके भाई इतने बड़े चमत्कारी थे तो आज तक उसे मजदूरी से नहीं रोका। वह उनके सबसे करीब था और सेवा भी करता था। फिर भी पुलिस इस पहलू पर ध्यान देते हुए ऐसे लोगों को चिह्नित कर रही है, जो शहर या अन्य जगहों से मंदिर पर आया करते थे। उनके आने की वजह क्या थी। ऐसे लोगों को एक-एक कर पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। अब तक आधा दर्जन से अधिक ऐसे लोग पूछताछ के लिए बैठा रखे हैं।
एक जैसी मॉडस अपरेंडी..कोई गैंग एक्टिव तो नहीं
जिलें में लगातार दूसरी हत्या की वारदात मडराक में हुई है। इसमें भी कमोवेश वही हालात हैं जो हरदुआगंज में हुए थे। इससे पुलिस इसी मॉडस अपरेंडी पर काम कर रही है कि कहीं कोई गैंग तो एक्टिव नहीं हो गया। इसके चलते जिले भर के एकांत में पड़ने वाले मंदिर, फैक्ट्री, गोदाम, व्यापारिक प्रतिष्ठान, रिहायशी इलाकों में अकेले रहने वालों को सुबह से अभियान चलाकर सजग किया जा रहा है। लोगों से कहा जा रहा है कि सतर्क रहें और किसी भी जरूरत पर शोर मचाकर पब्लिक एकत्रित करें और पुलिस को बुलाएं।
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थाना क्षेत्र के कलाई माइनर के मंदिर पर सफेदपुरा के रहने वाले साधु व इसी गांव के किसान दंपती के हत्याकांड में अभी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। मगर रविवार सुबह से ही एसएसपी अजय कुमार साहनी घटनास्थल पर कैंप किए रहे और बारीकी से घटना के साक्ष्यों की तलाश में जुटे रहे। इस दौरान वह काफी देर तक दुर्रेनी माता के मंदिर पर भी रहे और जंगल में भी गए। उनके साथ एसपी क्राइम आशुतोष द्विवेदी, सीओ अतरौली प्रशांत सिंह समेत फोरेंसिक एक्सपर्ट व सर्विलांस टीम भी रही। इस दौरान फिलहाल मंदिर में मौजूद सेवादार मृतक महंत के परिजनों को भी वहां से हटा दिया गया।
इधर, तिहरे हत्याकांड के बाद से ही गांव में दहशत का माहौल है। दूसरे दिन भी कहीं सन्नाटा पसरा हुआ था तो कहीं चौपाल लगाकर बैठे लोग इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए दिखाई दे रहे थे। ग्रामीणों द्वारा गणेश चतुर्थी के दिन से ही गांव के मुख्य मार्ग पर टेंट लगाकर गणेश प्रतिमा के समक्ष धूमधाम से महोत्सव मनाया जा रहा था, लेकिन इस घटना के बाद से महोत्सव भी रोक दिया गया है। वहीं एहतियातन गांव में पुलिस बल के साथ डेढ़ सेक्सन पीएसी भी तैनात है।
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आखिर किसकी थी एक कार और दो बाइकें
खेत में दवा लगाने के गए दंपती की हत्या वाले दिन तड़के घटना स्थल के नजदीक लगभग चार बजे एक मारुति वैन व दो बाइकें खड़ी देखी गईं। मृत किसान योगेन्द्र के भाई ललित उर्फ बॉबी ने बताया कि हत्या वाली तड़के करीब चार बजे रामघाट रोड-कलाई संपर्क मार्ग पर जहां से खेत की ओर जाने वाला रास्ता शुरू होता है। वहां पड़ोसी गांव के एक किसान ने एक मारुति वैन तथा दो बाइकें खड़ी देखीं। दूरी और अंधेरा होने के चलते वह ज्यादा कुछ नहीं देख सका। न ही कोई आदमी दिखाई दिया। सुबह जब घटना के बारे में जानकारी हुई तो प्रत्यक्षदर्शी किसान ने रविवार सुबह दंपती के घर पहुंचकर पूरी बात बताई।
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साधु के दरवाजे पर शराबियों का हंगामा
मृत साधु के अंतिम संस्कार से पूर्व परिजनों ने ग्रामीणों व पुलिस अधिकारियों की सहमति से मंदिर परिसर में ही थान के नजदीक बाबा रूपदास की समाधि बना दी है। साधु के भाई गिर्राज का कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद देर रात करीब गयारह बजे गांव के ही कुछ लड़के शराब के नशे में दरवाजे पर आ धमके और हंगामा करते हुए मंदिर में बनाई गई समाधि को खुर्द बुर्द करने की धमकी दे रहे थे। मगर किसी तरह पड़ोसियों व रिश्तेदारों ने मामला शांत करा दिया था। वहीं चर्चा है कि मंदिर में बाबा की समाधि से आखिर शराबियों को क्या आपत्ति रही होगी। वहीं, शनिवार शाम को ही कुछ लोगों ने गांव के एक नवयुवक को मंदिर सेवादार के रूप में तैनात कर दिया था, लेकिन युवा व अकेला होने की वजह से पुलिस अधिकारियों ने युवक को वहां से हटा दिया था। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
टूटा चश्मे से हत्यारों को देखने की कोशिश
पत्नी समेत मारे गये किसान योगेन्द्र के भाई बॉबी ने बताया कि शनिवार शाम को घटना स्थल पर की गई सघन जांच के दौरान जांच टीम को योगेन्द्र के शव के पास एक चश्मा भी मिला जोकि टूटा हुआ था। जांच टीम ने चश्मे को कब्जे में ले लिया है। आशंका जताई जा रही है कि यह चश्मा हत्यारों में से ही किसी एक का होगा जोकि योगेन्द्र को घसीटने के दौरान वहीं गिर गया। बता दें कि हत्यारों में से किसी एक की बेल्ट भी मृत योगेन्द्र के पैरों से बंधी मिली थी। आशंका है कि इस बैल्ट से ही घसीटकर योगेन्द्र के शव को धान के खेत में फेंका गया होगा।
सट्टा विवाद परिवार ने नकारा, कई हिरासत में
एक तरफ सट्टा विवाद साधु के भाई गिर्राज ने नकार दिया है। उसका कहना है कि वह 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी करता है। अगर उनके भाई इतने बड़े चमत्कारी थे तो आज तक उसे मजदूरी से नहीं रोका। वह उनके सबसे करीब था और सेवा भी करता था। फिर भी पुलिस इस पहलू पर ध्यान देते हुए ऐसे लोगों को चिह्नित कर रही है, जो शहर या अन्य जगहों से मंदिर पर आया करते थे। उनके आने की वजह क्या थी। ऐसे लोगों को एक-एक कर पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। अब तक आधा दर्जन से अधिक ऐसे लोग पूछताछ के लिए बैठा रखे हैं।
एक जैसी मॉडस अपरेंडी..कोई गैंग एक्टिव तो नहीं
जिलें में लगातार दूसरी हत्या की वारदात मडराक में हुई है। इसमें भी कमोवेश वही हालात हैं जो हरदुआगंज में हुए थे। इससे पुलिस इसी मॉडस अपरेंडी पर काम कर रही है कि कहीं कोई गैंग तो एक्टिव नहीं हो गया। इसके चलते जिले भर के एकांत में पड़ने वाले मंदिर, फैक्ट्री, गोदाम, व्यापारिक प्रतिष्ठान, रिहायशी इलाकों में अकेले रहने वालों को सुबह से अभियान चलाकर सजग किया जा रहा है। लोगों से कहा जा रहा है कि सतर्क रहें और किसी भी जरूरत पर शोर मचाकर पब्लिक एकत्रित करें और पुलिस को बुलाएं।