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Aligarh: दीपावली पर घी-रिफाइंड की खपत 2.50 लाख किलो पार, पिछले साल के मुकाबले 6 फीसदी की हुई वृद्धि

Wed, 15 Oct 2025 11:46 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Wed, 15 Oct 2025 11:46 PM IST
सार

कारोबार के जानकारों का कहना है कि खपत में यह उल्लेखनीय वृद्धि बाजार में जीएसटी दरों के घटने और त्योहारों के प्रति लोगों में बढ़े उल्लास का परिणाम है। इस बार लोगों ने पर्व को धूमधाम से मनाने की पूरी तैयारी कर ली है, जिसका सीधा असर खरीददारी पर दिख रहा है।

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Consumption of refined ghee on Diwali
किराना व्यापारी - फोटो : संवाद

विस्तार

दीपावली के त्योहार पर अलीगढ़ में इस बार घी और रिफाइंड की रिकॉर्ड खपत रहेगी। अलीगढ़ खाद्यान्न व्यापार मंडल (महावीर गंज के थोक व्यापारियों) से मिले आंकड़ों के अनुसार, दीपावली के महीने में अलीगढ़ वाले 2.50 लाख किलो घी और रिफाइंड की खपत कर जाएंगे। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 6 फीसदी अधिक है, जो बाजार में आई जबरदस्त उत्साह को दर्शाता है।

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कारोबार के जानकारों का कहना है कि खपत में यह उल्लेखनीय वृद्धि बाजार में जीएसटी दरों के घटने और त्योहारों के प्रति लोगों में बढ़े उल्लास का परिणाम है। इस बार लोगों ने पर्व को धूमधाम से मनाने की पूरी तैयारी कर ली है, जिसका सीधा असर खरीददारी पर दिख रहा है।

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6 फीसदी की यह वृद्धि मुख्यत मिठाई, पकवान, होटल-रेस्टोरेंट और घरेलू उपयोग के लिए खरीदे गए तेल, रिफाइंड, और देसी घी की मांग में उछाल के कारण हुई है। यह बढ़ी हुई खपत अलीगढ़ के किराना बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। - हर्ष, गुप्ता, महावीर गंज मंडी, थोक घी व्यापारी 

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बात केवल घी, रिफाइंड तक सीमित नहीं। इसकी बढ़ी खपत संकेत है कि बाजार में अन्य खाद्य सामग्री की भी खपत बढ़ी है क्योंकि कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल होगा तो खाद्य पादार्थों, मिठाई, पकवान बनाने में। - यश वर्धन, थोक, घी, रिफाइंड कारोबारी

अरहर दाल सहित घी और रिफाइंड की कीममें भी बढ़ीं

त्योहारी सीज़न शुरू होने से ठीक पहले अरहर दाल, देसी घी और रिफाइंड तेल के दामों में एक बार फिर इजाफा हुआ है। बाजार में आवश्यक खाद्य सामग्रियों की कीमतों में इस अचानक वृद्धि ने आम उपभोक्ताओं को झटका दिया है, जिसे 'महंगाई का पटाखा' कहा जा रहा है। हालांकि, कारोबार के जानकार और व्यापारी वर्ग का मानना है कि कीमतों में इस बढ़ोतरी का खरीदारों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि इस बार जीएसटी दरों में कमी और बाजार में आए उत्साह के माहौल को देखते हुए लोगों ने त्योहार को उल्लास के साथ मनाने का पूरा मन बना लिया है।

वस्तु, कीमत पहले- कीमत अब (रुपये प्रति किलो)

  • घी (स्वास्तिक)- 680- 740
  • दाल अरहर- 95-100
  • रिफाइंड- 125-128


मिठाई, पकवान और दावतों के लिए घी-तेल जैसी सामग्रियों की मांग ऊंची बनी हुई है। - आकाश नलवानी, किराना व्यापारी
लोगों के उत्साह के आगे महंगाई का यह हल्का झटका कुछ नहीं है। खरीददारी में कोई कमी नहीं। - विशाल भगत, महामंत्री, खाद्यान्न व्यापार मंडल

कीमत वही लेकिन वजन कम कर दिया
थोक कारोबारी हर्ष गुप्ता कहते हैं कि कुछ कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखते हुए पैकेट का वजन कम कर दिया है। रिफाइंड तेल के पैकेटों में 50 से 100 ग्राम तक की कटौती की गई है, जबकि ग्राहकों से पुरानी कीमत ही ली जा रही है। ग्राहकों को पहली नज़र में लगा कि दाम नहीं बढ़े, लेकिन उन्हें यह महसूस हुआ कि वह अदा की जा रही कीमत में पहले से कम माल खरीद रहे हैं। कंपनियों की ओर से लागत वृद्धि को समायोजित करने का एक तरीका है, जिसका सीधा बोझ ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।-हर्ष गुप्ता, कारोबारी

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