{"_id":"63e5445705d55805980e1fc4","slug":"childrens-icu-will-start-soon-in-the-district-hospital-aligarh-news-c-2-ali1009-40910-2023-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: जिला अस्पताल में जल्द शुरू होगा बच्चों का पीकू वार्ड, होंगे 12 आईसीयू और 30 जनरल बेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: जिला अस्पताल में जल्द शुरू होगा बच्चों का पीकू वार्ड, होंगे 12 आईसीयू और 30 जनरल बेड
Fri, 10 Feb 2023 12:37 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Feb 2023 12:37 AM IST
सार
ठाॅ. मलखान सिंह जिला अस्पताल में बहुत जल्द बच्चों का आईसीयू शुरू होने जा रहा है। इसके लिए 42 बेड का पीकू वार्ड बनकर तैयार हो गया है। जिसमें 12 आईसीयू और 30 जनरल बेड शामिल हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में बना वार्ड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ठाॅ. मलखान सिंह जिला अस्पताल के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। अगर संसाधन और स्टाफ समय से मिल गए, तो यहां बहुत जल्द बच्चों का आईसीयू शुरू होने जा रहा है। इसके लिए 42 बेड का पीकू वार्ड बनकर तैयार हो गया है। जिसमें 12 आईसीयू और 30 जनरल बेड शामिल हैं। निर्माण एजेंसी ने वार्ड तैयार कर दिया है और जिला अस्पताल के सीएमएस को हस्तांतरण पत्र भेज दिया है। जिस पर सीएमएस जल्द ही मौका मुआयना कर हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करेंगी।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण काल के दौरान जिला अस्पताल में बच्चों का आईसीयू युक्त पीकू वार्ड बनाने की मंजूरी मिली थी। जिसके लिए लगभग 1.13 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ था। पिछले वर्ष इस वार्ड का निर्माण अस्पताल परिसर में शुरू कराया गया। यह निर्माण पूरा हो गया है और सभी अन्य जरूरत के काम भी पूरे हो गए हैं।
विज्ञापन
सीएमएस डा.ईश्वर देवी बत्रा ने बताया कि निर्माण एजेंसी ने हस्तांतरण की सूचना दी है। पहले वह उसका तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मुआयना करेंगी। अगर कहीं किसी तरह की कमी पाई जाएगी तो उसे दूर कराया जाएगा। इसके बाद उसे हस्तांतरित किया जाएगा। इसके साथ ही शासन स्तर पर पहले से इसके लिए स्टाफ व अन्य जरूरी संसाधन देने पर सहमति बन चुकी है।
विज्ञापन
जैसे ही हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होगी तो इसके लिए स्टाफ व संसाधन मांग लिए जाएंगे और जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा, ताकि आम लोगों को अस्पताल में बच्चों के गंभीर उपचार की सुविधा मिल सके।