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15 फरवरी तक ऐसे ही कंपकंपी छुड़ाएगी गलन भरी ठंड

Tue, 31 Dec 2019 02:03 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2019 02:03 AM IST
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cold wave will countinue till 15th february
वर्ष 1901, 1921 और 1997 के बाद चौथी सबसे खतरनाक सर्दी
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बादलों की ओट से सूरज की रोशनी पृथ्वी तक नहीं पहुंचना इसका कारण
एएमयू के भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रो. अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया है कि वर्ष 1901, 1921 और 1997 के बाद ये चौथा मौका है, जब इतनी सर्दी हुई है। 1997 के 22 वर्ष बाद पड़ रही ये कंपकंपा देने वाली सर्दी अभी 15 फरवरी तक रहने का अनुमान है। अगर इस बीच बारिश हुई तो थोड़ी राहत मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि पराली जलाने, फॉग, प्रदूषण की वजह से पृथ्वी की ऊपरी सतह पर हाइग्रोस्कोपिक न्यूक्लिाई का गोला बन गया है। जिसने नमी को पृथ्वी की निचली सतह पर रोक दिया है। इसी की वजह से जो बादल 800 से 900 मीटर की ऊंचाई पर बनते थे, वो 300-400 मीटर की ऊंचाई पर ठहर गए हैं। इन बादलों की वजह से सूरज की रोशनी व गर्मी पृथ्वी की सतह तक नहीं पहुंच रही है। इसी वजह से इतनी ठंड हो रही है। बीती 10 दिसंबर के बाद से ही ऐसा मौसम इसीलिए बना हुआ है। इसके अलावा प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग की वजह से पृथ्वी की सतह पर बहने वाली हवाओं ने रुख बदला है। इन हवाओं के कारण शीतलहर का प्रकोप बढ़ा है। अगर बारिश ठीक से नहीं हुई तो 15 फरवरी तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है।
एएमयू में इसरो की वैलून लैब बताएगी 35 किमी के मौसम का हाल
इंडियन स्पेस एंड रिसर्च सेंटर (इसरो) की मदद से एएमयू में जनवरी में एक बड़ा मौसम सेंटर संचालित होगा। ये सेंटर एक वैलून लैब (गैस के गुब्बारे में बनी एक आधुनिक प्रयोगशाला) में संचालित होगा। ये वैलून एएमयू परिसर के 35 किमी के दायरे में मौसम की जानकारी जुटाएगा। हवा में लटकते हुए ये तापमान, बारिश, बादल, कोहरा आदि की सूचनाएं संकलित कर एएमयू और इसरो को भी भेजेगा। एएमयू के भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रो. अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया है कि बीती 27 नवंबर को इसका ट्रायल हो चुका है। अब 15 जनवरी तक इस सिस्टम को लगाने की तैयारी हो रही है।
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अलीगढ़ में तापमान एक सामान नहीं
हाड़ कंपा देने वाली सर्दी झेल रहे अलीगढ़ में तापमान मापने के अलग-अलग सिस्टम अलग-अलग रिपोर्ट दे रहे हैं। एएमयू परिसर में ही लगे दो सिस्टम अलग-अलग तापमान बता रहे हैं। इससे वहां के शिक्षकों के बीच भी ये बहस का मुद्दा बना हुआ है। सोमवार को भौतिकी विभाग के सिस्टम में न्यूनतम 2.8 और अधिकतम 17.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ तो भूगोल विभाग में अधिकतम 10 और न्यूनतम 2 डिग्री दर्ज हुआ। भौतिकी विभाग का तापमान लखनऊ भी भेजा जाता है।
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1- एएमयू के भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रो. अतीक अहमद सिद्दीकी के अनुसार, यहां लगे सिस्टम के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 10 और न्यूनतम 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
2- एएमयू के भौतिकी विभाग के तकनीशियन ने बताया कि यहां विभाग में लगे सिस्टम के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 2.8 डिग्री सेल्सियस तक रहा।
3- कृषि विभाग क्वार्सी फार्म में मौसम विभाग ने तापमान मापने का पूरा सिस्टम लगाया है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि इसकी मानीटरिंग लखनऊ से हो रही है। स्थानीय डाटा कंपाइल नहीं होता है।
4- कृषि विज्ञान केंद्र छेरत के वैज्ञानिक वीके सारस्वत ने बताया कि वर्तमान में तापमान मापने का कोई सिस्टम नहीं हैं, किसानों को यहां से फसलों की एडवायजरी दी जाती है लेकिन तापमान नहीं बता सकते हैं।
5- कलक्ट्रेट के नजारत बाबू पीयूष साराभाई ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसा कोई सिस्टम नहीं है, जिसमें तापमान का पूरा लेखाजोखा रखा जा सके।
मौसम ठंडा, जनजीवन प्रभावित
गलन और ठिठुरन से राहत नहीं मिल रही है। सोमवार को सुबह से कोहरे ने आम जनजीवन प्रभावित किया। सुबह से ही सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। शहर के अंदर की सड़कों पर तो वाहन कुछ रफ्तार में चल भी सके। हाईवे पर घने कोहरे से दृश्यता कम होने से वाहनों को चलाने में खासी दिक्कत हुई। जिससे वाहनों के चालकों को खासी दिक्कत हुई। मौसम विभाग की वेबसाइट पर इंटरनेट के माध्यम से दी जा रही सूचनाओं के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में मौसम ऐसा ही रहेगा। गौर हो कि अलीगढ़ में जिला प्रशासन के माध्यम से तापमान मापने की कोई आधुनिक व्यवस्था नहीं होने से तापमान को लेकर कई बार भ्रम की स्थिति बन जाती है। अलीगढ़ में मौसम विभाग का कोई केंद्र नहीं है।

किसान भाई पाला पड़े तो पानी लगाएं
कृषि विज्ञान केंद्र छेरत के वैज्ञानिक वीके सारस्वत ने बताया कि अगर पाला पड़े तो किसानों को आलू, टमाटर और सब्जी सहित दलहनी फसलों में पानी लगा देना चाहिए। जिला उद्यान केंद्र के जिला उद्यान अधिकारी नंद किशोर सहानिया ने बताया कि जिले में अभी तक 27 हजार 500 हेक्टेयर आलू की फसल में कहीं भी पाला पड़ने की खबर नहीं मिली है। अगर पाला पड़ा तो आलू पूर्ण आकार में विकसित नहीं हो पाएगा। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने कहा है कि विभाग ने मौसम के अनुसार किसानों को राय देना शुरू कर दिया है। अभी हालात काबू में है। फसलों को नुकसान नहीं हुआ है।

ठंड से बचाव के लिए कुछ इस तरह अपने बच्चे को  राहत देती महिला यात्री।

ठंड से बचाव के लिए कुछ इस तरह अपने बच्चे को राहत देती महिला यात्री।- फोटो : CITY OFFICE

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