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Aligarh News: क्रेडिट कार्ड अलीगढ़ में, एक लाख का लेनदेन हुआ विदेश में
Thu, 17 Aug 2023 01:27 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Aug 2023 01:27 AM IST
सार
ताजा मामला हैरान कर देने वाला है। सेंटर प्वाइंट स्थित ट्रेवल एजेंसी संचालक के क्रेडिट कार्ड से अमेरिका की एक कंपनी को एक लाख से अधिक का भुगतान हो गया। पीड़ित उस वक्त सो रहा था। सुबह मैसेज देख पीड़ित के होशफाख्ता हो गए। हालांकि तत्परता के चलते 21 घंटे में पूरा पैसा वापस आ गया।
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साइबर क्राइम
- फोटो : SELF
विस्तार
अगर आपका विदेश में आना-जाना लगा रहता है। डेबिट या क्रेडिट कार्ड में अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की सुविधा इस्तेमाल करते हैं तो खबर आपके काम की है। आधुनिकता के दौर में साइबर ठग चूना लगाने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। फोन हैकिंग, क्रेडिट और डेबिट कार्ड क्लोनिंग कर लोगों के खाते से रुपया उड़ाते हैं।
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ताजा मामला हैरान कर देने वाला है। सेंटर प्वाइंट स्थित ट्रेवल एजेंसी संचालक के क्रेडिट कार्ड से अमेरिका की एक कंपनी को एक लाख से अधिक का भुगतान हो गया। पीड़ित उस वक्त सो रहा था। सुबह मैसेज देख पीड़ित के होशफाख्ता हो गए। हालांकि तत्परता के चलते 21 घंटे में पूरा पैसा वापस आ गया। ये सब पीड़ित के साथ इसलिए हुआ क्योंकि उनके क्रेडिट कार्ड में अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की सुविधा थी।
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रजनीश मलिक निवासी जापान हाऊस, थाना क्वार्सी समद रोड पर एक ट्रेवल एजेंसी के संचालक हैं। आरबीएल बैंक में उनका खाता है, जिसका क्रेडिट कार्ड वह इस्तेमाल करते हैं। काम के सिलसिले में अक्सर उनका विदेश जाना लगा रहता है। मई में वह वियतनाम गए थे। 12 अगस्त की रात वह अपने अलीगढ़ के घर पर सो रहे थे। 13 अगस्त लगने के तुरंत बाद रात 12 बजकर छह मिनट पर उनके मोबाइल पर 1301 डॉलर का लेनदेन करने का मैसेज आया। पूरा लेनदेन बिना ओटीपी के हुआ। सुबह उठे, तो मोबाइल पर मैसेज देखा।
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भारतीय मुद्रा में करीब एक लाख सात हजार की ठगी उनके साथ हो गई थी। बैंक को फोन लगा शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल थाना पहुंचे। जहां उनकी प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। बैंक को साइबर सेल में की गई शिकायत मेल की गई। 13 अगस्त की रात 9 बजे बैंक ने उनका पूरा पैसा उनके खाते में वापस करा दिया। रजनीश ने बताया कि विदेशों में कार्ड की क्लोनिंग होना आम बात है। कुछ विदेशी कंपनियां बिना ओटीपी के केवल कार्ड की जानकारी साझा करने पर ही लेनदेन कर लेती हैं। ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती।