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यमुना एक्सप्रेसवे लगने लगे क्रैश बैरियर, कम होंगे हादसे

Fri, 17 Sep 2021 08:05 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 08:05 PM IST
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Crash barriers started to be installed on Yamuna Expressway
यमुना एक्सप्रेसवे पर इस तरह लगाया जा रहा है क्रैश बैरियर। - फोटो : CITY OFFICE
राजा तिवारी
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यमुना एक्सप्रेसवे को जीरो डेथ कॉरिडोर बनाने का काम शुरू हो गया है। करीब 165 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के डिवाइडर पर क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं। तेज रफ्तार अनियंत्रित वाहन इन क्रैश बैरियर से टकराकर डिवाइडर से दूसरी तरफ नहीं जाएंगे। आईआईटी दिल्ली और सेव लाइफ फाउंडेशन की रिपोर्ट के बाद जेपी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ओर से डिवाइडर के दोनों तरफ ये क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं। नोएडा से जेवर तक क्रैश बैरियर लग चुके हैं। दिसंबर 2022 तक कार्य को पूरा करना है। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह स्पीड कैमरे भी लगाए जा रहे हैं ताकि ओवरस्पीडिंग पर रोक लग सके।
यमुना एक्सप्रेसवे पर होने वाले हादसों में कई लोग गंभीर घायल होते हैं तो कई लोगों की जान चली जाती है। ऐसे में यमुना एक्सप्रेसवे को जीरो डेथ कॉरिडोर बनाने के लिए उप्र शासन और परिवहन विभाग ने सेव लाइफ फाउंडेशन के साथ एमओयू साइन किया था। एमओयू के पैनल में आरटीओ अलीगढ़, आगरा, एसपी ट्रैफिक, डीआईजी और संस्था को शामिल किया गया हैै। इसके बाद आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर संस्था ने हादसों की वजह और मौत के कारणों का पता लगाया। अपनी अध्ययन रिपोर्ट में यहां पर क्रैश बैरियर, स्पीड कैमरे और ओवरलोडिंग को लेकर कई सुझाव दिए। गौरतलब हो कि सेव लाइफ फाउंडेशन मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को जीरो डेथ कॉरिडोर के रूप में परिवर्तित कर चुकी है। यहां पर हादसों में 60 फीसदी तक कमी आई है।
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ऐसे काम करता है क्रैश बैरियर
इसे थ्राई बीम क्रैश बैरियर भी कहते हैं। संस्था के पदाधिकारियों के मुताबिक, ये बैरियर बेहद लचीले और मजबूत होते हैं। यदि चालक को झपकी आती है और वाहन डिवाइडर पर चढ़ता है तो इस बैरियर से टकराकर वापस सड़क पर आ जाएगा न कि दूसरी तरफ जाएगा। ऐसे में दूसरी तरफ से आने वाले वाहन अनियंत्रित वाहन से नहीं टकराएंगे और बड़ा हादसा बच जाएगा।
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अलीगढ़ में 16 और हाथरस में दो किमी का हिस्सा
आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे का 16 किमी की हिस्सा अलीगढ़ परिक्षेत्र में लगता है, जबकि हाथरस में दो किलोमीटर का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ क्षेत्र में हुए हादसों में दर्ज की गई एफआईआर को भी अध्ययन में शामिल किया गया है। हाल ही में हुए सभी हादसों की एफआईआर की कॉपी प्रेषित भी कर दी गई है।

अलीगढ़ क्षेत्र में हुए हादसे और मौत
साल हादसे मौत
2018 149 124
2019 152 175
2020 87 78
2021 10 12 (अप्रैल तक)
सेव लाइफ फाउंडेशन और आईआईटी दिल्ली के सहयोग से यमुना एक्सप्रेसवे पर क्रैश बैरियर लगाने का काम प्रारंभ हो गया है। जेपी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड इस कार्य को अंजाम दे रही है। बैरियर के बाद हादसों और उसमें होने वाली मौतों के आंकड़ों में कितनी कमी आती है, इस पर अध्ययन किया जाएगा। -फरीदउद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन।
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