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रेलवे स्टेशन से एक और मासूम का अपहरण, शातिर युवक -युवती दबोचे, बच्चा बरामद
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म सात से मंगलवार को अपहरण हुई एक साल की मासूम लक्ष्मी का पता नहीं लगा कि बुधवार की रात को प्लेटफार्म सात से ही एक और मासूम बच्चे का अपहरण हो गया। हालांकि इस मामले में गनीमत रही कि मासूम की मां के भतीजे ने शोर मचा दिया। इस पर जीआरपी के सिपाही अपहरणकर्ता युवक-युवती के पीछे दौड़ पड़े। उन्होंने युवती-युवक को प्लेटफार्म पर ही दबोच लिया। अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। इनसे अपह्त लक्ष्मी के संबंध में भी जानकारी जुटाने की कोशिश की गई। मगर, सफलता हाथ नहीं लगी।
वाकया बुधवार की रात 3:30 बजे का है। ज्योति पत्नी सुनील निवासी चंपा नहर, इटावा अपने तीन बच्चों चिराग(7), पलक(6) व आयुष(1)) पति और जेठ के लड़के पंकज के साथ राजस्थान के गंगानगर जिले स्थित तीर्थ स्थल गई थी। वहां से बुधवार की रात को दिल्ली होते हुए अलीगढ़ स्टेशन पहुंची। यहां से रात के समय इटावा के लिए ट्रेन न होने के चलते सभी लोग स्टेशन के प्लेटफार्म सात पर ठहर गए। महिला का एक साल का बेटा आयुष रात को भूख से रोने लगा तो महिला ने नींद में ही उसे आंचल से लगा लिया। जबकि पति और अन्य दो बच्चे पास ही सोते रहे।
इधर, उसका जेठ का बेटा पंकज कहीं घूमने चला गया। महिला आयुष को दूध पिलाते-पिलाते सो गई। इसी दौरान शातिर युवक और युवती आए और बच्चे को उठाकर ले जाने लगे। इन्हें पंकज ने दूर से देख लिया। उसने शोर मचा दिया। इस पर स्टेशन पर सादा वर्दी में ड्यूटी पर तैनात सिपाही हनीफ और जितेंद्र ने दौड़ लगा दी। स्टेशन पर ही थोड़ी दूरी पर उन्हें दबोच लिया।
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स्टेशन पर भीख मांगने और खानपान सामग्री बेचते थे शातिर
इंस्पेक्टर यशपाल सिंह के अनुसार पकड़े गई शातिर महिला की शिनाख्त अफसाना पत्नी आबिद निवासी कुंवरपुर, पहासू, बुलंदशहर और युवक की शिनाख्त रंजीत पुत्र चंद्रपाल निवासी होली चौक, क्वार्सी के तौर पर हुई हुई है। महिला ने अपने पति को छोड़ दिया है। शादी से पहले यह घर से भाग आई थी। बस स्टैंड और स्टेशन के आसपास ही घूमती थी। परिजन चार साल पहले साथ ले गए। इलाके के ही युवक से शादी करा दी। शादी के बाद एक बच्चा भी हुआ। इसके बाद फिर पति और बच्चे को छोड़कर चली आई।
इधर, शातिर युवक पहले फर्जी किन्नर बन भीख मांगने का काम करता था। एक बार आरपीएफ ने जेल भी भेजा था। इसके बाद फिर से भीख मांगने लगा। इसके साथ अफसाना भी शामिल हो गई। हाल में अफसाना भीख मांगने और रंजीत खानपान सामग्री बेचने का काम कर रहा था। इंस्पेक्टर के अनुसार दोनों को जेल भेज दिया गया है। इनके बारे में अन्य जानकारी हासिल करने को एक टीम लगी है। आशंका है कि इनके गिरोह में कुछ और लोग भी हो सकते हैं। पूछताछ के लिए कुछ लोगों को उठाया भी गया था। जल्द ही गिरोह का भी पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
बच्चे को बेच दोनों कमाना चाहते थे पैसा
पूछताछ में शातिर अफसाना और रंजीत पहले तो कुछ भी बोलने को तैयार न हुए। इसके बाद कड़ाई से पूछताछ हुई तो इन्होंने अपना मुंह खोल दिया। महिला ने बताया कि दोनों ने बच्चे की मां को सोता देख उसे अगवा करने का प्लान बनाया था। बच्चा बिकने पर आधे-आधे पैसे करने की योजना थी। इंस्पेक्टर का मानना है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हैं, जिन तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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वाकया बुधवार की रात 3:30 बजे का है। ज्योति पत्नी सुनील निवासी चंपा नहर, इटावा अपने तीन बच्चों चिराग(7), पलक(6) व आयुष(1)) पति और जेठ के लड़के पंकज के साथ राजस्थान के गंगानगर जिले स्थित तीर्थ स्थल गई थी। वहां से बुधवार की रात को दिल्ली होते हुए अलीगढ़ स्टेशन पहुंची। यहां से रात के समय इटावा के लिए ट्रेन न होने के चलते सभी लोग स्टेशन के प्लेटफार्म सात पर ठहर गए। महिला का एक साल का बेटा आयुष रात को भूख से रोने लगा तो महिला ने नींद में ही उसे आंचल से लगा लिया। जबकि पति और अन्य दो बच्चे पास ही सोते रहे।
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इधर, उसका जेठ का बेटा पंकज कहीं घूमने चला गया। महिला आयुष को दूध पिलाते-पिलाते सो गई। इसी दौरान शातिर युवक और युवती आए और बच्चे को उठाकर ले जाने लगे। इन्हें पंकज ने दूर से देख लिया। उसने शोर मचा दिया। इस पर स्टेशन पर सादा वर्दी में ड्यूटी पर तैनात सिपाही हनीफ और जितेंद्र ने दौड़ लगा दी। स्टेशन पर ही थोड़ी दूरी पर उन्हें दबोच लिया।
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स्टेशन पर भीख मांगने और खानपान सामग्री बेचते थे शातिर
इंस्पेक्टर यशपाल सिंह के अनुसार पकड़े गई शातिर महिला की शिनाख्त अफसाना पत्नी आबिद निवासी कुंवरपुर, पहासू, बुलंदशहर और युवक की शिनाख्त रंजीत पुत्र चंद्रपाल निवासी होली चौक, क्वार्सी के तौर पर हुई हुई है। महिला ने अपने पति को छोड़ दिया है। शादी से पहले यह घर से भाग आई थी। बस स्टैंड और स्टेशन के आसपास ही घूमती थी। परिजन चार साल पहले साथ ले गए। इलाके के ही युवक से शादी करा दी। शादी के बाद एक बच्चा भी हुआ। इसके बाद फिर पति और बच्चे को छोड़कर चली आई।
इधर, शातिर युवक पहले फर्जी किन्नर बन भीख मांगने का काम करता था। एक बार आरपीएफ ने जेल भी भेजा था। इसके बाद फिर से भीख मांगने लगा। इसके साथ अफसाना भी शामिल हो गई। हाल में अफसाना भीख मांगने और रंजीत खानपान सामग्री बेचने का काम कर रहा था। इंस्पेक्टर के अनुसार दोनों को जेल भेज दिया गया है। इनके बारे में अन्य जानकारी हासिल करने को एक टीम लगी है। आशंका है कि इनके गिरोह में कुछ और लोग भी हो सकते हैं। पूछताछ के लिए कुछ लोगों को उठाया भी गया था। जल्द ही गिरोह का भी पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
बच्चे को बेच दोनों कमाना चाहते थे पैसा
पूछताछ में शातिर अफसाना और रंजीत पहले तो कुछ भी बोलने को तैयार न हुए। इसके बाद कड़ाई से पूछताछ हुई तो इन्होंने अपना मुंह खोल दिया। महिला ने बताया कि दोनों ने बच्चे की मां को सोता देख उसे अगवा करने का प्लान बनाया था। बच्चा बिकने पर आधे-आधे पैसे करने की योजना थी। इंस्पेक्टर का मानना है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हैं, जिन तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।