Mangalayatan University: दीक्षांत समारोह में 2218 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 11 को मिले स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह में 2218 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। जिनमें 11 को स्वर्ण पदक, 12 को रजत पदक प्रदान किए गए। 37 पीएचडी के विद्यार्थियों को भी उपाधि प्रदान की गई।
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मंगलायतन विश्वविद्यालय का दसवां दीक्षांत समारोह 4 जुलाई को हुआ। जिसमें भूतपूर्व सेनाध्यक्ष जनरल डॉ विजय कुमार सिंह, एएमयू वीसी प्रो. नइमा खातून, मंविवि के कुलाधिपति अच्युतानंद मिश्र, चेयरमैन हेमंत गोयल और गुरूजी ऋषि राज महाराज मंचासीन रहे। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर हुआ, फिर गायत्री मंत्र व कुल गीत प्रस्तुत किया गया। अतिथि स्वागत रजिस्ट्रार ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने किया। वीसी प्रो. पीके दशोरा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और उपाधि प्राप्त करने वालों को शपथ दिलाई।
जनरल डॉ विजय कुमार सिंह ने कहा कि आपकी यात्रा अभी शुरू हुई है और दुनिया आपके योगदान का इंतजार कर रही है। आज का यह क्षण कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता का प्रतीक है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए आप सभी को बधाई। भारतीय सेना प्रमुख से संसद सदस्य बनने तक की अपनी यात्रा को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हर मिशन के बाद हमने सबक और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए गहन समीक्षा की। आप अपने करियर में आजीवन सीखने को अपनाएं। फीडबैक लें, विचार करें और सुधार करने का प्रयास करें।
कुलाधिपति अच्युतानंद मिश्र ने कहा कि उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने यहां जो शिक्षा प्राप्त की है, उसने आपको न केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए, बल्कि समाज में सार्थक योगदान देने के लिए भी तैयार किया है। विश्वविद्यालय नैक से प्रतिष्ठित ए प्लस मान्यता प्राप्त है, जल्द अंतरराष्ट्रीय मान्यताएं भी विश्वविद्यालय के पास होंगी। वीसी प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि जब आप यहां से बाहर निकलें तो विश्वविद्यालय की भावना को अपने साथ ले जाएंगे। नैतिकता, टीमवर्क, सामुदायिक सेवा और पर्यावरण चेतना के हमारे मूल्यों को बनाए रखें। हमारा आदर्श वाक्य कल का नेतृत्व करने के लिए आज सीखें आपका मार्गदर्शन करेगा।
2218 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
दीक्षांत समारोह में 2218 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। जिनमें 11 को स्वर्ण पदक, 12 को रजत पदक प्रदान किए गए। 37 पीएचडी के विद्यार्थियों को भी उपाधि प्रदान की गई। प्रति कुलपति प्रो. सिद्दी विरेशम, प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दिकी, डा. किशनपाल, प्रो. राजीव शर्मा, प्रो. रविकांत ने उपाधि धारकों को प्रस्तुत किया। सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह का आयोजन कुलसचिव बिग्रेडियर समरवीर सिंह के नेतृत्व में और संचालन डा. स्वाति अग्रवाल ने किया। इस दौरान एमएलसी ऋषि पाल सिंह, प्रो. अब्दुला बुखारी, सौरभ बजाज, अतुल कुमार गुप्ता, विकास चड्ढा, दिलीप जैन, प्रो. दिनेश कुमार शर्मा, मनोज गुप्ता, गोपाल राजपूत सहित सभी विभागों के डीन, विभागाध्यक्ष व छात्र-छात्राएं आदि मौजूद रहे।
इनको मिल स्वर्ण पदक
अरीबा, विजेता सिंह, रणबहादुर सिंह, प्रगति वार्ष्णेय, तनु बंसल, जतिन खुराना,अनुकृति अग्निहोत्री, नीनू चैधरी, अंकिता भारद्वाज, शिवानी पाठक, नेहा गौतम
इनको मिले रजत पदक
निधि सेंगर, काव्या जैन, अर्पणा, रविन्द्र कुमार शर्मा, दुर्गेश शर्मा, मयंक अग्रवाल, मोहम्मद रहीम खान, निधि सारस्वत, गरिमा पाराशर, सचिन गुप्ता, अदिति जैन, अरकान हैदर
प्रतिभा के बोल
आज मेरे जीवन का यह एक यादगार लम्हा है। गोल्ड मेडल मिलना बहुत सम्मान व हर्ष की बात है। मंविवि के प्राध्यापकों का मार्गदर्शन और सहयोग मिला।-अनुकृति अग्निहोत्री
गोल्ड मेडल पाकर बहुत खुश हूं। शैक्षणिक दृष्टि से हमारा मंगलायतन विश्वविद्यालय बहुत अच्छा है। मन लगाकर मेहनत की जाए तो कोई भी मुकाम पाया जा सकता है।-अरीबा
मुझे गोल्ड मेडल मिला है और में खुश हूं। अपने साथियों को संदेश देना चाहूंगा कि वह मेहनत करें तो उन्हें मेडल मिलेगा।-रणबहादुर सिंह
विश्वविद्यालय से मेडल मिलना गौरव की बात है। यह एक यादगार पल है। इसका श्रेय मेरे प्राध्यापकों व माता-पिता को जाता है।-शिवानी पाठक