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सुनक की ताजपोशी से 75 साल बाद चर्चा में आई चर्चिल की भविष्यवाणी

Thu, 27 Oct 2022 01:03 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2022 01:03 AM IST
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Churchill's prediction came into the limelight after 75 years of Sunak's coronation
ऋषि सुनक इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बन गए हैं वह 28 अक्तूबर को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनकी ताजपोशी होने से पहले ही इंग्लैंड के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का एक वक्तव्य चर्चा में आ गया है। उन्होंने कहा था कि भारतीयों में हुकूमत करने की योग्यता नहीं है। 75 साल के बाद एक भारतवंशी ने इंग्लैंड का प्रधानमंत्री बनकर उनकी बात को गलत साबित कर दिया है।
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प्रख्यात इतिहासकार प्रोफेसर इरफान हबीब ने ऋषि सुनक के इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बनने पर कहा कि इसमें कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है। लोकतांत्रिक देश में कोई भी प्रधानमंत्री सकता है। सुनक अंग्रेज हैं, क्योंकि वह वहीं पैदा हुए हैं और पढ़ाई-लिखाई की है। उनके दादा जरूर अविभाजित भारत में पैदा हुए थे।
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एएमयू के इतिहास विभाग की प्रोफेसर चांदनी बी ने कहा कि विंस्टन चर्चिल ने देश की आजादी के दौरान भारत में नेतृत्व क्षमता कमी बताई थी। आज 75 साल के बाद भारतवंशी ऋषि सुनक इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बन गए हैं। इससे चर्चिल की बात गलत साबित हो गई। चर्चिल को भारत का इतिहास नहीं पता था। अगर होता था, तो ऐसी नहीं कहते।
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सम्राट अशोक, सम्राट अकबर, राजा राजेंद्र चोल ने अखंड भारत पर राज किया, जिसकी सीमाएं हजारों किलोमीटर तक फैली थीं। जो आज कई देश बन चुके हैं। सुनक के प्रधानमंत्री बनने से भारत की शान बढ़ी है। इसका फायदा भारत होगा। भारत-इंग्लैंड के बीच संबंध और प्रगाढ़ होंगे। अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी भारतवंशी हैं। युवाओं को इन्हें अपना रोल मॉडल बनाना चाहिए। भारतीयों के अंदर प्रतिभाएं हैं, तभी वह नेतृत्व कर रहे हैं।
सुनक के प्रधानमंत्री से इंग्लैंड में भारतीय समुदाय खुश
ऋषि सुनक के इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बनने से भारतीय खुश हैं। इंग्लैंड के एक पार्क में डॉ. राकेश सक्सेना ने अपने मित्र सुदर्शन पाराशर पंजाब, रामजी जाघव दमन-दीव, अशोक कुमार दिल्ली आदि के साथ सुनक के प्रधानमंत्री बनने को लेकर चर्चा की। डॉ. राकेश सक्सेना ने बताया कि भारतीयों में खुशी है। यहां पिछले एक महीने से अर्थव्यवस्था बहुत खराब हो रही है। बिजली, गैस आदि तमाम चीजों के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे मजदूर वर्ग के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भारत लौटना चाहते हैं। बुधवार को उनकी एक हेयर सैलून पर काम करने वाले गुजराती से बात हुई थी।
एएमयू के स्ट्रेटजिक एंड सिक्योरिटी स्टडीज के चेयरमैन प्रो. आफताब आलम ने बताया कि भारतवंशी ऋषि सुनक के इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बनने से कोई बहुत बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। ब्रिटिश और अमेरिकन सोसाइटी बहुत उदार और अत्याधुनिक हैं। वह छोटी-छोटी चीजों पर तवज्जो नहीं देते हैं कि कौन कहां का रहने वाला है।
उन्हें लगता है कि जो उनके देश की तरक्की में योगदान दे सकता है, उसे चुनते हैं। सुनक एक अच्छे अर्थशास्त्री हैं। कोरोना काल में बतौर वित्त मंत्री सुनक ने अर्थव्यवस्था को संभाल कर रखा। इससे वहां उनकी एक अच्छी साख है। कंजर्वेटिव पार्टी ने सुनक पर भरोसा जताया है।

इंग्लैंड में जो आर्थिक संकट है, उससे उबारने में वह कामयाब हो जाएंगे, जहां तक भारत से संबंध का मामला है, कभी ब्रिटेन का संबंध भारत से खराब नहीं रहा है। ब्रिटिश सिस्टम, पालियामेंट्री सिस्टम हमने वहीं से लिया है। कॉमनवेल्थ के सदस्य भी रहे हैं। किसी भी देश की विदेश नीति होती है, वह प्रधानमंत्री या हुकूमत के बदल जाने से इतनी जल्दी बदलती नहीं है। विदेश नीति जिसमें राष्ट्रहित होगा, उसके हिसाब से ब्रिटेन या अन्य देश तय करता है।
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