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अलीगढ़ः घबराए मां-बाप बच्चा मिलने के बाद जंजीर से बांधकर रख रहे
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पिता सुरेश की गोद में बैठा बच्चा, साथ में मां कांता बाई।
- फोटो : CITY OFFICE
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बच्चा चोरी करने वाले गिरोह के पकड़ में आने के बाद जो बच्चे बरामद हुए हैं, उन्हें उनके माता-पिता को सौंप दिया गया है। कहीं पर खुशी के आंसू नहीं थम रहे तो कहीं पर विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनके कलेजे का टुकड़ा मिल गया है। हालांकि, परिजनों को अपने बच्चों की इतनी चिंता है कि वह उन्हें जंजीर से बांधकर रख रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने ऐसे ही परिवारों से बातचीत की। इस बातचीत में मासूम बच्चों के परिवार के जज्बात छलक आए।
शिवानी मिली लेकिन उसकी खोज में खर्च हो गया डेढ़ लाख, अटकी उसकी बुआ की शादी...
अलीगढ़। बरामद होने के बाद जब बच्ची शिवानी अपने परिजनों से मिली तो उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। शिवानी के पिता राजू और दादी राजकुमारी ने कहा कि उन्हें आर्थिक समस्या ने घेर लिया है। हम गरीब परिवार के लोग यहां लोहा पीटने का काम करते हैं। 22 जून की रात बच्ची चोरी हुई थी। उसकी खोज में राजू की बहन की शादी के लिए जमा करके रखे डेढ़ लाख रुपए खर्च कर दिए। कभी आगरा, कभी मथुरा तो कभी कहीं, जो जहां जैसे बता देता था, वहां भागदौड़ की। एक दिन भी चैन की नींद नहीं सोए। अब पुलिस की मदद से हमारी बच्ची लौट आई है मगर समस्या राजू की बहन की शादी के लिए खड़ी हो गई है। अब हमारे पास एक रुपया भी नहीं बचा है। सवाल आने वाले समय में शादी का है। तारीख तय है मगर रुपया न होने के कारण शादी टालने की तैयारी है। यह सब बताते हुए राजू की मां फफक कर रो पड़ीं। बोलीं, ऊपर वाले ने जिस तरह हमारी शिवानी को लौटाया, वैसे ही वह शादी का कोई इंतजाम करेगा।
दादी को आशंका, शिवानी को एक महीने के दौरान नशा दिया गया हो
शिवानी के परिवार ने बताया कि उन्हें अभी भी बच्चों की सुरक्षा का डर बना हुआ है। परिवार में तमाम बच्चे हैं, सुरक्षा के चलते हम बच्चों को अभी भी जंजीर से बांधकर रख रहे हैं। दोपहर के समय जब अमर उजाला की टीम शिवानी के परिवार में पहुंचीं तो सभी बच्चे खेल रहे थे लेकिन शिवानी अपनी दादी की गोद में सोई हुई थी। दादी ने बताया कि जब से शिवानी लौटी है, वह सिर्फ खाने पीने के लिए जग रही है या लघुशंका के लिए। आशंका जताई कि गायब होने के बाद बच्ची को एक महीने तक किसी तरह का नशा दिया जाता रहा हो। फिलहाल परिवार में बच्ची के वापस लौटने पर हंसी खुशी है। इस दौरान राजू के पिता के भी आंसू छलक आए।
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बरामद होने के बाद रोहन को गांव भेज रही मां
धनीपुर मंडी के बाहर से चोरी हुए रोहन के पिता निक्कू और मां काजल भी बच्चे के वापस लौटने पर बेहद खुश हैं। बच्चा 21 तारीख को तड़के चोरी किया गया था। उस समय बच्चा अपनी मां के पास सोया हुआ था। अब इन्होंने मन बनाया है कि रोहन व सभी परिवारों के अन्य बच्चों को अपने पैतृक गांव भेज देंगे। इनका मानना है कि यहां क्योंकि हमारे पास न तो कोई सुरक्षा का इंतजाम है और न अपना घर है। झोपड़ी में रहते हैं। यह परिवार दवा बेचने का काम करता है। ऐसे में आगे भी किसी भी तरह की कोई अनहोनी या बच्चे चोरी की घटना हो सकती है। रोहन परिवार के अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था और परिवार में खुशी की लहर है।
सनी को खुद से अलग नहीं होने दे रहीं कांताबाई
धनीपुर के पास रेंज हिल्स स्कूल के बाहर झोपड़ी डालकर लोहा पीटने का काम करने वाले सुरेश और कांताबाई के दो बच्चों में बड़ी बेटी चांदनी और छोटा सनी है। यह बच्चा भी 22 जून की रात को चोरी हुआ था। इसे खोजने के लिए परिवार तमाम जगह भटका। पुलिस के पास भी गया था। मगर कई दिन तक बच्चा न मिलने के बाद परिवार थक कर बैठ गया था। रविवार को जब पुलिस को खबर मिली कि आपका बच्चा मिल गया है तो इनकी खुशी का ठिकाना न था। क्योंकि सनी इकलौता बेटा है। बच्चा मिलने के बाद से कांताबाई बेहद खुश हैं और वह बच्चे को अपने से अलग नहीं होने दे रही हैं। परिवार बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। प्रयास किया जा रहा है बच्चों को किसी तरह अब सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।
मुरादाबाद पुलिस ने किया अलीगढ़ से संपर्क
अलीगढ़। बच्चा चोरी की घटना का खुलासा होने के बाद मुरादाबाद पुलिस ने भी अलीगढ़ की पुलिस से संपर्क किया है। मुरादाबाद जनपद से भी करीब आधा दर्जन बच्चे चोरी हुए हैं। पिछले कुछ माह में यहां से बच्चे चोरी किए गए हैं। यह बच्चे भी घुमंतू जाति के सड़क पर रहने वाले परिवारों के हैं और सभी बच्चों की उम्र 9 माह से लेकर 2 साल तक है। हालांकि अभी तक के खुलासे के अनुसार, मुरादाबाद से बच्चा चोरी करने की बात सामने नहीं आई हे। गिरोह ने सिर्फ 6 बच्चे चोरी करना स्वीकारा है। तीन अलीगढ़ से और तीन गाजियाबाद से चोरी किए थे। पुलिस का मानना है कि कहीं इस गैंग ने पूर्व में ये बच्चे चुरा कर बेच न दिए हों? इसको लेकर जेल भेजे गए आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ होगी। साथ में मुरादाबाद पुलिस भी जेल गए आरोपियों से बयान दर्ज कर सकती है और जो आरोपी अभी फरार हैं, उनसे भी गिरफ्तारी पर जानकारी मिल सकती है।
टेंपो बेचकर खरीदा था बच्चा, अब पति जेल गए... बच्चा भी गया: मनीषा
अलीगढ़। बच्चा खरीदने वाली महिला मनीषा पत्नी आकाश निवासी बाबा कॉलोनी धनीपुर का कहना है कि मेरे दो बेटे पहले हुए थे, जो किसी कारण अब इस दुनिया में नहीं हैं। बाद में 4 बेटियां हुईं। बेटियों की जिद के आगे मैं झुक गई और पिछले पांच साल से बेटा गोद लेने के लिए प्रयासरत थी। इसी बीच मोहल्ले में रहने वाली बच्चा चोर गिरोह की सरगना बबली से मुलाकात हुई। मैं यह नहीं जानती थी कि बबली चोरी करके बच्चे बेचती है। उसने बताया था कि अनाथालय में उसके अच्छे संपर्क हैं और वह बच्चा दिलवा देगी। इस बीच वह एक बच्चे को बंगाल की महिला को दिलवा चुकी थी। शुरुआत में बबली ने पांच लाख रुपये मांगे। बाद में वह 50 हजार पर आ गई।
दो माह पहले उसने धनीपुर से चोरी किया बच्चा अपने घर पर बुला कर दिखाया। बच्चा बेहद बीमार और कमजोर था। मैंने उसे 45 हजार रुपये में बबलू से गोद लिया। बबली ने उसे अपना बेटा बताया था। मैंने उसका इलाज कराया। कुआं पूजन से लेकर नामकरण संस्कार तक कराया। मायके वालों ने छोचक भी दिया। हमने बच्चे का नाम कार्तिक रखा। वह हमारी बेटियों के बीच घुल मिल गया था। पिछले दिनों पता चला कि यह बच्चा चोरी का है तो बबली से कहासुनी की। चूंकि मैंने अपना टेंपो बेचकर बच्चा खरीदा था तो बबली से बच्चा वापस कर रुपये मांगे थे। मगर मगर बबली ने रुपये खर्च हो जाने की बात कह कर यह कहा था कि अब बाद में रुपये दे देगी। मगर इसी बीच पुलिस ने कार्रवाई कर दी। मेरे साथ तो यह डकैती जैसी घटना है। रुपया गया, बच्चा गया और पति जेल चले गए। मेरी बेटियां रो रही हैं। समाज में बेइज्जती झेलनी पड़ रही है।
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शिवानी मिली लेकिन उसकी खोज में खर्च हो गया डेढ़ लाख, अटकी उसकी बुआ की शादी...
अलीगढ़। बरामद होने के बाद जब बच्ची शिवानी अपने परिजनों से मिली तो उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। शिवानी के पिता राजू और दादी राजकुमारी ने कहा कि उन्हें आर्थिक समस्या ने घेर लिया है। हम गरीब परिवार के लोग यहां लोहा पीटने का काम करते हैं। 22 जून की रात बच्ची चोरी हुई थी। उसकी खोज में राजू की बहन की शादी के लिए जमा करके रखे डेढ़ लाख रुपए खर्च कर दिए। कभी आगरा, कभी मथुरा तो कभी कहीं, जो जहां जैसे बता देता था, वहां भागदौड़ की। एक दिन भी चैन की नींद नहीं सोए। अब पुलिस की मदद से हमारी बच्ची लौट आई है मगर समस्या राजू की बहन की शादी के लिए खड़ी हो गई है। अब हमारे पास एक रुपया भी नहीं बचा है। सवाल आने वाले समय में शादी का है। तारीख तय है मगर रुपया न होने के कारण शादी टालने की तैयारी है। यह सब बताते हुए राजू की मां फफक कर रो पड़ीं। बोलीं, ऊपर वाले ने जिस तरह हमारी शिवानी को लौटाया, वैसे ही वह शादी का कोई इंतजाम करेगा।
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दादी को आशंका, शिवानी को एक महीने के दौरान नशा दिया गया हो
शिवानी के परिवार ने बताया कि उन्हें अभी भी बच्चों की सुरक्षा का डर बना हुआ है। परिवार में तमाम बच्चे हैं, सुरक्षा के चलते हम बच्चों को अभी भी जंजीर से बांधकर रख रहे हैं। दोपहर के समय जब अमर उजाला की टीम शिवानी के परिवार में पहुंचीं तो सभी बच्चे खेल रहे थे लेकिन शिवानी अपनी दादी की गोद में सोई हुई थी। दादी ने बताया कि जब से शिवानी लौटी है, वह सिर्फ खाने पीने के लिए जग रही है या लघुशंका के लिए। आशंका जताई कि गायब होने के बाद बच्ची को एक महीने तक किसी तरह का नशा दिया जाता रहा हो। फिलहाल परिवार में बच्ची के वापस लौटने पर हंसी खुशी है। इस दौरान राजू के पिता के भी आंसू छलक आए।
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धनीपुर मंडी के बाहर से चोरी हुए रोहन के पिता निक्कू और मां काजल भी बच्चे के वापस लौटने पर बेहद खुश हैं। बच्चा 21 तारीख को तड़के चोरी किया गया था। उस समय बच्चा अपनी मां के पास सोया हुआ था। अब इन्होंने मन बनाया है कि रोहन व सभी परिवारों के अन्य बच्चों को अपने पैतृक गांव भेज देंगे। इनका मानना है कि यहां क्योंकि हमारे पास न तो कोई सुरक्षा का इंतजाम है और न अपना घर है। झोपड़ी में रहते हैं। यह परिवार दवा बेचने का काम करता है। ऐसे में आगे भी किसी भी तरह की कोई अनहोनी या बच्चे चोरी की घटना हो सकती है। रोहन परिवार के अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था और परिवार में खुशी की लहर है।
सनी को खुद से अलग नहीं होने दे रहीं कांताबाई
धनीपुर के पास रेंज हिल्स स्कूल के बाहर झोपड़ी डालकर लोहा पीटने का काम करने वाले सुरेश और कांताबाई के दो बच्चों में बड़ी बेटी चांदनी और छोटा सनी है। यह बच्चा भी 22 जून की रात को चोरी हुआ था। इसे खोजने के लिए परिवार तमाम जगह भटका। पुलिस के पास भी गया था। मगर कई दिन तक बच्चा न मिलने के बाद परिवार थक कर बैठ गया था। रविवार को जब पुलिस को खबर मिली कि आपका बच्चा मिल गया है तो इनकी खुशी का ठिकाना न था। क्योंकि सनी इकलौता बेटा है। बच्चा मिलने के बाद से कांताबाई बेहद खुश हैं और वह बच्चे को अपने से अलग नहीं होने दे रही हैं। परिवार बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। प्रयास किया जा रहा है बच्चों को किसी तरह अब सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।
मुरादाबाद पुलिस ने किया अलीगढ़ से संपर्क
अलीगढ़। बच्चा चोरी की घटना का खुलासा होने के बाद मुरादाबाद पुलिस ने भी अलीगढ़ की पुलिस से संपर्क किया है। मुरादाबाद जनपद से भी करीब आधा दर्जन बच्चे चोरी हुए हैं। पिछले कुछ माह में यहां से बच्चे चोरी किए गए हैं। यह बच्चे भी घुमंतू जाति के सड़क पर रहने वाले परिवारों के हैं और सभी बच्चों की उम्र 9 माह से लेकर 2 साल तक है। हालांकि अभी तक के खुलासे के अनुसार, मुरादाबाद से बच्चा चोरी करने की बात सामने नहीं आई हे। गिरोह ने सिर्फ 6 बच्चे चोरी करना स्वीकारा है। तीन अलीगढ़ से और तीन गाजियाबाद से चोरी किए थे। पुलिस का मानना है कि कहीं इस गैंग ने पूर्व में ये बच्चे चुरा कर बेच न दिए हों? इसको लेकर जेल भेजे गए आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ होगी। साथ में मुरादाबाद पुलिस भी जेल गए आरोपियों से बयान दर्ज कर सकती है और जो आरोपी अभी फरार हैं, उनसे भी गिरफ्तारी पर जानकारी मिल सकती है।
टेंपो बेचकर खरीदा था बच्चा, अब पति जेल गए... बच्चा भी गया: मनीषा
अलीगढ़। बच्चा खरीदने वाली महिला मनीषा पत्नी आकाश निवासी बाबा कॉलोनी धनीपुर का कहना है कि मेरे दो बेटे पहले हुए थे, जो किसी कारण अब इस दुनिया में नहीं हैं। बाद में 4 बेटियां हुईं। बेटियों की जिद के आगे मैं झुक गई और पिछले पांच साल से बेटा गोद लेने के लिए प्रयासरत थी। इसी बीच मोहल्ले में रहने वाली बच्चा चोर गिरोह की सरगना बबली से मुलाकात हुई। मैं यह नहीं जानती थी कि बबली चोरी करके बच्चे बेचती है। उसने बताया था कि अनाथालय में उसके अच्छे संपर्क हैं और वह बच्चा दिलवा देगी। इस बीच वह एक बच्चे को बंगाल की महिला को दिलवा चुकी थी। शुरुआत में बबली ने पांच लाख रुपये मांगे। बाद में वह 50 हजार पर आ गई।
दो माह पहले उसने धनीपुर से चोरी किया बच्चा अपने घर पर बुला कर दिखाया। बच्चा बेहद बीमार और कमजोर था। मैंने उसे 45 हजार रुपये में बबलू से गोद लिया। बबली ने उसे अपना बेटा बताया था। मैंने उसका इलाज कराया। कुआं पूजन से लेकर नामकरण संस्कार तक कराया। मायके वालों ने छोचक भी दिया। हमने बच्चे का नाम कार्तिक रखा। वह हमारी बेटियों के बीच घुल मिल गया था। पिछले दिनों पता चला कि यह बच्चा चोरी का है तो बबली से कहासुनी की। चूंकि मैंने अपना टेंपो बेचकर बच्चा खरीदा था तो बबली से बच्चा वापस कर रुपये मांगे थे। मगर मगर बबली ने रुपये खर्च हो जाने की बात कह कर यह कहा था कि अब बाद में रुपये दे देगी। मगर इसी बीच पुलिस ने कार्रवाई कर दी। मेरे साथ तो यह डकैती जैसी घटना है। रुपया गया, बच्चा गया और पति जेल चले गए। मेरी बेटियां रो रही हैं। समाज में बेइज्जती झेलनी पड़ रही है।