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अलीगढ़: भाइयों की घरेलू हिंसा का शिकार बनी बहन को देना होगा खर्चा, आदेश जारी
Fri, 28 Jun 2019 12:42 AM IST
Abhishek Singh
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: Abhishek Singh
Updated Fri, 28 Jun 2019 12:42 AM IST
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घरेलू हिंसा ( सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Social Media
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अतरौली के गांव नरौना अकापुर की अविवाहित युवती की ओर से भाइयों पर लगाए गए घरेलू हिंसा के आरोपों पर अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी भाइयों और भाभियों को भरण-पोषण के लिए मासिक खर्चा देने और मानसिक-शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए जुर्माना देने का आदेश दिया है।
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यह फैसला एसीजेएम-2 के न्यायाधीश मनोज कुमार मिश्रा द्वितीय की अदालत ने सुनाया है। खास बात ये है कि युवती ने इस याचिका में अपने पिता को भी आरोपी बनाया था। मगर दौरान-ए-सुनवाई पिता की मौत हो गई।
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अधिवक्ता रामकुमार सिंह के अनुसार नरौना अकापुर की युवती बीना कुमारी पुत्री नेम सिंह के अनुसार वह तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटी है। घरेलू हिंसा के महिला संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत दायर याचिका के अनुसार पिता और भाइयों की हरकतों से तंग आकर वह मां के साथ घर में अलग-थलग रहती थी।
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इस दौरान मां ने उसकी शादी के लिए कुछ जेवर और नकदी एकत्रित कर रखी थी। करीब पांच साल पहले मां की मृत्यु होने पर उसने मां का जेवर और नकदी घर के बुजुर्गों को धरोहर के लिए दे दी। इसके बाद उसके पिता और भाइयों के स्तर से उसका उत्पीड़न शुरू हो गया। यही नहीं उसे हर्जा खर्चा भी नहीं दिया गया। उसने बीमा का काम शुरू किया, मगर उत्पीड़न के चलते वह भी बंद करना पड़ गया।
आरोप है कि साजिश के तहत 11 जुलाई 2014 को उसे मारने की कोशिश की गई। मगर ग्रामीणों ने उसे बचा लिया। इसके उसने भाइयों से जमीन में हिस्सा और मां द्वारा छोड़े गए जेवर-नकदी मांगी तो उसे घर से निकाल दिया। इस पर वह 2 अप्रैल 2017 को यहां तालसपुर कार्सी में किराये पर रहने लगी।
इसके बाद अदालत में दायर याचिका में उसने पिता और भाइयों और भाभियों को आरोपी बनाकर 15 हजार रुपये प्रतिमा भरण-पोषण खर्चा और 20 लाख रुपये एक मुश्त दिलाने की मांग की। इस बीच पिता की भी मौत हो गई। अब अदालत ने गुरुवार को सुनाए आदेश में भाइयों और भाभियों को आदेश दिया है कि वह पीड़ित को 5 हजार रुपये प्रतिमाह भरण पोषण और 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति जुर्माना देंगे। बता दें कि युवती के गांव में पिता के नाम पर पुश्तैनी रामघाट रोड के सहारे करीब 14 बीघा जमीन है।