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पुराने शहर में लंबी हो रही कोरोना संक्रमण की चेन, लोग हो रहे बेचैन
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पुराने शहर में कोरोना संक्रमण का कहर थमने के बजाय उसकी चेन लंबी होती जा रही है। बुधवार को पांच नए केस सामने आए। संक्रमितों में दो युवक शनिवार को कोरोना से जान गंवाने वाली कैलाश गली की 60 वर्षीय वृद्धा के दो बेटे और तीसरा केस महिला का उपचार करने वाले 55 वर्षीय झोलाछाप निकला है। वहीं, चौथा केस मामू भांजा के 68 वर्षीय पानी सप्लाई कारोबारी का है। पांचवां केस मानिक चौक में 61 वर्षीय संघ पदाधिकारी का है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी परेशानी पानी सप्लाई कारोबारी की चेन, संघ पदाधिकारी और झोलाछाप डाक्टर के संपर्क में आए अन्य मरीजों का रिकार्ड खंगालने की आ गई है।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक कैलाश गली की 60 साल की महिला का जेएन मेडिकल पहुंचने से पहले परिवार ने कैलाश गली में दुकान चलाने वाले झोलाछाप से उपचार कराया था। डॉक्टर ने मरीज के संबंध में जिला प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग को कोई जानकारी न देकर दंडनीय अपराध किया। झोलाछाप के खिलाफ मुकदमे के आदेश दिए हैं। इनकी कांटेक्ट हिस्ट्री तलाश 24 घंटे के भीतर शत प्रतिशत सैंपलिंग के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। इलाका पहले से सील है। सैनिटाइजिंग का कार्य जारी है।
झोलाछाप ने अन्य 13 मरीजों का भी किया था उपचार
जिला प्रशासन और पुलिस के सामने कैलाश गली के झोलाछाप के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद होश उड़ गए हैं। झोलाछाप ने न सिर्फ 60 वर्षीय महिला का उपचार किया था। बल्कि पिछले 15 दिन में उसने अन्य 13 मरीजों को भी परामर्श सहित दवाएं दी थीं। मूलरूप से एडीए, देहली गेट का रहने वाले झोलाछाप की कैलाश गली में क्लीनिक है। पुलिस को बुधवार को जैसे ही इसके संबंध में जानकारी मिली तत्काल घर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाकर उसे अस्पताल रवाना कर दिया। घर में पत्नी और बेटे को क्वारंटीन कर दिया है। उनका भी सैंपल जांच को भेजा गया है। इसके साथ ही पुलिस को ऐसे 13 लोगों की सूची भी मिली है, जो उससे लगातार परामर्श/दवा लेने के लिए संपर्क में थे।
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इन सबकी भी कांटेक्ट हिस्ट्री खंगाली जा रही है। सभी का सैंपल जांच को भेजा गया है। उनके परिवार वालों को भी होम क्वारंटीन किया गया है। गनीमत की बात यह है कि यह 13 लोग आसपास के ही रहने वाले हैं। हालांकि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इस बात का डर है कि झोलाछाप के संपर्क में आए लोग पॉजिटिव न निकल आएं। अगर, ऐसा होता है तो मेडिकल ट्रांसमिशन को और बल मिल जाएगा। एसएसपी के मुताबिक सुसंगत धाराओं में झोलाछाप के खिलाफ थाना देहली गेट में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। डाक्टर के क्लीनिक से मरीजों के रजिस्ट्रर को जब्त कर खंगाला जा रहा है।
पानी सप्लाई कारोबारी के बेटे और पत्नी की भी हालत खराब
मामू भांजा के मिनरल वाटर सप्लाई कारोबारी की 68 साल की पत्नी और 35 साल के बेटे की तबीयत भी खराब है। वर्तमान में तीनों जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती है। पुलिस ने इनके इलाके की 400 मीटर परधि को सील कर दिया है।
इंस्पेक्टर सुधीर कुमार धामा के मुताबिक 68 वर्षीय संक्त्रस्मित व्यक्ति की पत्नी जिनकी उम्र 65 वर्ष है। वह भी बुखार से पीड़ित मिली हैं। उनको भी जेएन मेडिकल कालेज भेजा गया है। इनके परिवार के आठ सदस्यों को होम क्वारंटीन किया गया है। घर में काम करने आने वाली दो नौकरानियों को उनके दुबे पड़ाव स्थित निवास पर क्वारंटीन किया गया है। पानी सप्लाई का काम बेटों द्वारा किया जाता है। अपने कितने ग्राहकों के यहां पिछले 15 दिनों में इन्होंने पानी पहुंचाया है। इसकी लिस्ट खंगाली जा रही है। फिलहाल 100 के करीब परिवारों की बात सामने आ रही है। जैसे-जैसे नाम-पते सहित ग्राहकों की सूची सामने आती जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को सैंपलिंग के लिए बताया जाएगा।
नगर संचालक ने गरीबों के बीच किया था राशन वितरण
कोरोना वायरस से संक्रमित आरएसएस की एक शाखा के नगर संचालक ने लॉकडाउन में गरीबों के बीच राशन वितरण भी किया था। वह सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। सराफा कारोबारी की माता के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे।
सराफा कारोबारी के परिजनों ने बताया कि वह 40 साल से संघ से जुड़े है। उनका जीवन सादा जीवन उच्च विचारों पर आधारित है। ऊपरकोट में कपड़े का कारोबार है। 20 साल पहले स्कूटर छोड़कर साइकिल अपना लिया था। आज भी वह साइकिल से चलते हैं और दूसरों को भी साइकिल से चलने के लिए प्रेरित करते हैं। नगर संचालक के बड़े भाई शहर के जाने-माने व्यापारी है और श्री वार्ष्णेय मंदिर के व्यवस्थापक भी है।
बुखार एवं घबराहट होने पर परिजन 11 मई को उनको लेकर जिला अस्पताल गए। वहां पर एक्सरे हुआ। उसके बाद एक प्राइवेट हॉस्पिटल में गए लेकिन डॉक्टरों ने बाहर से ही एक दूसरे चिकित्सक के पास भेज दिया। उन्होंने रिपोर्ट देखकर बाहर से ही जेएन मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया। इमरजेंसी में उन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया है। भतीजा ने बताया कि चाचा की तबियत ठीक है। वह चल फिर रहे हैं और सारा काम खुद कर रहे है। खाना एवं नाश्ता भी कर रहे हैं। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि बीमार होने के पहले उनके संपर्क में कौन-कौन आया था। सराफा परिवार से कनेक्शन जुड़ने के बाद लोग अंदर ही अंदर भयभीत अवश्य है।
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जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक कैलाश गली की 60 साल की महिला का जेएन मेडिकल पहुंचने से पहले परिवार ने कैलाश गली में दुकान चलाने वाले झोलाछाप से उपचार कराया था। डॉक्टर ने मरीज के संबंध में जिला प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग को कोई जानकारी न देकर दंडनीय अपराध किया। झोलाछाप के खिलाफ मुकदमे के आदेश दिए हैं। इनकी कांटेक्ट हिस्ट्री तलाश 24 घंटे के भीतर शत प्रतिशत सैंपलिंग के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। इलाका पहले से सील है। सैनिटाइजिंग का कार्य जारी है।
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झोलाछाप ने अन्य 13 मरीजों का भी किया था उपचार
जिला प्रशासन और पुलिस के सामने कैलाश गली के झोलाछाप के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद होश उड़ गए हैं। झोलाछाप ने न सिर्फ 60 वर्षीय महिला का उपचार किया था। बल्कि पिछले 15 दिन में उसने अन्य 13 मरीजों को भी परामर्श सहित दवाएं दी थीं। मूलरूप से एडीए, देहली गेट का रहने वाले झोलाछाप की कैलाश गली में क्लीनिक है। पुलिस को बुधवार को जैसे ही इसके संबंध में जानकारी मिली तत्काल घर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाकर उसे अस्पताल रवाना कर दिया। घर में पत्नी और बेटे को क्वारंटीन कर दिया है। उनका भी सैंपल जांच को भेजा गया है। इसके साथ ही पुलिस को ऐसे 13 लोगों की सूची भी मिली है, जो उससे लगातार परामर्श/दवा लेने के लिए संपर्क में थे।
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इन सबकी भी कांटेक्ट हिस्ट्री खंगाली जा रही है। सभी का सैंपल जांच को भेजा गया है। उनके परिवार वालों को भी होम क्वारंटीन किया गया है। गनीमत की बात यह है कि यह 13 लोग आसपास के ही रहने वाले हैं। हालांकि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इस बात का डर है कि झोलाछाप के संपर्क में आए लोग पॉजिटिव न निकल आएं। अगर, ऐसा होता है तो मेडिकल ट्रांसमिशन को और बल मिल जाएगा। एसएसपी के मुताबिक सुसंगत धाराओं में झोलाछाप के खिलाफ थाना देहली गेट में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। डाक्टर के क्लीनिक से मरीजों के रजिस्ट्रर को जब्त कर खंगाला जा रहा है।
पानी सप्लाई कारोबारी के बेटे और पत्नी की भी हालत खराब
मामू भांजा के मिनरल वाटर सप्लाई कारोबारी की 68 साल की पत्नी और 35 साल के बेटे की तबीयत भी खराब है। वर्तमान में तीनों जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती है। पुलिस ने इनके इलाके की 400 मीटर परधि को सील कर दिया है।
इंस्पेक्टर सुधीर कुमार धामा के मुताबिक 68 वर्षीय संक्त्रस्मित व्यक्ति की पत्नी जिनकी उम्र 65 वर्ष है। वह भी बुखार से पीड़ित मिली हैं। उनको भी जेएन मेडिकल कालेज भेजा गया है। इनके परिवार के आठ सदस्यों को होम क्वारंटीन किया गया है। घर में काम करने आने वाली दो नौकरानियों को उनके दुबे पड़ाव स्थित निवास पर क्वारंटीन किया गया है। पानी सप्लाई का काम बेटों द्वारा किया जाता है। अपने कितने ग्राहकों के यहां पिछले 15 दिनों में इन्होंने पानी पहुंचाया है। इसकी लिस्ट खंगाली जा रही है। फिलहाल 100 के करीब परिवारों की बात सामने आ रही है। जैसे-जैसे नाम-पते सहित ग्राहकों की सूची सामने आती जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को सैंपलिंग के लिए बताया जाएगा।
नगर संचालक ने गरीबों के बीच किया था राशन वितरण
कोरोना वायरस से संक्रमित आरएसएस की एक शाखा के नगर संचालक ने लॉकडाउन में गरीबों के बीच राशन वितरण भी किया था। वह सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। सराफा कारोबारी की माता के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे।
सराफा कारोबारी के परिजनों ने बताया कि वह 40 साल से संघ से जुड़े है। उनका जीवन सादा जीवन उच्च विचारों पर आधारित है। ऊपरकोट में कपड़े का कारोबार है। 20 साल पहले स्कूटर छोड़कर साइकिल अपना लिया था। आज भी वह साइकिल से चलते हैं और दूसरों को भी साइकिल से चलने के लिए प्रेरित करते हैं। नगर संचालक के बड़े भाई शहर के जाने-माने व्यापारी है और श्री वार्ष्णेय मंदिर के व्यवस्थापक भी है।
बुखार एवं घबराहट होने पर परिजन 11 मई को उनको लेकर जिला अस्पताल गए। वहां पर एक्सरे हुआ। उसके बाद एक प्राइवेट हॉस्पिटल में गए लेकिन डॉक्टरों ने बाहर से ही एक दूसरे चिकित्सक के पास भेज दिया। उन्होंने रिपोर्ट देखकर बाहर से ही जेएन मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया। इमरजेंसी में उन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया है। भतीजा ने बताया कि चाचा की तबियत ठीक है। वह चल फिर रहे हैं और सारा काम खुद कर रहे है। खाना एवं नाश्ता भी कर रहे हैं। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि बीमार होने के पहले उनके संपर्क में कौन-कौन आया था। सराफा परिवार से कनेक्शन जुड़ने के बाद लोग अंदर ही अंदर भयभीत अवश्य है।