जिलथाना पुलिस ने बुधवार को कांग्रेस जिला अध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इससे गुस्साए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया। कोतवाल प्रमोद मलिक ने कहा कि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष को हिरासत में नहीं लिया गया था। तिरंगा पदयात्रा की जानकारी लेने के लिए उन्हें थाने बुलाया गया था। थोड़ी देर बाद उन्हें वापस भेज दिया था।
बुधवार को कस्बा के खैर अड्डे से कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह जादौन कार्यकर्ताओं के साथ तिरंगा पदयात्रा निकालने की तैयारी कर रहे थे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि तिरंगा पदयात्रा की जानकारी कोतवाल प्रमोद मलिक को हुई तो उन्होंने जिलाध्यक्ष संतोष सिंह जादौन के साथ कार्यकर्ता सागर सिंह तोमर, सुशील गुप्ता, डूंगर सिंह, रेखा शर्मा, राजकुमार व सतीश कुमार को हिरासत में लिया। इस बात की जानकारी होने पर अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रतिमा सिंह पूर्व जिलाध्यक्ष गिरवर शर्मा, बीरी सिंह बंजारा, अनीता करोतिया व अन्य कार्यकर्ताओं के साथ थाने का घेराव करने पहुंच गई। उसके बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए कांग्रेसियों को छोड़ दिया। जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि पुलिस ने तिरंगा पदयात्रा की अनुमति का बहाना लेकर उन्हें और उनके साथियों को हिरासत में लिया था। जबकि भाजपा की तिरंगा यात्रा को निकलवाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही है। कोतवाल प्रमोद मलिक ने कहा कि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष को हिरासत में नहीं लिया था। पदयात्रा की अनुमति के बारे में जानकारी करने के लिए थाने बुलाया गया था। उसके बाद उन्हें वापस भेज दिया था। थाने का घेराव करने वालों में ठाकुर अमित सिंह, रूपेश पाठक, अजय शर्मा, आकाश मसीह, रामगोपाल व विक्की चौहान आदि कांग्रेसी थे।