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कमिश्नर ने देखी अंडला में डिफेंस कॉरिडोर की जमीन
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अंडला डिफ्रेंस कॉरिडोर की जमीन का निरीक्षण करते मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी और एसडीएम खैर अंजनी
- फोटो : CITY OFFICE
गांव अंडला में बनने जा रहे डिफेंस कॉॅरिडोर का काम शुरू हो गया है। 53 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत हो चुकी है। 40 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। इस मामले में सोमवार को कमिश्नर जीएस प्रियदर्शी ने कॉरिडोर की साइट का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने एसडीएम खैर के साथ भूमि अधिग्रहण एवं उसके रेट को लेकर चर्चा की। प्रधान एवं अन्य गणमान्य लोगों से भी बातचीत कर निर्माण कार्य पर विचार विमर्श किया।
गांव अंडला एवं उससे जुड़े गांव करसुआ एवं हैबतपुर की 93 हेक्टेयर भूमि डिफेंस कॉरिडोर निर्माण के लिये चिन्हित कर ली गई है। इसमें से 53 हेक्टेयर भूमि का बैनामा भी हो चुका है। निर्माण कार्य के लिये पेड़ों का कटान एवं समतलीकरण का काम चल रहा है। शेष 40 हेक्टेयर भूमि का अभी अधिग्रहण होना है। इस भूमि के स्थलीय निरीक्षण के लिये कमिश्नर जीएस प्रियदर्शी ने दौरा किया।
एसडीएम खैर अंजनी कुमार ने बताया कि कमिश्नर ने पूर्व में अधिग्रहीत की गई भूमि के सर्किल रेट और मुआवजे की जानकारी मांगी। बताया गया कि पूर्व में अधिग्रहीत भूमि में फ्रंट की भूमि के रेट 1.15 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर तो अंदर की भूमि के रेट 43 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर आंकते हुए किसानों को मुआवजा बांटा गया था। कमिश्नर ने एक घंटे तक अधिग्रहीत होने वाली भूमि देखी और प्रधान समेत अन्य गणमान्य लोगों से बातचीत की।
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अंडला जंगल उजाड़ने पर हताशा
पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति के प्रबंधक रंजन राना ने सोमवार को अंडला जंगल उजाड़ने की ख़बर मिलते ही घटना स्थल का दौरा किया और उजड़ चुके हरित क्षेत्र को देखा। उन्होंने डिफेंस कॉरिडोर के लिये काटे जा रहे पेड़ों को देखकर घोर निराशा जताई। उन्होंने जंगल की फोटोग्राफी की। इसके बाद मौके पर मौजूद लेबर व ठेकेदार से बात की। उन्होंने बताया कि जंगल काटे जाने के मामले में सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी के सचिव को मेल द्वारा अवगत करा दिया गया है और अग्रिम कार्यवाही की मांग की है।
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गांव अंडला एवं उससे जुड़े गांव करसुआ एवं हैबतपुर की 93 हेक्टेयर भूमि डिफेंस कॉरिडोर निर्माण के लिये चिन्हित कर ली गई है। इसमें से 53 हेक्टेयर भूमि का बैनामा भी हो चुका है। निर्माण कार्य के लिये पेड़ों का कटान एवं समतलीकरण का काम चल रहा है। शेष 40 हेक्टेयर भूमि का अभी अधिग्रहण होना है। इस भूमि के स्थलीय निरीक्षण के लिये कमिश्नर जीएस प्रियदर्शी ने दौरा किया।
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एसडीएम खैर अंजनी कुमार ने बताया कि कमिश्नर ने पूर्व में अधिग्रहीत की गई भूमि के सर्किल रेट और मुआवजे की जानकारी मांगी। बताया गया कि पूर्व में अधिग्रहीत भूमि में फ्रंट की भूमि के रेट 1.15 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर तो अंदर की भूमि के रेट 43 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर आंकते हुए किसानों को मुआवजा बांटा गया था। कमिश्नर ने एक घंटे तक अधिग्रहीत होने वाली भूमि देखी और प्रधान समेत अन्य गणमान्य लोगों से बातचीत की।
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अंडला जंगल उजाड़ने पर हताशा
पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति के प्रबंधक रंजन राना ने सोमवार को अंडला जंगल उजाड़ने की ख़बर मिलते ही घटना स्थल का दौरा किया और उजड़ चुके हरित क्षेत्र को देखा। उन्होंने डिफेंस कॉरिडोर के लिये काटे जा रहे पेड़ों को देखकर घोर निराशा जताई। उन्होंने जंगल की फोटोग्राफी की। इसके बाद मौके पर मौजूद लेबर व ठेकेदार से बात की। उन्होंने बताया कि जंगल काटे जाने के मामले में सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी के सचिव को मेल द्वारा अवगत करा दिया गया है और अग्रिम कार्यवाही की मांग की है।